धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 27 जून 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 27 जून 2025
27 जून 2025 दिन शुक्रवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज रथ यात्रा का पावन उत्सव भी है। भगवान श्री कृष्णा बलराम सुभद्रा रथोत्सव उत्सव वैसे तो देश – विदेश में भगवान के भक्तों द्वारा निकाला जाता है परंतु जगन्नाथ पुरी में विशेष रूप से इस रथ यात्रा का महत्व होता है। काशी वृंदावन सर्वत्र इस रथ यात्रा का महत्व होता है। रथ यात्रा अरुण भगवान श्री कृष्णा – बलराम सुभद्रा की झांकी का अत्यंत महत्व होता है। साथ ही रथ को खींचने का भी शास्त्रों ने महत फल बताया है। यथा: रथस्थं ये प्रपष्यन्ति न तेषां जायते विपत्। आज सर्वार्थसिद्धियोग भी है।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
👸🏻 शिवराज शक 352
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
☀️ मास – आषाढ़ मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📅 तिथि – शुक्रवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि 11:19 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि स्वामी – द्वितीया तिथि के देवता हैं ब्रह्मा। इस तिथि में ब्रह्मा की पूजा करने से मनुष्य विद्याओं में पारंगत होता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पुनर्वसु 07:21 AM तक उपरांत पुष्य
🪐 नक्षत्र स्वामी – पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी ग्रह बृहस्पति (गुरु) है।इसलिए इस नक्षत्र को मजबूत करने के लिए देव गुरु बृहस्पति की पूजा करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
⚜️ योग – व्याघात योग 09:10 PM तक, उसके बाद हर्षण योग
प्रथम करण : कौलव – 11:19 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 10:31 पी एम तक गर
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 11:13 से 12:35 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:13:00
🌄 सूर्यास्तः- सायं 06:47:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:05 ए एम से 04:45 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:25 ए एम से 05:25 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:52 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:44 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 12:24 ए एम, जून 28 से 01:57 ए एम, जून 28
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:04 ए एम, जून 28 से 12:44 ए एम, जून 28
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:25 ए एम से 07:22 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में इत्र चढ़ाएं।
🪵 *वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं। ⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थ सिद्धि योग/ सीमान्तोनयन संस्कार मु./ रथयात्रा उत्सव/ मुस्लिम नूतन वर्षीरंभ/ हिजरी सन् 1447 प्रारम्भ/ मुस्लिम मुहर्रम मासारंभ/’राष्ट्रगान वंदे मातरम के रचयिता’ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जन्म दिवस, भारतीय खिलाड़ी पी. टी. उषा जन्म दिवस, बंकिम चंद्र चटर्जी जन्म दिवस, राहुल देव बर्मन जन्म दिवस, फ़िल्मों के संगीतकार राहुल देव बर्मन जन्म दिवस, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस, हेलेन केलर दिवस, राष्ट्रीय PTSD जागरूकता दिवस, विश्व मधुमेह दिवस, महाराजा रणजीत सिंह पुण्य तिथि, अंतर्राष्ट्रीय अनानास दिवस (International Pineapple Day) ✍🏼 तिथि विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानी जाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी को बताया गया है। यह द्वितीया तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।। 🗼 *Vastu tips* 🗽
यह जीवंत वास्तु पौधा घर में लाता है सुख व आशा ऑर्किड ऑर्किड सफलता और समृद्धि का प्रतीक है। यह घर में लगाने हेतु सबसे उपयुक्त वास्तु पौधा है क्योंकि यह सकारात्मकता को आकर्षित करता है तथा पूरे परिवार की समृद्धि का प्रतीक है!
ऑर्किड एक अच्छा वास्तु पौधा है जो धन व सद्भाव लाता है
नरगिस (डैफोडीला -नरगिस का पौधा या डैफोडीला घर के लिए सबसे अच्छा वास्तु पौधा माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह पौधा विश्वास, सच्चाई और क्षमा का प्रतीक है। इस पौधे का अधिक लाभ मिले, इसके लिए इसे घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए।
इतना ही नहीं, नरगिस का पौधा घर के मालिक और उनके परिवार के लिए सौभाग्य और समृद्धि भी लाता है। नरगिस का पौधा चुनते समय, इसकी बौनी किस्म न चुनें क्योंकि यह छोटी होती है तथा इससे सकारात्मकता नहीं आती है।
डैफोडिल – घर के लिए सबसे अच्छे वास्तु पौधों में से एक
रबर प्लांट घर के अंदर अगर रबर प्लांट लगाया जाए तो यह शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि घर में रबर प्लांट आर्थिक समृद्धि, धन और व्यावसायिक सफलता लाते हैं। आपको रबर के पौधे को दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए; अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो यह दुर्भाग्य ला सकता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आंवला जूस या एलोवेरा जूस (पानी में मिलाकर):
