अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ाई: मंडी में गेहूं की बंपर आवक,
हम्मालों की कमी के चलते व्यापारियों ने जेसीबी से डंपर में भरकर गोदाम तक ले गए उपज
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन शहर में किसानों को गेहूं के दाम गल्ला मंडी में समर्थन मूल्य से ऊंचे मिल रहे है। जिसके चलते जिले की सभी उप मंडी, कृषि उपज मंडियों में बंपर आवक हो रही है। जिला मुख्यालय की कृषि मंडी के हाल यह है कि व्यापारियों को किसानों से खरीदे गए गेहूं को अपने गोदामों तक पहुंचाने के लिए जेसीबी और डंपर का सहारा लेना पड़ रहा है।
उधर तपती गर्मी के बाद अचानक मौसम ने ली करवट ने किसानों के साथ साथ व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है। हजारों क्विंटल गेहूं मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।
उधर मंडी सचिव आरपी शर्मा ने बारिश की संभावना, हम्मालों की कमी व मंडी प्रांगण में रखे हजारों क्विंटल गेहूं का परिवहन नहीं होने के चलते 22 से 25 अप्रैल तक किसानों से उनकी उपज को विक्रय के लिए नहीं लाने को कहा है।
मार्च 1 अप्रैल के महीने में जिला मुख्यालय की गल्ला मंडी में सबसे अधिक गेहूं बेचने आया है, वहीं रायसेन की अनाज मंडी में सबसे कम गेहूं बिका है। मंडी से मिली जानकारी के अनुसार 1 मार्च से लेकर अब तक रायसेन की कृषि उपज मंडी में 480907, देवनगर में 255708, गैरतगंज में 391094 व सुल्तान पुर न में 142501 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है।
बीते 53 दिनों के भीतर जिले की गल्ला मंडियों में करीब 31 हजार किसानों से 1270210 मेट्रिक टन जो खरीदा जा चुका है। जिससे किसानों को करीब पौने तीन अरब की आय प्राप्त हुई है। गेहूं का विदेशों में एक्सपोर्ट होने के चलते राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों के बड़े व्यापारियों के ओर से हरदा से बड़ी मात्रा में गेहूं खरीदा जा रहा है।
मंडी में बंपर भर आवक सुनसान पड़े समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र…
शासन के ओर से किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी करने के लिए 99 केंद्र चिन्हित किए गए थे। जिनमें से मात्र 64 केंद्रीय शुरू किए गए हैं। वहीं 35 केंद्रों पर अब तक गेहूं का एक दाना नहीं खरीदा गया है। किसानों को मंडी में बिना किसी झंझट के अपनी उपज को समर्थन मूल्य ऊंचे दाम पर बेचकर नगदी भुगतान मिल रहा है।जिसके चलते मंडी में बंपर आवक हो रही है।



