खुले में मांस-मछली की बिक्री पर रोक लगाने विहिप-बजरंग दल का आंदोलन आज

नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जताएंगे नाराजगी, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के बावजूद शहर एवं बाहरी क्षेत्रों में खुलेआम मांस-मछली की बिक्री जारी रहने से विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने नगर निगम प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई है । संगठन द्वारा पूर्व में नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर खुले में संचालित मांस-मछली की दुकानों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई थी । मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के चलते विहिप-बजरंग दल आज आंदोलन कर निगम प्रशासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करेगा ।
*कई प्रमुख स्थानों पर खुले में कारोबार*
संगठन का आरोप है कि शहर के मिशन चौक क्षेत्र, बरगवां में सड़क किनारे खुले में मछली की बिक्री, लखेरा क्षेत्र, तिलक कॉलेज मोड़ सहित कई अन्य स्थानों पर खुलेआम मांस-मछली का कारोबार संचालित हो रहा है । इसके कारण आसपास के क्षेत्रों में गंदगी और दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
*जनस्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल प्रभाव*
विहिप प्रांत सह संयोजक राहुल दुबे ने बताया कि खुले में मांस-मछली की बिक्री से फैलने वाली गंदगी और दुर्गंध के कारण जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । स्थानीय लोगों को सांस लेने में परेशानी, अस्थमा और बार-बार छींक आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह का कारोबार नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है ।
*एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो उग्र आंदोलन*
विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि ज्ञापन में उल्लेखित स्थानों सहित शहर के अन्य क्षेत्रों में खुले में मांस-मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए । संगठन आज आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाएगा ।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर खुले में मांस-मछली की बिक्री बंद कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो विहिप-बजरंग दल उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा । संगठन ने नगर निगम प्रशासन से जनस्वास्थ्य, स्वच्छता एवं नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है ।



