Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 31 दिसम्बर 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 31 दिसम्बर 2025
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
*बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है। *बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
👸🏻 शिवराज शक 352
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
🌧️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – बुधवार पौष माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 01:48 AM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र कृत्तिका 01:30 AM तक उपरांत रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – कृतिका नक्षत्र के देवता अग्नि देव (अग्नि) हैं,और इस नक्षत्र के स्वामी सूर्य ग्रह हैं, जो आत्मा और नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं, और इसका संबंध भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय (स्कंद) से भी है.
⚜️ योग – साध्य योग 09:13 PM तक, उसके बाद शुभ योग
⚡ प्रथम करण : बव – 03:26 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : बालव – 01:47 ए एम, जनवरी 01 तक कौलव
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 11:10 से 12:35 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:35 से 2:00 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः – प्रातः 06:51:00
🌅 सूर्यास्तः – सायं 05:17:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:24 ए एम से 06:19 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:52 ए एम से 07:14 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
✡️ विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:49 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:32 पी एम से 06:00 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:35 पी एम से 06:57 पी एम
💧 अमृत काल : 11:20 पी एम से 12:46 ए एम, जनवरी 01
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:52 ए एम, जनवरी 01
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी बटुक को सवाकिलो साबुत मूंग परिपूरित कांस्य पात्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ *पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ षडाष्टक योग/ भागवत एकादशी/ कूर्म द्वादशी/ नववर्ष की पूर्वसंध्या/ कोविड-19 वायरस पहचान दिवस/ विश्वनाथ काशीनाथ राजवाडे स्मृति दिवस, रवि शंकर शुक्ला स्मृति दिवस, प्रसिद्ध अभिनेता कादर ख़ान स्मृति दिवस, हिंदी के व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ला जयन्ती, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और बिहार के मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय जन्म दिवस, हिंदी के व्यंग्यकार श्रीलाल शुक्ला जयन्ती, विश्व प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान जयन्ती, भारतीय राजनीतिज्ञ अरविंद गणपत सावंत जन्म दिवस, जाने माने वैज्ञानिक विक्रम साराभाई जन्म दिवस, राष्ट्रीय शैंपेन दिवस, राष्ट्रीय शैंपेन दिवस, विश्व आध्यात्मिकता दिवस’ (World Spirituality Day) ✍🏼 *तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
बाथरूम से कितना भी दुर्गंध निकले, इस माचिक की डिब्बी का ट्रिक जान लीजिए, कभी नहीं आएगी बदबू
*बाथरूम से असहनीय बदबू आना सामान्य बात है. कई कोशिशों के बावजूद इससे छुटकारा नहीं मिलता लेकिन अब महंगे स्प्रे की जरूरत नहीं. माचिस की डिब्बी का वो अद्भुत नुस्खा न केवल दुर्गंध को सोख लेगा बल्कि आपके बाथरूम को तुरंत फ्रेश बना देगा. जानें कैसे काम करती है यह ट्रिक. *हमारे घर में सबसे ज्यादा कीड़े बाथरूम में होते हैं. चाहे जितना भी साफ कर लें, कभी-कभी वहां से अजीब सी बदबू आती रहती है. कितने भी महंगे स्प्रे इस्तेमाल कर लें, वो बस थोड़ी देर के लिए ही खुशबू देते हैं. लेकिन वो समस्या पूरी तरह से दूर नहीं होती. क्या आपको पता है कि एक छोटी सी चीज से बाथरूम की बदबू को कंट्रोल किया जा सकता है? बिना किसी केमिकल और बहुत कम खर्च में ये ट्रिक कैसे काम करती है, चलिए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से.
*बाथरूम में समस्या कहां से शुरू होती है? आमतौर पर जब हम नहाते हैं या सिंक इस्तेमाल करते हैं तो बाथरूम में नमी ज्यादा हो जाती है. अगर आपके बाथरूम का एग्जॉस्ट फैन ठीक से काम नहीं करता या हवा बाहर जाने का रास्ता नहीं है तो वो नमी वहीं रह जाती है. *खासकर टॉयलेट के पीछे खाली जगहों में हवा नहीं चलती तो वहां नमी जमा हो जाती है. इसी नमी की वजह से फफूंदी लगती है और बदबू आती है. रूम फ्रेशनर थोड़ी देर के लिए उस बदबू को छुपा सकते हैं लेकिन वो नमी को खत्म नहीं कर सकते.
