ज्योतिष

आज का पंचांग आज का पंचांग मंगलवार, 05 मार्च 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 05 मार्च 2024

हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
⛈️ मास – फाल्गुन मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 08:04 AM तक उपरांत दशमी तिथि 06:31 AM तक उपरांत एकादशी
✏️ तिथि स्वामी : नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र मूल 03:59 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र का स्वामी केतु है। तथा राशि स्वामी गुरु है,
🔊 योग : सिद्धि योग 02:08 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
प्रथम करण : गर – 08:04 ए एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 07:23 पी एम तक विष्टि – 06:30 ए एम, मार्च 06 तक बव
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:12:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:48:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:03 ए एम से 05:52 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:28 ए एम से 06:42 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:09 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:21 पी एम से 06:46 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:24 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 09:42 ए एम से 11:16 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 06 से 12:57 ए एम, मार्च 06
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में सिन्दूर का चोला चढ़ाएं।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/मूल समाप्त, स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती’ श्री रामदास नवमी, देवीदास दत्तात्रेय वाडेकर पुण्य तिथि, गांधी-इरविन समझौता दिवस, शिवराज सिंह चौहान जन्म दिवस, भारत के प्रसिद्ध उद्यमिय जी.पी. बिड़ला पुण्य तिथि, निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस, अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस, झारखंड पार्टी स्थापना दिवस, राष्ट्रीय पोषण माह (1 से 31 मार्च), भूजल सप्ताह (5 से 11 मार्च)
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗼 Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आपके घर का दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण है। आदर्श रूप से, मुख्य प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर की ओर होना चाहिए, क्योंकि ये दिशाएँ सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी हैं। दक्षिण और पश्चिम दिशा की ओर बने प्रवेश द्वार अशुभ माने जाते हैं।
लिविंग रूम उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित होना चाहिए, क्योंकि इसे धन और समृद्धि का क्षेत्र माना जाता है। सुनिश्चित करें कि बैठने की व्यवस्था ऐसी हो कि वास्तु घरों में बैठते समय आपका और आपके मेहमानों का मुख उत्तर या पूर्व की ओर हो
रसोईघर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित होना चाहिए, क्योंकि यह दिशा अग्नि और ऊर्जा से संबंधित है। इससे वास्तु घर में तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। चूल्हा दक्षिण-पूर्व कोने में और रेफ्रिजरेटर उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए।
शयनकक्ष मास्टर बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में स्थित होना चाहिए और बिस्तर इस तरह रखा जाना चाहिए कि आप पूर्व या पश्चिम की ओर सिर करके सो सकें। उत्तर की ओर सिर करके सोने से बचें, क्योंकि यह दिशा नकारात्मकता से जुड़ी है।
स्नानघर बाथरूम उत्तर-पश्चिम दिशा में और शौचालय उत्तर-पश्चिम या उत्तर दिशा में होना चाहिए। सुनिश्चित करें कि बाथरूम अच्छी तरह हवादार हो और इस क्षेत्र में दर्पण लगाने से बचें।
प्रकाश वास्तु शास्त्र में प्राकृतिक रोशनी महत्वपूर्ण है, इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका वास्तु घर अच्छी रोशनी वाला हो, जिसमें पूर्व या उत्तर की ओर बहुत सारी खिड़कियां हों। खिड़कियों के सामने भारी फर्नीचर रखने से बचें, क्योंकि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
