Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 18 अगस्त 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 18 अगस्त 2023
18 अगस्त 2023 दिन शुक्रवार को शुद्ध श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज धर्मसम्राट परम पूज्य स्वामी श्रीकरपात्री जी महाराज जी का जन्म जयन्ती है। आज श्रृंगार व्रत (सिंघारा) रोटकं व्रत भी कहा जाता है आज है। आप सभी सनातनियों को धर्मसम्राट परम पूज्य स्वामी श्रीकरपात्री जी महाराज जी के जन्म जयन्ती की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – श्रावण मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 08:01 PM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 10:57 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक्र है । नक्षत्र के देवता भग हैं। भग देवता को भोर का तारा या मॉर्निंग स्टार भी कहते हैं।
🔊 योग – शिव योग 08:27 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 06:48 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : कौलव – 08:01 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:19:49
🌅 सूर्यास्त – सायं 19:03:47
🎇 ब्रह्म मुहूर्त : 04:25 ए एम से 05:08 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:46 ए एम से 05:52 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:59 ए एम से 12:51 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:36 पी एम से 03:28 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:58 पी एम से 07:20 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 06:58 पी एम से 08:03 पी एम
💧 अमृत काल : 03:45 पी एम से 05:33 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:03 ए एम, अगस्त 19 से 12:47 ए एम, अगस्त 19
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में चांदी से बनी श्रंगार सामग्री चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सिंह संक्रान्ति/सौर भाद्रपद मास प्रारंभ/शुक्रोदय पूर्वे (पंचांग भेद), धर्मसम्राट परम पूज्य स्वामी श्रीकरपात्री जी महाराज जी जयन्ती, पंडित जवाहर लाल नेहरू की बहन विजयलक्ष्मी पंडित जन्मोत्सव, निर्देशक गुलज़ार उर्फ संपूर्ण सिंह कालरा जन्म दिवस, अभिनेत्री प्रीति झंगियानी जन्म दिवस, अफ़ग़ानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस, स्वतन्त्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस स्मृति दिवस, ए. बी. तारापोरे, परमवीर चक्र सम्मानित भारतीय सैनिक जयन्ती, मुस्लिम सफ़र मासारंभ
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षणदोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानीजाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रानाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्णपक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🗽 Vastu Tips 🗼
आचार्य श्री गोपी राम से जानिए कि घर में गमला रखने की सही दिशा क्या है। किस दिशा में गमला रखने से आपको लाभ मिलेगा। वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे ईशान कोण में मिट्टी के गमले रखने के फल के बारे में। हमने आपको बताया था कि ईशान कोण में, यानि उत्तर-पूर्व दिशा में। ईशान कोण, यानि उत्तर-पूर्व दिशा में मिट्टी के गमले लगाने से आपको जीवन में कभी अवरोध, यानि मुसीबतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगर फिलहाल कोई परेशानी आपके या परिवार के सदस्यों के जीवन में चल रही है तो वो भी जल्द ही दूर हो जाएगी।
साथ ही इस दिशा में मिट्टी के गमले अपने हाथों से लगाने पर या खुद से उनकी देखभाल करने पर आपके हाथ हष्ट- पुष्ट रहते हैं। इससे आपके हाथों की मजबूती बरकरार रहती है। साथ ही अगर आपके परिवार में कोई छोटा बेटा है तो उसके जीवन में भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी और आयेगी भी तो वो उन परेशानियों को सामने से हटाते हुए आगे बढ़ते जाएंगे।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
कच्चे केले के फायदे कच्चे केले में फाइबर के साथ विटामिन और मिनरल्स होते हैं, इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत रहता है और पेट संबंधी समस्याएं कम होती हैं। कच्चा केला आपके शरीर में ब्लड शुगर का लेवल भी कंट्रोल करता है। कच्चा केला हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है।