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मसल्स में ऐंठन और हड्डियों में दर्द- कहीं आप मांसपेशियों में ऐंठन या फिर अकड़न की समस्या को मामूली तो नहीं समझ रहे हैं? दरअसल, कैल्शियम की कमी के दौरान इस तरह का लक्षण महसूस हो सकता है। इसके अलावा हड्डियों में दर्द महसूस होने पर भी आपको सावधानी बरत लेनी चाहिए वरना आपको लेने के देने पड़ सकते हैं।
*ऊर्जा की कमी महसूस होना- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कैल्शियम की कमी के कारण ऊर्जा की कमी पैदा हो सकती है। अक्सर थकान और कमजोरी की समस्या, इस जरूरी पोषक तत्व की कमी का संकेत साबित हो सकती है। कैल्शियम की कमी की वजह से त्वचा का सूखापन और बालों में रूखापन, इस तरह के लक्षण भी नजर आ सकते हैं। इतना ही नहीं नाखूनों का पतला और कमजोर हो जाना भी इसी पोषक तत्व की कमी की तरफ इशारा कर सकता है। 🩺 *आरोग्य संजीवनी* 🩻 जब आप मुंह से सांस लेते हैं, तो आप बहुत अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड (CO_2) बाहर निकाल देते हैं। हालांकि CO_2 को अक्सर “वेस्ट प्रोडक्ट” माना जाता है, लेकिन रक्त में इसकी एक निश्चित मात्रा का होना अनिवार्य है। *हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अंगों तक ले जाता है। लेकिन अंगों तक पहुँचने के बाद, हीमोग्लोबिन को वह ऑक्सीजन छोड़नी भी पड़ती है।
*हीमोग्लोबिन को ऑक्सीजन रिलीज करने के लिए CO_2 की उपस्थिति की आवश्यकता होती है। जब आप मुंह से सांस लेकर CO_2 को बहुत ज्यादा बाहर निकाल देते हैं, तो हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को मजबूती से पकड़े रहता है और उसे आपके दिमाग या ऊतकों (tissues) को नहीं देता। *आपके रक्त में ऑक्सीजन भरपूर हो सकती है, लेकिन वह कोशिकाओं तक पहुँच ही नहीं पाती। इसी वजह से आप सुबह थकान और भारीपन महसूस करते हैं।
*नाक सिर्फ एक “छलनी” नहीं है, यह एक जटिल प्रोसेसिंग यूनिट है *नाक से सांस लेने पर शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है, जो फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को फैलाता है और ऑक्सीजन सोखने की क्षमता को 18% तक बढ़ा देता है।
*यह हवा को गर्म, नम और साफ करती है, जिससे फेफड़ों पर दबाव कम पड़ता है। 📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
एक मक्खी एक हाथी के ऊपर बैठ गयी। हाथी को पता न चला मक्खी कब बैठी। मक्खी बहुत भिनभिनाई आवाज की और कहा, ‘भाई! तुझे कोई तकलीफ हो तो बता देना। वजन मालूम पड़े तो खबर कर देना, मैं हट जाऊंगी।’ लेकिन हाथी को कुछ सुनाई न पड़ा। फिर हाथी एक पुल पर से गुजरने लगा बड़ी पहाड़ी नदी थी, भयंकर गङ्ढ था, मक्खी ने कहा कि ‘देख, दो हैं, कहीं पुल टूट न जाए! अगर ऐसा कुछ डर लगे तो मुझे बता देना। मेरे पास पंख हैं, मैं उड़ जाऊंगी।’
हाथी के कान में थोड़ी-सी कुछ भिनभिनाहट पड़ी, पर उसने कुछ ध्यान न दिया। फिर मक्खी के बिदा होने का वक्त आ गया। उसने कहा, ‘यात्रा बड़ी सुखद हुई, साथी-संगी रहे, मित्रता बनी, अब मैं जाती हूँ। कोई काम हो, तो मुझे कहना!
*तब मक्खी की आवाज थोड़ी हाथी को सुनाई पड़ी। उसने कहा, ‘तू कौन है, कुछ पता नहीं, कब तू आयी, कब तू मेरे शरीर पर बैठी, कब तू उड़ गयी, इसका मुझे कोई पता नहीं है। लेकिन मक्खी तब तक जा चुकी थी।
*सन्त कहते हैं – ‘हमारा होना भी ऐसा ही है। इस बड़ी पृथ्वी पर हमारे होने, ना होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। हाथी और मक्खी के अनुपात से भी कहीं छोटा, हमारा और ब्रह्मांड का अनुपात है। हमारे ना रहने से क्या फर्क पड़ता है? लेकिन हम बड़ा शोरगुल मचाते हैं। वह शोरगुल किसलिये है? वह मक्खी क्या चाहती थी? वह चाहती थी हाथी स्वीकार करे ,तू भी है; तेरा भी अस्तित्व है, वह पूछना चाहती थी। हमारा अहंकार अकेले तो नहीं जी सकता है। दूसरे उसे मानें, तो ही जी सकता है। इसलिए हम सब उपाय करते हैं कि किसी भांति दूसरे उसे मानें, ध्यान दें, हमारी तरफ देखें; उपेक्षा न हो। *हम वस्त्र पहनते हैं तो दूसरों को दिखाने के लिये, स्नान करते हैं सजाते-संवारते हैं ताकि दूसरे हमें सुंदर समझें। धन इकट्ठा करते, मकान बनाते, तो दूसरों को दिखाने के लिये। दूसरे देखें और स्वीकार करें कि तुम कुछ विशिष्ट हो, ना कि साधारण।
*तुम मिट्टी से ही बने हो और फिर मिट्टी में मिल जाओगे, तुम अज्ञान के कारण खुद को खास दिखाना चाहते हो वरना तो तुम बस एक मिट्टी के पुतले हो और कुछ नहीं। अहंकार सदा इस तलाश में है–वे आंखें मिल जाएं, जो मेरी छाया को वजन दे दें। *याद रखना, आत्मा के निकलते ही यह मिट्टी का पुतला फिर मिट्टी बन जाएगा इसलिए अपना झूठा अहंकार छोड़ दो और सब का सम्मान करो क्योंकि जीवों में परमात्मा का अंश आत्मा है।
••✤••••┈•✦ 👣✦•┈••••✤••••
⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।



