मध्य प्रदेश

पंचायत भवनों से नदारद रहते हैं सचिव, ग्राम पंचायत की जनता हो रहीं परेशान

पचपेढ़ी ग्राम पंचायत का मामला
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
कटनी। मध्यप्रदेश के राजस्व कर्मचारियों की बात ही हैं निराली कभी साहब हो जाते हैं नदारद तो कभी इनके पटवारी। ताजा मामला 15 फरवरी दिन शनिवार को जिले की ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में देखने को मिला हैं। हमारी मीडिया टीम ने शनिवार को कुछ जिले से लगे हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जा कर राजस्व कार्य में पदस्थ अधिकारी कर्मचारी की जानकारी ली तो यहां कुछ अलग ही देखने और जानने को मिला। जिस प्रकार से जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश सरकार कार्यों की समीक्षा बैठक के साथ साथ बीसी के माध्यम से क्षेत्रों में हो रहे कार्यों की जानकारी पोर्टल में अपडेट कर रहा है। पर यहां तो शासकीय सेवा में पदस्थ
तीन तीन सचिव होने के बाद भी क्षेत्रीय जनता परेशान होती दिखाई दी। ग्राम पंचायत पचपेढ़ी में एक सील और साइन के लिए भटक रहे हैं। गरीब जनता एवं भोले भाले लोगों को कहता जाता हैं ये मेरा काम नहीं ,उन सचिव के पास जाओ ,,जब उनके पास जाओ तो वो कहते हैं,,ये मेरा काम नहीं उनके पास जाओ। यहीं कार्य में समय निकल जाता हैं।
मैडम तिवारी दिन में 12 बजे आती हैं और शाम 4 बजे बस के नंबर से अपने गांव चली जाती है। यहीं हालात इन साहब के हैं धनंजय मिश्रा सचिव कहते हैं कि मेरा रात में संगीत प्रोग्राम था में थक गया हूं।
ऑफिस टाइम में 3 में से एक भी सचिव कार्यालय में नहीं मिलते हैं। ग्राम में सर्वे या फिर सीईओ ऑफिस जाने का बहाना कर अपने घर को चले जाते हैं। जब शनिवार 15 फरवरी 2025 को तीनों सचिव की अनुपस्थित दिखी व कार्य दिवस पर छुट्टी मना रहे हैं। अब सवाल उठता है कि जब किसी भी प्रकार की सरकारी छुट्टी नहीं हैं। तो तीनों सचिव अपनी ड्यूटी कहा कर रहे हैं ये बड़ा सवाल विभाग के लिया लग रहा है?
पीड़ित परिवार व्यक्ति ने आप बीती – मीडिया की उपस्थिति के दौरान शिकायतकर्ता कई बार ग्राम कार्यालय आने के बाद भी उनके दस्तावेज में न तो सील लगीं न ही पटवारी द्वारा सिग्नेचर किए गए। पीड़ित व्यक्ति ग्राम वासी आशीष मिश्रा का कहना।
अब सवाल ये उठता है कि विभाग में पदस्थ शासकीय अधिकारी कर्मचारी कि जिम्मेदारी से कार्य कर रहे हैं या फिर वे अपने हिसाब से विभाग चला रहे हैं? बड़ा ही गंभीर विषय देखने को मिला। उच्च स्तरीय अधिकारी से यहां की आम जनता ने मांग रखी है कि इस ओर जरूर ध्यान दिया जाएं।

Related Articles

Back to top button