मध्य प्रदेश

TET शिक्षक संघ ने उठाई मांग, अनिवार्यता पर पुनर्विचार को लेकर ज्ञापन सौंपा

रिपोर्टर : रीना विनोद मालवीय
गैरतगंज ।“TET शिक्षक संयुक्त मोर्चा ब्लॉक गैरतगंज द्वारा मध्यप्रदेश शासन को एक ज्ञापन सौंपकर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर पुनर्विचार की मांग की गई है।
ज्ञापन में बताया गया कि पूर्व में चयनित शिक्षकों के लिए बार-बार TET अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2005 से 2008 के बीच संविदा शाला शिक्षक एवं गुरूजी पदों पर नियुक्त शिक्षकों की चयन प्रक्रिया नियमों के तहत हुई थी और उन्होंने अपनी सेवाएं वर्षों से ईमानदारीपूर्वक दी हैं। ऐसे में 2011 के बाद लागू किए गए नए नियमों के तहत उन्हें दोबारा TET उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य करना अनुचित है।
संघ ने अपने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न आदेशों और NCTE (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि पहले से नियुक्त शिक्षकों की सेवाओं में इस प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा ज्ञापन में यह भी बताया गया कि राज्य में नियुक्त शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है, जिसके आधार पर वे वर्तमान में कार्यरत हैं। ऐसे में नई शर्तें लागू करना शिक्षकों के हितों के विपरीत है।
संघ ने शासन से मांग की है कि TET की अनिवार्यता को पुराने शिक्षकों के लिए समाप्त किया जाए और उनके अनुभव व सेवा को मान्यता दी जाए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रमुख सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय को भेजी गई है।

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