मध्य प्रदेश

बिजली सुरक्षा की दृष्टि से सावधानियाँ जरूर बरतें, गर्मी में बिजली उपकरणों का उपयोग में लोग सावधानी दिखाएं

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । पिछले एक माह से नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में आए दिन विद्युत सप्लाई बहुत ज्यादा बाधित होने से कई -कई घण्टे अंधेरा रहता है। लोगों का गुस्सा विभाग पर टूटता है ।
विद्युत व्यवस्था बाधित न हो और किसी प्रकार की जनहानि ना हो इसको लेकर विभाग द्वारा नागरिकों को एडवाइजरी जारी की गई है कि किस तरह से सावधानी बरत कर वह अनहोनी से बच सकते हैं। क्योंकि पिछली बार वर्षा काल में कुछ घटनाएं होने से इस बार विभाग द्वारा सतर्कता बरती जा रही है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक प्रबंधक संपतराम उईके ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में विद्युत संबंधी उपकरणों के प्रचालन में अतिरिक्त सावधानी बरतें। कंपनी ने ग्रामीण के जेई संपतराम उईके का कहना है कि अनावश्यक विद्युत लाइनों, उपकरणों एवं खंभों से छेड़खानी करना जान पर भारी पड़ सकता है।, वहीं विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत ऐसा करना दण्डनीय अपराध है।
बिजली के उपकरणों, केबल से जरा-सी असावधानी या छेड़खानी करने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं। ऐसी लाइनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है यदि ऑंधी तूफान या अन्य किसी कारण से नीचे आ गई हैं तो उन्हें अकस्मात् छूकर खतरा मोल न लें। यदि लाइन टूट गई है तो इसकी सूचना शीघ्र ही निकटस्थ बिजली कंपनी के अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को दें। जब तक कोई नहीं आता है, तब तक वहां निगरानी रखें।ताकि अंजाने में कोई अन्य व्यक्ति टूटे तार को छुए नहीं।विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि नये घर बनाते समय विद्युत पारेषण अथवा वितरण लाइन से समुचित दूरी रखें। यह कानून की दृष्टि से भी आवश्यक है। उचित फासले के विषय में स्थानीय बिजली कंपनी के अधिकारी से सलाह जरूर लें ताकि सुरक्षा बनी रहे।
विशेष रूप से खेतों खलिहानों में ऊँची-ऊँची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियॉं, झोपड़ी, मकान अथवा तंबू आदि विद्युत लाइनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। विद्युत लाइनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊँची भरी हुई गाड़ियॉं न निकालें, इससे आग लगने एवं प्राण जाने का खतरा है। बिजली के तारों पर कपड़े आदि डालना दुर्घटना को निमंत्रण देना है। अपने खेत खलिहान पर या संपत्ति की सुरक्षा हेतु अवरोधक तारों (फेन्सिंग वायर्स) में विद्युत प्रवाहित न करें। यह कानूनी अपराध भी है। इस प्रकार अवैध तरीके से विद्युत का उपयोग करने वालों पर कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। बिजली के खंभों या स्टे-वायर से जानवर आदि न बांधे और न ही इससे जानवरों को रगड़ने दें। जनधन की हानि हो सकती है।
इधर नागरिकों ने आरोप लगाया है कि नगर के सभी 18 वार्डों में जगह-जगह विद्युत पोलों से निकली विद्युत लाइन का ऐसा जाल फैला है कि कभी भी नगर में कोई गंभीर हादसा घटित हो सकता है। इसको व्यवस्थित करने के लिए नगर पालिका परिषद सहित नागरिकों द्वारा लगातार मांग की जा रही है। लेकिन अभी तक व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है।

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