रिलॉन्च ऑटोमेटिक मिसाइल यानी प्रोजेक्ट राम पर प्रखर का कार्य जारी

रिपोर्टर : मनीष यादव
पलेरा : युवा वैज्ञानिक और एयरो एक्स स्पेस टेक्नोलॉजी के संस्थापक प्रखर विश्वकर्मा ने इसरो जाकर अपने प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने इसरो बंगलौर में और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बंगलौर में जाकर अपने प्रोजेक्ट पर व्याख्यान दिया। अभी कुछ दिन पहले ही प्रखर को इसरो से लेटर प्राप्त हुआ था और कई प्राइवेट कंपनियों से भी लेटर आ चुके हैं। प्रखर का कहना है कि वे अब इसरो और डीआरडीओ के साथ मिलकर ही अपने मिसाइल सिस्टम को आगे बढ़ाएंगे। प्रखर ने बताया कि उनको कई इजरायल कम्पनियां भी सपोर्ट कर रहीं हैं लेकिन वो अपने मिसाइल सिस्टम को देश में रहकर ही बनाना चाहते हैं। प्रखर ने बंगलौर में इसरो, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड आदि संस्थानों से बातचीत की। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने ग्राम लारौन के रहने वाले प्रखर विश्वकर्मा को अपना अंतरिक्ष प्रशिक्षक के रूप में चुना था। इसरो ने खुद प्रखर को भारतीय डाक सेवा के माध्यम से एक लेटर भेजा जिसमें उसके नए अवसर का विवरण है। इसरो ने इस साल पूरे देश भर से कुल 20 लोगों को ये नई उपलब्धि दी है । प्रखर की इस नई उपलब्धि को आप इसरो की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी देख सकते हैं । प्रखर विश्वकर्मा कुछ दिन पहले ही वैमनिकी शिखर सम्मेलन में दिल्ली के एयरोसिटी में शामिल हुए जहां दुबई की कई विमानन कंपनियों ने उनसे चर्चा की और उनको कुछ तौहफे भी दिए । प्रखर विश्वकर्मा पिछले 6 वर्षों से खगोल विज्ञान और रक्षा के क्षेत्र में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहें हैं । प्रखर रोजाना 600 से 700 बच्चों को बिना फीस के ऑनलाइन माध्यम से ट्यूशन देते हैं। प्रखर को कई बड़े संस्थान जैसे इसरो, नासा, यूरोपीयन स्पेस एजेंसी व म.प्र. शासन से भी सम्मानित हो चुके हैं। वे वर्तमान में अपनी रिलॉन्च ऑटोमैटिक मिसाइल यानी प्रोजेक्ट “राम” पर कार्य कर रहे हैं।



