डेंगू से पीड़ित मजदूर की डॉक्टर ने बचाई जान
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । डॉक्टर्स को वैसे भी जान बचाने के फरिश्ते के रूप में देखा जाता है लेकिन जब कोई मरीज उपचार में ठीक नहीं हो पाता तो लोग डाक्टरों पर उंगलियां उठाने में पीछे नहीं रहते। लेकिन एक मजदूर 22 वर्षीय युवक को बचाने के लिए डॉक्टर ने अपनी पूरी ताकत लगा दी जबकि उस मरीज का इलाज भोपाल में किए जाने के लिए रेफर कर दिया गया था। युवक के स्वस्थ होने पर गरीब परिजन डॉक्टर के कृतग नजर आए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत के ग्राम जमुनिया जामशा निवासी शिवराज यादव का 22 वर्षीय पुत्र ऋषि राज यादव जो सूरत गुजरात फैक्ट्री में मजदूरी करता है वह दीपावली पर घर आया हुआ था तो उसके लिए बुखार आ गया गांव पर ही इलाज कराया गया लाभ नहीं होने पर उसे सिविल अस्पताल 5 नवंबर को अर्ध मूर्छित अवस्था में रात 10 बजे लेकर आए।
उसको बहुत उलटियां हो रही थी तेज बुखार था बीपी भी बहुत कम होने से सुप्तावस्था में था, डॉ बीएस शिल्पी ने मरीज की हिस्ट्री ली तो पता चला कि वह पिछले 1 हफ्ते से बीमार है और आज दिन मे बेहोश भी हो गया था । तब तत्काल डॉ बीएस शिल्पी द्वारा इलाज प्रारंभ किया गया, लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ। तत्पश्चात सुबह खून की जांच कराने का कहकर उसे भर्ती कर लिया गया? सुबह जांच से पता चला कि उसको डेंगू एवं मलेरिया दोनों है। उसका प्लेटलेट काउंट मात्र 18000 था। तब डॉक्टर द्वारा उसको बाहर ले जाने के लिए कहा गया। परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने डॉक्टर से बेगमगंज में ही उपचार करने का निवेदन किया जिस पर डॉ शिल्पी द्वारा रिस्क लेकर उसका इलाज जारी रखा, और उन्हें कामयाबी मिल गई 22 वर्षीय ऋषि राज पूरी तरह होश में आ गया और अब उसकी स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है । डॉक्टर की सहृदयता और लगन से उपचार करने पर एक गरीब मजदूर की जान बच गई। जिस पर मरीज के परिजन डॉक्टर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते नजर आए।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व एक युवक की डेंगू के कारण भोपाल के अस्पताल में मौत हो चुकी है जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग वैसे ही अलर्ट मोड पर है और फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है ऐसे में डेंगू का चिन्हित मरीज होने पर उसका सफलतापूर्वक इलाज किया गया और उसकी जान बचने पर लोगों ने डॉ बीएस शिल्पी की भूरी भूरी प्रशंसा की है।




