मध्य प्रदेश

जनपद पंचायत में खड़े कचरा वाहन खा रहे धूल, ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की उड़ रही धज्जियां, गंदगी का लगा अंबार

सिलवानी। शहरों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान के तहत कचरा वाहन घर-घर से कचरा इकट्ठा करने को लेकर लाखों रुपये कीमत कचरा वाहन उपलब्ध कराए गए है। ऐसे में ग्रामीणों में खुशी की लहर है थी कि कचरा वाहन मिलने से अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। लेकिन जनपद पंचायत के अधिकारियों की लापरवाही के चलते खरीदे गए कचरा वाहन जनपद पंचायत में खडे़ धूल खा रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तहसील के गांवों में धज्जियां उड़ाने का कार्य जिम्मेदारों द्वारा किया जा रहा है। सड़कों, गलियों में लगे गंदगी के ढेर व कचरे से लबालब भरी नालियां सफाई अभियान के दावे की कलई खोल रही है। सफाई व्यवस्था की नैतिक जिम्मेदारी संभालने वाली संस्था ग्राम पंचायत द्वारा सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। फलस्वरूप ग्रामीण गंदगी के बीच गुजर बसर करने को मजबूर हैं। लेकिन जनपद पंचायत में खड़े धूल खा रहे कचरा वाहन को ग्राम पंचायतों में भेजने की जगह जनपद पंचायत खडे़ हुए है। जिससे ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था चरमरा गई।
इस संबंध में रश्मि चौहान, सीईओ जनपद पंचायत का कहना है कि कुछ पंचायतें वाहन ले गई है, कुछ पंचायतों के पास साधन नहीं होने के कारण वाहन नहीं ले गई है।

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