बाघ की दहशत, ड्रोन कैमरा, डॉग स्क्वायड टीम सहित बाघ को पकड़ने रखा पिंजरा
बरेली क्षेत्र में वन विभाग अलर्ट, लोगों से सावधान रहने की अपील
रिपोर्टर : मधुर राय
बरेली । बरेली में 29 अक्टूबर से क्षेत्र के ग्राम दिमाडा में बाघ के मूवमेंट के कारण लोगों में डर और दहशत का माहौल है। हालांकि 2 दिनों से वन विभाग की ओर से बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जिसको लेकर वन विभाग के 6 रेंजों के लगभग 100 वनकर्मी चप्पे-चप्पे की तलाश कर रहे हैं।
इस दौरान खोजी कुत्ता, ड्रोन कैमरा और पिंजरे की मदद ली जा रही है। पिंजरा गोहिया नाले के पास रखा गया है, पिंजरे में बकरी को बांधा गया है, जहां कुछ दिनों पहले बाघ ने जंगली सूअर का शिकार किया था।
बाड़ी, बमहोरी, सुल्तानपुर, चिलवाह, विनेका आदि से रेंजों के लगभग 100 वनकर्मियों के साथ ग्राम दिमाडा के आसपास बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
बाघ के मूवमेंट से किसान खेतो में अपनी फसल कटाने नहीं जा पा रहे, आसपास क्षेत्र के ग्रामीणों में पिछले पांच दिनों से भय का माहौल बना हुआ है।
रेंजर जितेंद्र तोमर ने बताया कि 29 अक्टूबर को बाघ का मूवमेंट इस क्षेत्र में देखा गया था, जिसने दो-तीन जानवरों का शिकार भी किया है। 3 नवंबर की सुबह ग्राम बाघ पिपरिया के पास भी बाघ के मूवमेंट की सूचना मिली थी, लेकिन आगे निकलने की जानकारी नहीं है।
बाड़ी रेंजर ए.एन ईवने ने बताया कि लगभग 100 वन कर्मियों की ओर से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है लेकिन अभी तक बाग के क्षेत्र में अब होने की कोई जानकारी नहीं है। हालांकि सतर्कता और एहतियात के तौर पर शिकारी पिंजरा रखा है। वन विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।



