मध्य प्रदेश

माझी समाज ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्टर : प्रशांत जोशी
देवरी । माझी समाज ने पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से मूल समाहित माझी जनजाति ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई को विलोपित कराये जाने की मांग को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा का वित कालीन रात्र 2023 में अतरांकित प्रश्न क्रमांक 1121 में पूछे गए प्रश्न एवं विभाग से संबंध में विषय एवं संदर्भ में लेख कर निवेदन है कि माह मार्च वित्तीय कालीन रात्र 2023 में अतरांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में आदिम जाति कल्याण मंत्री द्वारा स्वीकार्य किया गया है कि ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई ही मूल माझी जनजाति है जो कि विध्य प्रदेश की अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची वर्ग 1951 के क्रमांक 07 में माझी जनजाति में समाहित है वर्तमान में माझी जनजाति अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची के सरल क्रमांक 29 में सम्मिलित है । ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई मूल माझी समाज से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी उसको लागू की जाएं । तालाब, नदी, नाले आपका रहेगा आपने पहले कहा था पहला हक आपका रहेगा मछुआरों का अब तो अन्य लोग कब्जा करे हैं उन्हें हटाया जाए उनका पट्टा निरस्त किया जाए मछुआरों को पट्टा दिया जाए उनको हक उनको दिया जाए जो लोग दूसरे कब्जा किए हैं जनजाति एवं माझी जनजाति में समाहित होने के कारण अनुसूचित जनजाति की अधिसूचित सूची के सरल क्रमांक 29 की माझी जनजाति है मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग ने मूल माझी जनजाति ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई को पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 में सम्मिलित कर एक अनुसूचित जनजाति को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का कृत्य किया है। महोदय का ध्यान आकर्षित किया जाता है कि 29 अगस्त 1992 में माझी पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से माझी जाति को विलोपित किया गया था जबकि माझी जाति में समाहित मूल माझी जनजाति ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई वर्तमान में भी पिछड़ा वर्ग उक्त सूची में सम्मिलित है। प्रशासन से अनुरोध है कि मूल माझी जनजाति माझी जनजाति में समाहित ढीमर, केवट, मल्लाह, भोई को 1992 की भांति ही पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से यर्थाशीघ्र विलोपित कराये जाने की कृपा की जावे।

Related Articles

Back to top button