वन प्रांगण से सागौन चोरी, बम्होरी पाँजी डिपो में पूरी संख्याः झलौन रेंज में जब्ती पर सवाल

सागौन जब्ती में हेराफेरी का आरोप: झलौन वन परिक्षेत्र से चोरी, डिपो में दो दसरी सागौन सिल्लियां जमा
झलौन वन रेंज में सागौन जब्ती पर संदेह, जांच के घेरे में
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
तेंदूखेड़ा । उपवन मंडल अंतर्गत झलौन वन परिक्षेत्र में जब्त की गई सागौन की सिल्लियों को लेकर गंभीर अनियमितता का मामला मँगलवार को सामने आया है। वन परिक्षेत्र परिसर में जब्ती के रूप में रखी गई सागौन की सात सिल्लियों में से तीन दिन पूर्व दो सिल्लियां चोरी हो गईं यह चोरी है या वन कर्मियों की मिलीभगत से दो सिल्लियो को गोल कर दिया गया। जब इस संबंध में मीडिया को जानकारी मिली तो वन विभाग में हड़कंप मच गया।
मीडिया द्वारा जब वन परिक्षेत्र अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने प्रारंभ में दो सागौन सिल्लियों के चोरी होने की पुष्टि की। इसके बाद समाचार पत्रों द्वारा दमोह वन मंडल अधिकारी से चर्चा की गई, जिन्होंने स्पष्ट किया कि जब्ती का पूरा रिकॉर्ड होता है और यदि सिल्लियां चोरी हुई हैं तो जिनकी अभिरक्षा में थीं, उनसे वसूली की जाएगी।
इसके पश्चात लगभग 2 घंटे बाद ही झलौन वन विभाग हरकत में आया और मंगलवार को आनन फानन में ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से सागौन की सिल्लियों को तेंदूखेड़ा स्थित बम्हौरी पांजी काष्ठागार भेज दिया गया। किंतु सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब काष्ठागार में ट्रैक्टर-ट्रॉली पहुंची तो वहां पांच नहीं बल्कि पूरे सात सागौन की सिल्लियां उतारी गईं।
हैरानी की बात यह है कि काष्ठागार में रखी गई सात सिल्लियों में से दो सिल्लियां वे नहीं हैं जो पहले चोरी हुई थीं। इन दो सिल्लियों की गुलाई और मोटाई और नई एवं पुरानी में उसमें अंकित क्रमांक एवं साइज में में स्पष्ट अंतर है। सूत्रों के अनुसार, यह दो सिल्लियां कहां से कटी कटाई या पुरानी रखी रखाई पुरानी जप्ती की रखी दो सिल्लिया जिन्हें पांच में मिलाकर चालान बनाकर डिपो में जमा करवा दिया गया। यह गंभीर जांच का विषय है।
उल्लेखनीय है कि जब्ती के समय और डिपो पहुंचने के बाद की फोटो मीडिया के पास मौजूद हैं, जिनमें सिल्लियों का अंतर साफ नजर आता है।
इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मासीह से चर्चा की गई तो उन्होंने पहले टालमटोल किया, किंतु फोटो बारे में बताएं जाने पर उन्होंने कहा कि कहा कि जप्ती वनरक्षक द्वारा की गई थी और उन्हीं के द्वारा सिल्लियां जमा कराई गई हैं। वही आपको बता सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वनमंडल अधिकारी ईश्वर जलान्डे ने कहा कि यदि सिल्लियों में हेराफेरी की गई है तो यह गंभीर बात है जांच कराई जाएगी। सब जाँच में आ जाएगा जब भी कोई पीओआर काटा जाता है जो भी जप्तीनामा बनता है उसे पर लकड़ी की गुलाली, लंबाई, मोटाई सब रहती है कोई भी रिकॉर्ड में हेरफेर नहीं कर सकता यदि ऐसा हुआ है तो एसडीओ साहब के आने पर हम जांच करवाते हैं और ऐसा पाया जाएगा तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।



