धार्मिक

Today Panchang आज का पंचांग सोमवार, 07 जुलाई 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 07 जुलाई 2025
07 जुलाई 2025 दिन सोमवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष कि द्वादशी तिथि है। आज द्वादशी तिथि को चातुर्मास व्रत का प्रारम्भ हो जाता है। आज से शाक का त्याग कर देना चाहिए। अर्थात शाकाहारी नहीं खाना चाहिए। आज कि द्वादशी मैं भगवान वामन के रूप कि पूजा की जाएं तो नरमेध के फल की प्राप्ति होती है। आज विष्णु भगवान के शयन का उत्सव भी है। जिसे श्रीविष्णुशयनोत्सव कहा जाता है।आज की द्वादशी को श्रीकृष्ण द्वादशी भी कहा जाता है। आज से गोपद्मव्रत का आरम्भ भी हो जाता है। आज पश्चिम दिशा में गुरु (बृहस्पति) देवता का उदय भी हो रहा है। आज यायीजययोग एवं सर्वार्थसिद्धियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “चातुर्मास व्रत के पावन आरम्भ की” बहुत+ बहुत हार्दिक शुभकामनाएं एवं अनन्त – अनन्त बधाईयाॅं।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
👸🏻 शिवराज शक 352 प्रारम्भ
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – दक्षिणायन
☂️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
☀️ मास – आषाढ़ मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – सोमवार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि 11:10 PM तक उपरांत त्रयोदशी
✏️ तिथि स्वामी – द्वादशी के देवता हैं विष्णु। इस तिथि को भगवान विष्णु की पूजा करने से मनुष्य सदा विजयी होकर समस्त लोक में पूज्य हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र अनुराधा 01:11 AM तक उपरांत ज्येष्ठा
🪐 नक्षत्र स्वामी – अनुराधा नक्षत्र का स्वामी शनि है। तथा नक्षत्र देवता: मित्र हैं। और जिसके स्वामी मंगल हैं।
⚜️ योग – शुभ योग 10:02 PM तक, उसके बाद शुक्ल योग
प्रथम करण : बव – 10:15 ए एम तक
द्वितीय करण : बालव – 11:10 पी एम तक कौलव
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:26:00 A.M से 09:39:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:29. 00
🌄 सूर्यास्त – सायं 19:23. 00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:08 ए एम से 04:49 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:29 ए एम से 05:29 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:21 पी एम से 07:42 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:23 पी एम
💧 अमृत काल : 01:43 पी एम से 03:29 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, जुलाई 08 से 12:46 ए एम, जुलाई 08
सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:29 ए एम से 01:11 ए एम, जुलाई 08
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
💁🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को श्वेत वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – चातुर्मास व्रत प्रारम्भ/ श्रीविष्णुशयनोत्सव/ वामन पूजन/ मूल प्रारंभ/सर्वार्थसिद्ध योग/ भारतीय संगीतकार अनिल विश्वास जन्म दिवस, दामोदर घाटी निगम स्थापना दिवस, अभिनेता दिलीप कुमार स्मृति दिवस, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद बरकतउल्ला जन्म दिवस, भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी जन्म दिवस, भारत में सर्वप्रथम वन्य प्राणी दिवस, गुरु हर किशन सिंह जयन्ती, राष्ट्रीय डाइव बार दिवस, विश्व चॉकलेट दिवस, सच बोलो दिवस, वैश्विक क्षमा दिवस, वन महोत्सव सप्ताह (1 से 7 जुलाई)
✍🏼 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह मसूर से बना सभी व्यंजन इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण भगवान को बताया गया है। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ अवश्य करने चाहिए। नाम के पाठ एवं जप आदि करने से व्यक्ति के जीवन में धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति सहज ही होने लगती है।
🗼 Vastu tips 🗺️
