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Today Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 08 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 08 जनवरी 2026
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-

मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
*मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥ ☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति) *गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
*गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है । *गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
*इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है । 🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल* 🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352_

✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – गुरुवार माघ माह के कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि 07:05 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथी स्वामी – षष्ठी के देता हैं कार्तिकेय। इस तिथि में कार्तिकेय की पूजा करने से मनुष्य श्रेष्ठ मेधावी, रूपवान, दीर्घायु और कीर्ति को बढ़ाने वाला हो जाता है। यह यशप्रदा अर्थात सिद्धि देने वाली तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 12:24 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी शुक्र ग्रह हैं। जबकि इसके देवता भग हैं, जो धन, सौभाग्य और विवाह के देवता माने जाते हैं
🔱 योग – सौभाग्य योग 05:25 PM तक, उसके बाद शोभन योग
प्रथम करण गर 06:43 PM तक, बाद
द्वितीय करण : वणिज 07:05 AM तक, बाद विष्टि
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 09:45:00 से 11:10:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 2:00 से 3:25 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:55:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:25:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:26 ए एम से 06:21 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या – 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – 12:07 पी एम से 12:49 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त – 02:12 पी एम से 02:54 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:38 पी एम से 06:05 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या – 05:41 पी एम से 07:02 पी एम
💧 अमृत काल – 06:06 ए एम से 07:47 ए एम, जनवरी 09
🗣️ निशिता मुहूर्त – 12:01 ए एम से 12:55 ए एम, जनवरी 09
❄️ रवि योग – 12:24 पी एम से 07:15 ए एम, जनवरी 09
🚓 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शमी पूजन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/ रवि योग/ आडल योग/ विडाल योग/ स्वामी विवेकानंद जयन्ती/ हिन्दी साहित्यकार रामचंद्र वर्मा जन्म दिवस, निडर नादिया जन्म दिवस, आशापूर्णा देवी जयन्ती, साहित्यकार मोहन राकेश जन्म दिवस, भारतीय अभिनेत्री नंदा जयन्ती, धार्मिक व सामाजिक सुधारक केशव चंद्र सेन स्मृति दिवस, बिमल रॉय पुण्य तिथि, भारत सेवाश्रम संघ के स्वामी प्रणवानंदा महाराज स्मृति दिवस, स्वतंत्रता सेनानी गीता मुखर्जी जन्म दिवस, राष्ट्रीय पुरुष दर्शक दिवस, राष्ट्रीय चिकन स्नगल दिवस, राष्ट्रीय शीतकालीन त्वचा राहत दिवस, कार्यस्थल पर शो एंड टेल दिवस, अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस स्थापना दिवस, राष्ट्रीय युवा दिवस, राष्ट्रीय जॉयजर्म दिवस, पृथ्वी घूर्णन दिवस (Earth Rotation Day), टाइपिंग दिवस ✍🏼 *तिथि विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। इस षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय जी को बताया गया हैं। यह षष्ठी तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह षष्ठी तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🗽 Vastu taps_
बेडरूम का सही सेटअप रखेगा रिश्तों में मधुरता आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार बेडरूम का सही डिजाइन आपके रिश्तों, स्वास्थ्य और नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। बिस्तर को हमेशा ऐसी जगह रखें कि लेटे हुए आप दरवाजे को देख सकें, लेकिन दरवाजे के बिल्कुल सामने न हों। बिस्तर का सिरहाना मजबूत दीवार से सटा होना चाहिए। यह स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक है। बेड के नीचे सामान न रखें और कमरे में हल्के और सुकून देने वाले रंगों का इस्तेमाल करें। इससे प्रेम-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
