स्वच्छ भारत अभियान का मखौल उड़ाती नगर परिषद साईंखेड़ा

रिपोर्टर : कमलेश अवधिया
साईंखेड़ा । एक ओर देशभर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देश में नदियों एवं तलाब में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से जन-जागरूकता और स्वच्छता के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नरसिंहपुर जिले की नगर परिषद साईंखेड़ा पर दूधी नदी में कचरा एवं गंदगी डाले जाने के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं।
साईंखेड़ा की दूधी नदी केवल एक जलस्रोत ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक एवं सामाजिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। इसके बावजूद नदी में लगातार कचरा, पॉलिथीन एवं अन्य अपशिष्ट डाले जाने से नदी का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है और स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि नदी में पड़ी पॉलिथीन एवं कचरे को गौवंश द्वारा खाए जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे उनके बीमार होने तथा उनके जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न होने की आशंका है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, नदी के किनारे जमा कचरे को हटाने अथवा उचित स्थान पर ले जाने के बजाय नगर परिषद की जेसीबी मशीन के माध्यम से कचरे को दूधी नदी में डाले/बहाए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह न केवल नदी और पर्यावरण के लिए गंभीर विषय है, बल्कि स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन के नियमों की भी अनदेखी का मामला हो सकता है।
इस संबंध में वीडियो एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं, जिनमें नदी में कचरा एवं गंदगी की स्थिति दिखाई दे रही है।
प्रशासन से मांग
प्रशासन से मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दूधी नदी में कचरा डाले जाने की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए तथा यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की लापरवाही अथवा जिम्मेदारी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही दूधी नदी को कचरा मुक्त करने, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नदी में भविष्य में किसी भी प्रकार का कचरा न डाला जाए, इसके लिए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
दूधी नदी हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी प्राकृतिक धरोहर है।
इसे स्वच्छ रखना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है।



