धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शनिवार, 10 जनवरी 2026

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 10 जनवरी 2026
10 जनवरी 2026 दिन शनिवार को माघ मास के कृष्ण पक्ष कि सप्तमी तिथि है। आज सायं काल में प्रदोषकाल में कालाष्टमी का भी व्रत मनाया जाएगा। आज तिथि मत के अनुसार स्वामी विवेकानन्द जी की जन्म जयन्ती भी मनाया जाएगी। अपराह्न काल के उपरांत अष्टकाश्राद्ध भी आज ही किया जाएगा। आज मासाष्टक भी है। आज यायीजययोग और यमघंट योग भी है। आप सभी सनातनियों को “कालाष्टमी व्रत के पावन पर्व” की हार्दिक शुभकामनायें।।
शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ *
दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
*शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है । *शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
*शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए। *शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 *शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल*
👸🏻 शिवराज शक 352
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – माघ मास
🌓 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – शनिवार माघ माह के कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि 08:24 AM तक उपरांत अष्टमी
📝 तिथि स्वामी – अष्टमी के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है। इससे बंधन से मुक्त भी मिलती है। यह द्वंदवमयी तिथि हैं।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र हस्त 03:39 PM तक उपरांत चित्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – हस्त नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा हैं। जबकि इसकी राशि कन्या है और कन्या राशि का स्वामी बुध है।
⚜️ योग – अतिगण्ड योग 04:58 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग
प्रथम करण बव 08:24 AM तक, बाद
द्वितीय करण : बालव 09:18 PM तक, बादकौलव
🔥 गुलिक काल : – शनिवार को शुभ गुलिक प्रातः 6: 53 से 8:19 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा का दिकशूल होता है ।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से अदरक खाकर, घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सुबह – 9:44 से 11:09 तक।राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:54:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 03:24:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त – 05:27 ए एम से 06:21 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या – 05:54 ए एम से 07:15 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त – 12:08 पी एम से 12:50 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त – 02:13 पी एम से 02:55 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त – 05:39 पी एम से 06:07 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या – 05:42 पी एम से 07:03 पी एम
💧 अमृत काल – 09:10 ए एम से 10:54 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त – 12:02 ए एम से 12:56 ए एम, जनवरी 11
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सरसों का तेल चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – मासिक कृष्ण जन्माष्टमी/ आडल योग/ कालाष्टमी/ विश्व हिंदी दिवस, भारतीय अभिनेता ऋतिक रोशन जन्म दिवस, हिन्दी फिल्म निर्माता अल्लू अरविन्द जन्म दिवस, ऊर्जा लागत कम करने का राष्ट्रीय दिवस, रॉकफेलर ऑयस्टर दिवस, विलक्षण लोगों का राष्ट्रीय दिवस, शेयरधारक दिवस, लेखक पी. लक्ष्मीकांतम जन्म दिवस, साहित्यकार पद्मनारायण राय जन्म दिवस, बांसुरी वादक राकेश चौरसिया जन्म दिवस, पंडित रामदास कामत स्मृति दिवस, नेशनल बिटरस्वीट चॉकलेट डे, एयर डिफ़ेंस आर्टिलरी दिवस, अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म समारोह दिवस (10 दिवसीय) ✍🏼 *तिथि विशेष – अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🌷 Vastu tips 🌸
शुभ- अशुभ प्रभाव कैसे जानें
*महिलाओं की दाईं आंख का फड़कना अशुभ माना जाता है। यह मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या आने वाली कठिनाई का संकेत हो सकता है। *महिलाओं की बाईं आंख का फड़कना शुभ संकेत माना जाता है, जैसे जल्द ही कोई अच्छी खबर सुनने या कार्य में सफलता मिलने की संभावना।
*पुरुषों की दाईं आंख फड़कना शुभ शगुन होता है। यह संकेत देता है कि आपके जीवन में कुछ सकारात्मक घटनाएं हो सकती हैं। *पुरुषों की बाईं आंख का फड़कना बहुत ही ज्यादा अशुभ, जिस आने वाले समय में परेशानी या संघर्ष का संकेत माना जाता है।
*महिलाओं की दाईं भौंह फड़कना अशुभ संकेत जैसी कि आर्थिक नुकसान या किसी परेशानी का इशारा करती है। *महिलाओं की बाईं भौंह फड़कने को शुभ माना जाता है, जिसे धन लाभ और घर-परिवार से जुड़ी अच्छी खबर मिलने का संकेत माना जाता है।
*पुरुषों की दाईं भौंह फड़कना शुभ होता है, जैसे धन लाभ, मान-सम्मान में वृद्धि और अच्छे समाचार का संकेत। *पुरुषों की बाईं भौंह का फड़कना अशुभ संकेत जैसे धन संबंधी परेशानियों की संभावना मानी जाती है।
*दाईं हथेली में खुजली होना शुभ, जल्दी धन लाभ होने और अप्रत्याशित लाभ प्राप्त होने का संकेत है। *बाईं हथेली में खुजली होना अशुभ, खर्चों में वृद्धि या वित्तीय समस्याओं का संकेत मानी जाती है।
