48 घंटों में मिला मृत अवस्था में तेन्दुए का शव, तेंदुओं की लगातार मौतों पर उनकी सुरक्षा पर उठने लगे सवाल
सीसीएफ रवींद्र कुमार सक्सेना डीएफओ अजय कुमार पांडेय ने किया दौरा
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। सामान्य वन मण्डल कार्यालय रायसेन के दीवानगंज पश्चमी वन परिक्षेत्र के ग्राम बहेड़िया में एक तेंदुए की निमोनिया से मौत के 28 घंटे बाद ही पूर्वी वनरेंज परिक्षेत्र के अमरावद के ग्राम सूरई वन बीट में दूसरा तेंदुआ मृत अवस्था में पड़ा मिला है। जिससे वन अमले में हड़कंप का माहौल बना हुआ है। लोगों के अनुसार सूरई बीट गार्ड शिवनारायण राय को पता ही नहीं चला कि उनकी बीट पर तेंदुआ मरा पड़ा है । इसी तरह डिप्टी रेंजर लल्लन सिंह चंदेल को भी मालूम नहीं था कि बहेड़िया के जंगल के समीप एक मादा तेंदुआ मरा पड़ा था। ग्रामवासियों की जानकारी के अनुसार तेंदुए की जानकारी वन अधिकारियों को हुई तब कहीं जाकर उसके शव का वन महकमे के अफसरों ने वेटनरी के डॉक्टरों की टीम से मृत तेंदुआ के शव का अमरावद नर्सरी परिसर में पोस्टमार्टम कराकर उसका दाह संस्कार किया गया। ग्राम वासियों के अनुसार सूरई बीट गार्ड शिवनारायण राय कभी भी अपनी बीट पर दिखाई नहीं देते हैं। उनकी लापरवाही के चलते तेंदुआ 10 दिन बाद मृत अवस्था में मिला। ऐसे में जंगलों में लगातार मृत अवस्था में मिले 24 घण्टे के भीतर दो तेंदुओं की मौतों ने उनकी सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। इससे तो साफ जाहिर होता है कि वन अमला सहित बीट गार्ड तेंदुओं की जान की सुरक्षा के प्रति सही जिम्मेदार निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तेंदुओं की मौत होने की वजह बीमारी के कारण बताई है।