यदि पुत्र / पुत्री की पिता से न बन रही हो तो अमावस्या,या ग्रहण के दिन पुत्र / पुत्री पिता के जूतों से पुराने मोज़े निकाल कर उनमें बिलकुल नए मोज़े रख दे, ऐसा करने से दोनों के बीच चल रहा गतिरोध अवश्य ही दूर हो जाएगा।
यदि पुत्र / पुत्री रुष्ट है तो पिता प्रत्येक शनिवार को सुबह पीपल में मीठा जल एवं शाम को सरसों के तेल का दीपक जलायें या सरसों के तेल की धार अर्पित करें तो बहुत ही जल्दी पिता पुत्र / पुत्री के मध्य अवरोध ख़त्म हो जायेगा ।
शनिवार को पिता यदि अपने पुत्र / पुत्री को कोई भी नीले रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पुत्र / पुत्री का पिता से मतभेद समाप्त हो जाता है ।
पुत्र / पुत्री को नियमित रूप से गुड़,लाल फूल मिलाकर जल सूर्य देव को अर्पित करना चाहिए। पिता का स्नेह पुन: पुत्र / पुत्री पर बन जायेगा ।
रविवार को पुत्र / पुत्री यदि अपने पिता को कोई भी लाल रंग का उपहार दे तो अति शीघ्र पिता का पुत्र / पुत्री से विरोध ख़त्म हो जायेगा ।
🍂 आरोग्य संजीवनी 🍂
बालों के झड़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधियों की कमी भी है। नियमित रूप से कसरत या व्‍यायाम नहीं करने से हमारे अन्दर का रक्तसंचार कमज़ोर पड़ जाता है जिसकी वजह से उन छिद्रों को, जहाँ से बाल उगते हैं, ज़रुरत के हिसाब से पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते इससे बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और बाल गिरने लगते हैं।
बालों को गिरने से रोकने के लिए रोजाना कम से कम पन्द्रह मिनिट की कसरत अनिवार्य है।
नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।
हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है। आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है।
रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीने से हमारे रक्तसंचार में सुधार होता है हमारे अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है। हमारे बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं। पानी से हमारा वज़न भी कम हो जाता है। पानी हमारे बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
शिव पुराण 18 पुराणों में से एक है, जिसमें भगवान शिव की लीलाओं और कथाओं का वर्णन मिलता है। इस पुराण में शिव जी की महिमा को कथाओं के रूप में बताया गया है। ऐसे में यदि आप शिव पुराण का पाठ करते हैं तो इससे आपको अनगिनत लाभ मिल सकते हैं, लेकिन इसके कुछ जरूरी नियमों को भी जानना जरूरी है।
मिलते हैं ये लाभ शिव पुराण की कथा से संतानहीन लोगों सतांन की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही गंभीर रोगों से भी समस्त परिवार के मुक्ति मिलती है। शिव पुराण में इस बात का भी वर्णन मिलता है कि शिव पुराण के श्रवण करने वाले साधकों को शिवलोक में स्थान मिलता है। साथ ही यह भी माना गया है कि इस कथा को सुनने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
जरूर करें ये काम शिव पुराण की कथा का श्रवण करने से पहले संकल्प लें कि आप पूरे श्रद्धा भाव और शिव जी का ध्यान करते हुए कथा का श्रवण करेंगे। इसके साथ ही कथा के दौरान पूरे भक्ति भाव से कथा सुनें, क्योंकि ऐसा माना गया है कि मन में विश्वास न होने पर व्यक्ति को पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं हो सकती है। आप जब भी शिव पुराण की कथा आयोजन करें तो अपने सगे-संबंधियों को भी आमंत्रित करें ताकि जब इसका लाभ उठा सकें।
ध्यान रखें ये जरूरी नियम शिव पुराण की कथा कई दिनों तक चलती है। ऐसे में दिन के जितने समय आप कथा का श्रवण कर रहे हैं उस समय तक निराहार रहना चाहिए। साथ ही पाठ का संकल्प लेने वाले व्यक्ति को पाठ पूरा होने तक एक समय ही भोजन करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि भोजन सात्विक होना चाहिए। साथ ही संकल्प लेने वाले व्यक्ति को ब्रह्मचर्य का पालन भी जरूर करना चाहिए।
इन चीजों से करें परहेज आप जितने दिनों तक शिव पुराण की कथा श्रवण कर रहे हों उतने समय तक बासी भोजन, मसूर की दाल, गाजर, हींग, लहसुन, प्याज, सेम, मांस और शराब आदि के सेवन से परहेज करना चाहिए। वरना आपको कथा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होगा।
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

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