*हाथ से चीज गिरने या टूटने का संकेत शकुन आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार, अगर हाथ से कांच या कोई चीज टूट जाए तो यह शुभ संकेत माना जाता है। इसका मतलब है कि भविष्य में किसी बड़े संकट या परेशानी से बचाव हो गया है। हालांकि टूटे हुए कांच को तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए, क्योंकि घर में रखना अशुभ माना जाता है। ❇️ *जीवनोपयोगी कुंजियां* ⚜️ बड़ी इलायची को पीसकर मस्तिष्क पर लेप करने से एवं बीजों को पीसकर सूंघने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है *बड़ी इलायची को पीसकर शहद में मिलाकर छालों पर लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं |
*यदि दांत में दर्द हो रहा हो तो बड़ी इलायची और लौंग के तेल को बराबर-बराबर मात्रा में लेकर पीड़ायुक्त दांत पर लगाएं ,दर्द में शांति मिलेगी | *यदि अधिक थूक या लार आती हो तो बड़ी इलायची और सुपारी को बराबर-बराबर पीसकर ,2-3 ग्राम की मात्रा में लेकर चूसते रहने से यह कष्ट दूर हो जाता है
*पांच से दस बूँद बड़ी इलायची तेल में मिश्री मिलाकर नियमित सेवन करने से दमा में लाभ होता है *दो ग्राम सौंफ के साथ बड़ी इलायची के 8-10 बीजों का सेवन करने से पाचन शक्ति बढ़ती है
*एक ग्राम बड़ी इलायची बीज चूर्ण को दस ग्राम बेलगिरी के साथ मिलाकर प्रातः सायं सेवन करने से दस्तों में लाभ होता है *पिसी हुई राई के साथ बड़ी इलायची चूर्ण मिलाकर 2-3 ग्राम की मात्रा में नियमित सेवन करने से लीवर सम्बंधित रोगों में लाभ होता है |
🩸 *आरोग्य संजीवनी*
अलसी के फायदे —
भूरे-काले रंग के यह छोटे छोटे बीज, हृदय रोगों से आपकी रक्षा करते हैं। इसमें उपस्थित घुलनशील फाइबर्स, प्राकृतिक रूप से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम करता है। इससे हृदय की धमनियों में जमा कोलेस्ट्रॉल घटने लगता है, और रक्त प्रवाह बेहतर होता है, नतीजतन हार्ट अटैक की संभावना नहीं के बराबर होती है ।
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अलसी में ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो रक्त प्रवाह को बेहतर कर, खून के जमने या थक्का बनने से रोकता है, जो हार्ट-अटैक का कारण बनता है। यह रक्त में मौजूद कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक है।
*यह शरीर के अतिरिक्त वसा को भी कम करती है, जिसे आपका वजन कम होने में सहायता मिलती है। *अलसी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइटोकैमिकल्स, बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करती है, जिससे त्वचा पर झुर्रियां नहीं होती और कसाव बना रहता है। इससे त्वचा स्वस्थ व चमकदार बनती है।
*अलसी में अल्फा लाइनोइक एसिड पाया जाता है, जो ऑथ्राईटिस, अस्थमा, डाइबिटीज और कैंसर से लड़ने में मदद करता है। खास तौर से कोलोन कैंसर से लड़ने में यह सहायक होता है। *सीमित मात्रा में अलसी का सेवन, खून में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। इससे शरीर के आंतरिक भाग स्वस्थ रहते हैं, और बेहतर कार्य करते हैं।
*इसमें उपस्थित लाइगन नामक तत्व, आंतों में सक्रिय होकर, ऐसे तत्व का निर्माण करता है, जो फीमेल हार्मोन्स के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
( हरिनाम जप जरूर करें )
बिच्छू की मृत्यु बहुत ही दु:खदायी रूप में होती है।
*मादा बिच्छु जब बच्चो को जन्म देती है तब, ये सभी बच्चे जन्म लेते ही अपनी मांँ की पीठ पर बैठ जाते हैं। *और अपनी भूख मिटाने हेतु तुरंत ही अपनी माँ के शरीर को ही खाना प्रारम्भ कर देते हैं, और तब तक खाते हैं, जब तक कि उसकी केवल अस्थियां ही शेष ना रह जाए।
*वो तड़पती है, कराहती है, लेकिन ये पीछा नहीं छोड़ते और ये उसे पलभर में नहीं मार देते बल्कि कई दिनों तक यह मौत से बदतर असहनीय पीड़ा को झेलती हुई दम तोड़ती है। *मादा बिच्छु की मौत होने के पश्चात् ही ये सभी उसकी पीठ से नीचे उतरते हैं!
*लख चौरासी के कुचक्र में ऐसी असंख्य योनियां हैं, जिनकी स्थितियां अज्ञात हैं, कदाचित् इसीलिए भवसागर को अगम और अपार कहा गया है। *संतमत के मुताबिक यह भी मनुष्य योनि में किए गये कर्मों का ही भुगतान है।
*अर्थात्, इन्सान इस मनुष्य जीवन में जो कर्म करेगा, नाना प्रकार की असंख्य योनियों में इन कर्मों के आधार से ही उसे दुःख सुख मिलते रहेंगे। यह तय है! *मनुष्य जन्म बड़ी मुश्किल से मिला है, ये जो गलियों में आवारा जानवर घूम रहे हैं न! इन्हें भी कभी मनुष्य जन्म मिला था…
*इनमें से कोई डॉक्टर था, कोई इंजीनियर, कोई कुछ और.. *इनके गुरु भी इन्हें नाम का भजन करने को कहते थे तो हँस कर जवाब देते थे कि अभी हमारे पास समय नहीं है!
*वो मनुष्य जन्म हार गए, भगवान का भजन व धन्यवाद नहीं किया, पशु योनि में आ गए। *अब देखो समय ही समय है, बेचारे गली-गली आवारा घूमते हैं, कोई धुत्कारता है.. कोई फटकारता है।
*कर्म बहुत रूला डालते हैं, किसी को नहीं छोड़ते अब नहीं समझेंगे तो कब समझेंगे…? *हरिनाम का भजन कर्मफलों को भी धो डालता
🌷जय श्री हरि🌷
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⚜️ *अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।। *मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।।

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