कच्चे केले की सब्जी के लिए सामग्री कच्चे केले की सब्जी बनाने के लिए आपको 3 कच्चे केले छोटे-छोटे टुकड़ों में कटे हुए चाहिए होंगे। इसके अलावा नारियल 2 बड़े चम्मच, जीरा आधा चम्मच, सरसों के बीज आधा चम्मच, लाल मिर्च एक चौथाई चम्मच, 5 से 6 करी पत्ता, हल्दी पाउडर आधा चम्मच, तेल 2 चम्मच और नमक स्वादानुसार चाहिए होगा।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
फैटी लिवर के गंभीर लक्षण अकारण कमजोरी और वेट लॉस फैटी लिवर की बीमारी में लिवर फंक्शन खराब होने से पेट का काम काज भी प्रभावित रहता है और इसलिए शरीर में न्यूट्रीएंट्स का अवशोषण सही से नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में आपका वजन तेजी से कम होने लगता है। तो, अगर आज लगातार पतले हो रहे हैं, कमजोरी रहती है और इसके पीछे कोई खास कारण समझ नहीं आ रहा है तो डॉक्टर को दिखाएं, ये फैटी लिवर का लक्षण हो सकता है।
राइट साइड की पसलियों में दर्द
राइट साइड की पसलियों में दर्द, लिवर की बीमारी से जुड़ा हुआ हो सकता है। दरअसल, लिवर पेट के ऊपरी साइड में पसलियों के अंदर होता है। जब फैटी लिवर की समस्या होती है तो शरीर के लिए टॉक्सिक पदार्थों को तोड़ना और फैट बर्न करने वाले बाइल जूस को बनाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में लिवर का दर्द और बढ़ता है और ये हमारी पसलियों में महसूस हो सकता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का मंत्र श्री हनुमान मंत्र , घर में नकारात्मक ऊर्जा भगाने के उपाय ,कौन सा मंत्र जल्दी सिद्ध होता है ? घर की नेगेटिव एनर्जी दूर करने के कुछ सरल उपाय ,नकारात्मक शक्ति को कैसे दूर करें? कैसे पता करें , घर में नकारात्मक ऊर्जा है ?
ये क्या काम करती हैं, दिमाग घुमा के रखती है ,जिस रास्ते जाना है उसपर चलने ही नहीं देती , कोई काम नहीं बनता ,कुछ ना कुछ उल्टा ही होता है |
आय का स्त्रोत बंद होना ,और आय का नया रास्ता ना मिलना आम बात है , घर में बरकत न होना ,हरी बीमारी और फालतू खर्चे होना | इनसारी समस्याओं और परेशानी का कारण नकारात्मक ऊर्जा है ।
इस कलयुग मैं देवताओं में बजरंगी बली ही ऐसे देवता हैं, जो अपने भक्तों पर बहुत जल्दी प्रसन्न होते हैं | छोटे- छोटे उपायों व मंत्रों से हनुमान जी प्रसन्न हो जाते हैं।
हनुमान जी का आशीर्वाद मिल गया तो समझो सारे काम बन गए। इनकी पूजा से काले जादू, आर्थिक, स्वास्थ्य, नकारात्मक ऊर्जा और शत्रुओं का नाश एवं डर संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
संकट कटै मिटै सब पीरा । जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥
हनुमानजी को प्रसन्न को करने का सर्वाधिक लोकप्रिय उपाय है ,हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन सुबह करना ।
हनुमान जी के आशीर्वाद से सभी बिगड़े काम चुटकी में पूरे हो जाते हैं। घर में सुख समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है
भगवान श्री राम ने अपने भक्तों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए हनुमान जी को पृथ्वी लोकपर ही वास करने को कहा था। तभी से हनुमान जी इस कलियुग में सदा सहाय साबित हुए हैं। हनुमान जी अपने भक्तों के भक्तिभाव और प्रेमभाव से अतिशीघ्र प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं |
आप भी भगवान हनुमान के भक्त हैं, तो हनुमान जी का ये मंत्र सिर्फ आपके लिए है। यदि आप शनिवार को हनुमान मंदिर जाते समय मार्ग में इस मंत्र का उच्चारण करते हुए जाते हैं , तो यह मंत्र सबसे अच्छा काम करता है।
👉🏽 ये है हनुमान भक्त मंत्र
अंजनीगर्भित संभूत कपूर
रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमं रक्ष सर्वदा॥
अर्थात – मैं हनुमान की शरण लेता हूं , जो माता अंजनी के गर्भ से उत्पन्न हुए थे, और जो राजा सुग्रीव के सबसे उत्कृष्ट मंत्री थे। जो श्री राम को अत्यंत प्रिय हैं; मैं आपको नमन करता हूं, हे हनुमान, कृपया मेरी हमेशा रक्षा करें।
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीया तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उस व्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकर आमतौर पर खुश नहीं होता, बल्कि उनके प्रति ग़लत विचार रखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं। इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुत ही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। ये परायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हें अपमानित भी होना पड़ता है।