अगर आप कुछ खास स्वास्थ्य लाभ चाहते हैं, तो पानी में थोड़ा आंवला जूस या एलोवेरा जूस मिलाकर पी सकते हैं।
आंवला इम्यूनिटी बढ़ाने और पाचन सुधारने में मदद करता है।
एलोवेरा लिवर को डिटॉक्सिफाई करने, पाचन सुधारने और त्वचा व बालों के लिए फायदेमंद है।
पानी पीने के बाद क्या खाएं?पानी पीने के 15-20 मिनट बाद आप कुछ हल्का और पौष्टिक खा सकते हैं।
भीगे हुए मेवे और बीज: बादाम, अखरोट, चिया बीज, और अलसी जैसे मेवे और बीज पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
ये स्वस्थ वसा, प्रोटीन और फाइबर प्रदान करते हैं, जो आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं और भूख को नियंत्रित करते हैं। रातभर भिगोने से इनके पोषक तत्व बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं।
फल:
कुछ फल जैसे पपीता, सेब, केला, और तरबूज सुबह खाली पेट खाने के लिए अच्छे विकल्प हैं।
ये फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाते हैं और ऊर्जा प्रदान करते हैं।
पपीता में पपेन जैसे एंजाइम होते हैं जो पाचन में सहायता करते हैं।
अंकुरित अनाज (जैसे चना या मूंग): रातभर भिगोए हुए और अंकुरित किए हुए चना या मूंग प्रोटीन और विटामिन से भरपूर होते हैं।
🍃 आरोग्य संजीवनी ☘️
🌿 1. हल्का, सुपाच्य और गर्म भोजन ही आदर्श होता है इस मौसम में
बरसात में वातावरण में नमी अधिक होती है, जिससे हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। इस मौसम में भारी, तला-भुना या ठंडा खाना पचाने में दिक्कत होती है। इसलिए:
✅ खिचड़ी, मूंग दाल, रागी या बाजरे की रोटी, हरी सब्ज़ियों की सब्ज़ी – ये सुपाच्य भी हैं और शरीर को ताकत भी देते हैं।
✅ तुलसी, अदरक, काली मिर्च और हल्दी से बना खाना पाचन को बढ़ाता है और संक्रमण से भी बचाता है।
👉 इस आदर्श संयोजन से आप पेट से भी खुश रहेंगे और मौसम की मार से भी बचेंगे।
🍵 2. फर्मेंटेड और अधिक तेल-मसाले वाले पदार्थों से करें परहेज़
बरसात में इडली, डोसा, छोले-भटूरे, समोसे जैसे फर्मेंटेड या डीप फ्राइड स्नैक्स से जितना हो सके, दूर रहें। ये पेट में गैस, अपच और एसिडिटी पैदा करते हैं।
👉 इसके बदले आप भुनी हुई मखाने की खिचड़ी, उबली मूंगदाल चाट या मसाला ओट्स जैसे हेल्दी विकल्प चुन सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 📗
प्राचीन भारत में, एक बहुत ही दयालु व्यापारी रहता था। वह निर्धन लोगों को पैसे दान करता था और अपने दोस्तों की हमेशा मदद करता था। उस व्यापारी ने एक दिन अपना सारा पैसा और पैसे के साथ अपनी ख्याति भी खो दी। उसके दोस्त उसे अनदेखा करने लगे। इन सबसे तंग आकर एक रात उसने सोचा, “मैंने सब कुछ खो दिया, कोई मेरे साथ नहीं है। मुझे मर जाना चाहिए।”
यह सोचते सोचते उसे गहरी नींद आ गई। सोते हुए उसने एक सपना देखा। सपने में एक भिक्षु ने उससे कहा, “कल मैं तुम्हारे द्वार पर आऊंगा। तुम्हें मेरे सिर पर लाठी से चोट करनी होगी। मैं सोने की मूर्ति में बदल जाऊंगा।” लगभग सुबह हो चुकी थी। व्यापारी जागा और सपने के बारे में सोचने लगा।
फिर कुछ समय बाद, एक भिक्षु ने घर के दरवाजे पर दस्तक दी। व्यापारी ने भिक्षु को अंदर बुलाया। व्यापारी ने भिक्षु के सिर पर लाठी से वार किया और भिक्षु तुरंत ही सोने की मूर्ति में बदल गया। पास से ही एक पड़ोसी जा रहा था उसने यह सब देख लिया।
लालची पड़ोसी ने व्यापारी की नकल करने का फैसला लिया। अगले दिन पड़ोसी एक आश्रम में गया और कुछ भिक्षुओं से एक कठिन पुस्तक को समझाने के लिए अपने घर पर आने का आग्रह किया। भिक्षुओं ने उसका आग्रह स्वीकार कर लिया।
अगले दिन कई भिक्षु उस पड़ोसी के घर आए। उसने अपने घर का द्वार बंद कर दिया और भिक्षुओं के सिर पर लाठी से प्रहार करना शुरू कर दिया। जब एक भी भिक्षु सोने की मूर्ति में नहीं बदला तो पड़ोसी निराश हो गया।
पड़ोसी को भिक्षुओं पर हमला करने के अपराध में बंदी बना लिया गया। पड़ोसी ने अपने कृत्य के लिए व्यापारी को दोषी ठहराया। राजा ने व्यापारी को राजदरबार में बुलाया। व्यापारी ने राजा को अपने सपने के बारे में सब कुछ बता दिया। उसने कहा, “महाराजा, मैंने पड़ोसी से भिक्षुओं पर हमला करने के लिए नहीं कहा। पड़ोसी को यह मूर्खता करने से पहले इसके दुष्परिणामों के बारे में सोचना चाहिए था।”
राजा व्यापारी की बात से सहमत था अत‌‌: उसने व्यापारी को मुक्त कर दिया और सैनिकों से मूर्ख पड़ोसी को कारागार में डालने का आदेश दिया।
बिना सोचे समझे कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए!!!
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⚜️ प्रजापति व्रत दूज को ही किया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतु ब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों के अनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभ फलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण और भाद्रपद मास में इस द्वितीया तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपद मास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।।

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