मध्य प्रदेश

रतनपुर चिकलोद सड़क पर 20 की जगह 12 एमएम बिछाया डामर, शोल्डर बनाए नहीं

जिम्मेदार ठेकेदार अधिकारियों को नहीं थमाए नोटिस
सडक़ निर्माण के शुरुआती तौर से ही घटिया सड़क निर्माण पर उठ रहीं उंगलियां

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । रतनपुर जोड़ से लेकर चिकलोद तक करीबन 40 किमी की डामर की सड़क का निर्माण वीआरएस सड़क इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी सूरत गुजरात के ठेकेदार को 55 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। इस सड़क की मंजूरी प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं सांची सीट विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी ने मंजूर कराया था। पैमत निवासी द्वारका पटेल, प्रकाश अहिरवार, किसान जागृति संगठन के प्रदेशाध्यक्ष व किसान नेता राजेन्द्र बाबू राय रज्जू भैय्या का कहना है कि यह सड़क शुरुआती दौर से ही बनाई जा रही है। गुवत्ताहीन बनाई जा रही सड़क की मॉनिटरिंग तक नहीं की जा रही। जिससे ठेकेदार के हौसले बुलंद हैं। ठेकेदार मनमानी तरीके से घटिया सड़क पुलियाओं का निर्माण करवा रहा है। जिससे कुछ सालों बाद ही करोड़ों की सड़क मटियामेट होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। लंबे अरसे बाद सड़क मंजूर हुई है।
रतनपुर चिकलोद रोड जिसकी ठीक तरह से फिनिशिंग नहीं हुई। कुछ स्थानों पर सड़क घटिया स्तर की बनाई जा चुकी है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा संभाग में बनाई जा रही विभिन्न सड़कों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। खामियां मिलने के बाद प्रमुख सचिव के निर्देश पर मुख्य अभियंता एक ईई, एक एसडीओ और दो उपयंत्री सहित ठेकेदार को नोटिस तक नहीं दिया गया है।जबकि लोनिवि के ईई किशन वर्मा ने समय पर काम पूरा न करने व गुणवत्ताहीन अव्यवस्थित तरीके से काम करने पर 4 ठेकेदारों को भी ब्लैक लिस्ट किया गया है।
रतनपुर भोपाल रोड से लेकर पैमत तक के बने 18 किमी के एप्रोच मार्ग के निर्माण में गड़बड़ियां मिली हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क में मानक से कम मिला डामर
इस रोड के निर्माण में डामर बिछाने में भ्रष्टाचार होने का अंदेशा है। जब मीडियाकर्मियों की टीम ने जब इस रोड की पड़ताल की तो सामने आया कि रोड पर मानक अनुसार डामर नहीं बिछाया गया। रोड पर 20 एमएम मोटी डामर की लेयर बिछाई जाना थी लेकिन रोड पर 11 से 12 एमएम मोटी ही डामर की लेयर बिछाई गई।
डामर ठीक से न डालने पर रोड की गुणवत्ता ठीक नहीं है और वह जल्द ही उखड़ जाएगी। जांच में इस रोड पर गड़बड़ी मिलने पर मुख्य अभियंता ने ठेकेदार व को नोटिस देकर जवाब मांगना तक मुनासिब नहीं समझा है।
सबग्रेड नहीं किया, पुल-पुलिया की सीसी में फिनिशिंग नहीं….
रतनपुर से लेकर चिकलोद तक 40 किलोमीटर लंबी इस सड़क में कई गड़बड़ियां हैं। पुल-पुलिया के निर्माण में सीसी की फिनिशिंग नहीं की गई। रोड के अंत में जंक्शन पर करीब 100 मीटर में डीबीएम का कम्प्रेशन नहीं किया। कल्वर्ट के लिए फेस-वॉल की ऊंचाई एक समान नहीं रखी गई। चैनेज 1100 से 12500 के बीच सड़क को देखने में ऐसा लग रहा है जैसे सबग्रेड का कार्य किया ही न गया हो। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर व एसडीओ ने रोड निर्माण के समय गुणवत्ता का ध्यान भी नहीं रखा।हालांकि इस रोड का निर्माण चिकलोद बर्रूखार बनछोड डैम के समीप जंगल कुछ हिस्सों में अभी चल ही रहा है। ये गड़बड़ियां मिलने पर भी जिम्मेदारों ने जांच कर ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस मार्ग पर हाई शोल्डर नहीं बनाए। वाटरिंग, रोलिंग और कम्प्रेशन नहीं किया। बीसी की मोटाई 30 एमएम के स्थान पर 27 एमएम पाई गई। कुछ जगह पर रोड में हार्ड शोल्डर बनाए बिना निर्माण पूर्ण बता दिया।

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