*बाथरूम की दिशा से भी जुड़ी है ऊर्जा का प्रवाह फेंगशुई में बाथरूम को बहुत संवेदनशील स्थान माना गया है। दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिशा में बाथरूम बनाना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह धन और खुशियों की ऊर्जा को कम करता है। अगर आपका बाथरूम इन दिशाओं में है तो उसे हमेशा साफ रखें। टॉयलेट का ढक्कन बंद रखें और दरवाजा हमेशा बंद रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुकता है और घर में सौभाग्य बना रहता है। 🎯 *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ सरसों का तेल नाभि में सरसों के तेल के प्रयोग से घुटनों के दर्द और गठिया रोगों में भी राहत मिलती है. नाभि में सरसों के तेल की दो बूंदें नियमित सोने से पहले डालें, ऐसा करने से आपको जोड़ो में होने वाले दर्द की समस्या से निजात मिलता है. *नाभि में तेल लगाने के फायदे रात में नाभि में तेल लगाने से आपकी त्वचा सुखी और परतदार नहीं रहती हैं. त्वचा को मॉइस्चराइजर करने के लिए अपनी नाभि पर तेल लगाए और इसे हल्के हाथों से मालिश करें, अपनी त्वचा को मॉइस्चराइजर करने का यह बहुत ही आसान तरीका हैं. इससे आपकी त्वचा नर्म हो जाती हैं और त्वचा का सूखापन भी खत्म हो जाता हैं.
*दाग धब्बों और कील मुहांसों से दिलाता है निजात- आप स्किन पर होने वाले मुहासों से परेशान हैं तो नाभि में तेल लगाने से राहत मिल सकती है. *त्वचा में निखार आता है- तेल नाभि के लिए काफी फायदेमंद होता है, यह आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाता है.
फटे होंठों से मिलता है निजात – त्वचा को मॉइस्चराइज करने और होंठ को नरम और सॉफ्ट रखने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है रात में नाभि पर तेल लगाना.
*जोड़ो में दर्द से आराम- नाभि में सरसों के तेल की दो बूंदें नियमित सोने से पहले डालें, ऐसा करने से आपको जोड़ों में होने वाले दर्द की समस्या से निजात मिलती है. 🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
कब्ज की समस्या को दूर करता है – अंजीर खाने से कब्ज की समस्या जिनको होती है। वह दूर हो सकती है। रात को किसी कांच के बर्तन में 4 से 5 अंजीर धूल कर के साफ पानी में भीगा ले। फिर सुबह उसे निकाल कर के खा लें। और उसमे का जो पानी होता है वह पी लें। ऐसा करने से अगले दिन कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। और पेट अच्छे से साफ हो जाता है।
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अगर जिन लोगों को अक्सर ही कब्ज की समस्या बनी रहती है। उन लोगों को 10 से 15 दिन लगातार करने से यह समस्या दूर हो जाती है। और पाचन तंत्र मजबूत हो जाता है। पाचन जिसका गड़बड़ होता है। उनको ही कब्ज की समस्या अक्सर करके उत्पन्न होती है। पाचन अच्छे से ना हो पाने के कारण कब्ज की समस्या उत्पन्न होती है। इसलिए पाचन को मजबूत करने के लिए अंजीर खाना फायदेमंद होता है।
📗 *गुरु भक्ति योग* 🕯️
देवर्षि नारद अपने शिष्य तुम्बरू के साथ कहीं जा रहे थे, गर्मियों के दिन थे,एक प्याऊ से उन्होंने पानी पिया और पीपल के पेड़ की छाया मे जा बैठे,
*इतने मे एक कसाई वहाँ से 25-30 बकरो को लेकर गुजरा, उसमे से एक बकरा एक दुकान पर चढ़कर मोठ खाने लपक पड़ा, उस दुकान पर नाम लिखा था, शगालचंद सेठ,दुकानदार का बकरे पर ध्यान जाते ही उसने बकरे के कान पकड़कर दो-चार घूसे मार दिये, *बकरा ‘बैं बैं बैं बैं करने लगा और उसके मुँह मे से सारे मोठ गिर पड़े, फ़िर कसाई को बकरा पकड़ाते हुए कहा; जब इस बकरे को तू़ँ हलाल करेगा तो इसकी मुंडी मेरे को देना क्योंकि यह मेरे मोठ खा गया है
देवर्षि नारद ने जरा-सा ध्यान लगाकर देखा और जोर से हँस पड़े,तुम्बरू पूछने लगा;गुरुजी आप क्यों हँसे?उस बकरे को जब घूँसे पड़ रहे थे तब तो आप दुःखी हो गये थे_
*किंतु ध्यान करने के बाद आप हँस पड़े…इसमे क्या रहस्य है?नारद जी ने कहा; छोड़ो भी यह तो सब कर्मो का फल है छोड़ो,नही गुरुजी; कृपा करके बताइये, *इस दुकान पर जो नाम लिखा है, शगालचंद सेठ वह शगालचंद सेठ स्वयं यह बकरा होकर आया है, यह दुकानदार शगालचंद सेठ का ही पुत्र है, सेठ मर कर बकरा हुआ है और इस दुकान से अपना पुराना सम्बन्ध समझकर इस पर मोठ खाने गया,
*उसके बेटे ने ही उसको मारकर भगा दिया, मैंने देखा कि 30 बकरो मे से कोई दुकान पर नही गया फ़िर यह क्यों गया, इसलिए ध्यान करके देखा तो पता चला कि इसका पुराना सम्बंध था, *जिस बेटे के लिए शगालचंद सेठ ने इतना कमाया था,वही बेटा मोठ के चार दाने भी नही खाने देता, और गलती से खा लिये है तो मुंडी माँग रहा है पिता की, इसलिए कर्म की गति और मनुष्य के मोह पर मुझे हँसी आ रही है, कि अपने-अपने कर्मो का फल तो प्रत्येक प्राणी को भोगना ही पड़ता है, और इस जन्म के रिश्ते नाते मृत्यु के साथ ही मिट जाते है, कोई काम नही आता…..
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⚜️ *_षष्ठी तिथि आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो षष्ठी तिथि को भगवान कार्तिकेय स्वामी का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी भी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि को सायंकाल के समय में किसी भी शिवमन्दिर में षण्मुख के नाम से छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं। साथ ही सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती हैं।

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