मनरेगा में मजदूरों के हक पर डाका डाल रहे सरपंच सचिव, मशीनों से कराया काम अब फर्जी मस्टरोल भर निकाली जा रही राशि

जनपद दमोह की ग्राम पंचायत खड़ेरा का मामला
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । दमोह जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खड़ेरा मे मनरेगा योजना निर्माण कार्य मशीनों निर्माण मजदूरों का हक छीना जा रहा है। मजदूरों को पंचायत स्तर पर मजदूरी मिल सके जिससे केंद्र सरकार योजना ग्रामीण क्षेत्र मजदूरों काम मिले मनरेगा योजना मशीनों से निर्माण कार्य किया जा रहा हैं। मजदूर काम की तलाश में इदर उदर भटकना पड रहा है केंद्र सरकार उद्देश्य के साथ रोजगार गारंटी मनरेगा योजना सरकार ने लागू की है। वही दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने भी मनरेगा योजना में किसी भी प्रकार की मशीन का उपयोग नहीं करने के सख्त निर्देश दिए थे,लेकिन अधिकारी कर्मचारी सरकार के साथ साथ जिला कलेक्टर के मंसूबे पर भी पानी फेर रहे है। ग्राम पंचायत खड़ेरा में मनरेगा योजना के तहत लगभग 9.96 लाख की से यशवंत अठया के खेत के पास परकुलेशन टैंक स्वीकृत हुआ था,जिसका निर्माण कार्य 15 जून से पहले करने के लिए सरपंच सचिव ने जेसीबी मशीन से परकुलेशन टैंक का निर्माण करा दिया और अब समतलीकरण करने के लिए कुछ मजदूर लगाकर सैकड़ों मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजरी डालकर मस्टर डाले जाने लगे है,यहां तक की समतलीकरण कार्य में भी ट्रेक्टर का उपयोग किया गया है, जबकि मनरेगा में किसी भी प्रकार की मशीन का उपयोग करना पूर्णत प्रतिबंधित है। इसी तरह उपयंत्री की मिलीभगत से गेवियन निर्माण एवं खकरी निर्माण कार्य की ब्लर फोटो एनएमएमएस पोर्टल पर अपलोड कर सैकड़ों मजदूरों के नाम पर फर्जी हाजरी डालकर शासन की राशि का बंदरबाट किया जा रहा है, जबकि गेवियन एवं खकरी निर्माण कार्य मे मजदूर कार्य करते नही दिखाई दिए। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में मनरेगा के अनेक निर्माण कार्य मशीनों से कराए जाते है और कई निर्माण कार्य तो धरातल पर कराए बिना ही राशि निकाल ली जाती है। वही दूसरी तरफ मजदूर मजदूरी के लिए यहां वहां भटकने मजबूर है और उनके सामने रोजी रोटी का संकट है। उपयंत्री की मिलीभगत से निर्माण एंजेसी सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक मशीनों से काम करा कर फर्जी मस्टर रोल बनाकर राशि निकाल रहे है। ऐसा भी नहीं है कि इसकी जानकारी अधिकारियों को न हो लेकिन कमीशन खोरी के चलते सब मौन है।
इस संबंध में उपयंत्री प्रदीप अहिरवार का कहना हैं कि परकुलेशन का निर्माण कार्य कब हुआ, मुझे तो अभी इसकी भी जानकारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब उपयंत्री को निर्माण कार्य की जानकारी ही नही है, तो क्या फिर निर्माण कार्य की बिना जांच किए मूल्यांकन जनपद में बैठे बैठे ही किया जा रहा है।
इस संबंध में पूनम दुबे सीईओ जनपद दमोह का कहना है कि मनरेगा में मशीन का उपयोग करना पूर्णत प्रतिबंधित है, अगर ग्राम पंचायत खड़ेरा में परकुलेशन टैंक निर्माण कार्य में मशीन का उपयोग किया गया है, तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।