बेडरूम में आईना लगा सकते हैं या नहीं? आचार्य श्री गोपी राम के मुताबिक, बेड के ठीक सामने आईना या शीशा नहीं लगाना चाहिए। दरअसल, अगर बेड के ठीक सामने आईना लगा होगा तो सबसे पहले सुबह उठने पर आपको वही दिखेगा जो कि अशुभ है। कहते हैं सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी हथलियों में भगवान का स्मरण करना चाहिए। इसलिए बेड के सामने आईना न लगाएं। इसके अलावा ऐसा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में भी समस्यायें आने लगती है और साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती हैं, लेकिन अगर आपके बेडरूम में लगा वह शीशा फिक्स है और आप उसे हटा नहीं सकते तो उस पर रात को सोने से पहले ही कपड़ा ढक दें। एक बात और कि आप बेड के सामने वाली जगह, यानि वह दिशा जो आपको उठते ही सबसे पहले दिखाती है, उसे छोड़कर आप बेडरूम की किसी भी दिशा में आईना लगा सकते हैं।
🎯 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
माला जपने का क्या नियम है? देखो माला जाप ने के सामान्य नियम है किन्तु विशेष साधना के लिए किए जाने वाले जाप के नियम भी विशेष होते है।
जैसे (माला विशेष, दिशा विशेष, वस्त्र विशेष, आसन विशेष, व समय भी विशेष होता है )
प्रातः सुर्य य मंदिर के समक्ष पुर्व दिशा की ओर अपने ईष्ट देव की तस्वीर रख आसान बिछा कर जल का पात्र अपने समीप रख जाप करना चाहिए।
जाप पुर्ण होने पर भूमि पर जल से प्रक्षालन कर भूमि को स्पर्श कर अपनी शिखा को छुना चाहिए तत्पश्चात अपने आसन का त्याग करे
🎋 आरोग्य संजीवनी ☘️
कभी-कभी हिचकी इतनी ज़िद्दी हो जाती है कि लाख कोशिशों के बाद भी बंद नहीं होती। पानी पीना, सांस रोकना, या डराने की तरकीबें — कुछ भी काम नहीं आता। लेकिन एक ऐसा घरेलू नुस्खा है जो शर्तिया काम करता है और वह भी सिर्फ एक चीज से – हरी इलायची।
🌱 क्या है ये देसी उपाय?
✅ सामग्री:हरी इलायची (जो अक्सर घरों में मिलती है)
🧪 कैसे करना है इस्तेमाल:
एक हरी इलायची को एक चिमटी से पकड़िए।
गैस या आग पर थोड़ी देर के लिए गर्म कीजिए।
जैसे ही इलायची से धुआं निकलने लगे — तुरंत उस धुएं को हल्के से सूंघिए।
हिचकी वहीं बंद हो जाएगी — बिना किसी दवाई के।
🧘‍♀️ क्यों काम करता है ये नुस्खा?
इलायची में प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं जो श्वास मार्ग को शांत करते हैं।
गर्म होकर उसका धुआं नाक की नसों और तंत्रिका प्रणाली पर हल्का झटका देता है, जिससे हिचकी की प्रक्रिया रुक जाती है।
🔁 यह नुस्खा कब इस्तेमाल करें?
जब हिचकी बार-बार लग रही हो और सामान्य उपाय काम ना कर रहे हों।
घर पर किसी भी उम्र के व्यक्ति को हिचकी हो रही हो (ध्यान दें: बच्चों में सावधानी बरतें)।
दवाई नहीं लेनी है लेकिन तुरंत राहत चाहिए।
📑 गुरु भक्ति योग 🕯️
श्री विष्णु के पास इस संसार के पालन का जिम्मा है और वो अपनी माया के माध्यम से इस संसार का संचालन करते हैं, लेकिन चार महीने के लिए श्रीविष्णु योग निंद्रा में चले जाते है। दरअसल धर्म ग्रन्थों की माने तो आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक की अवधि को चार्तुमास कहा जाता है और इन चार महीनों में श्री विष्णु निंद्रा में चले जाते हैं।
आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है क्योंकि इसी दिन से देवताओं की रात शुरू होती है। इसके अलावा कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी कहा जाता है और उसके बाद मांगलिक कार्य शुरू होते है। इन चार महीनों में जितने भी मांगलिक कार्य है वो सब निषेध होते हैं। भगवान विष्णु के निंद्रा में जाने के संदर्भ में दो मत है।
📖 पौराणिक कथा- बालि संग पाताललोक में करते हैं निवास
एक मत यह है कि वे क्षीर सागर में ही निंद्रा में होते हैं और दूसरा मत यह है कि वो पाताललोक में बालि के यहां निवास करते हैं जिन्हे संकर्षण विष्णु कहा जाता है। दरअसल जब विष्णु ने वामन अवतार लिया तो बालि से उन्होंने तीन पग भूमि मांगी। दो पग में उन्होंने पूरा संसार मापकर तीसरा पग बालि के सिर पर रखकर उसे पाताल भेज दिया, लेकिन वरदान के रूप में बालि ने विष्णु को ही मांग लिया। वरदान के कारण स्वयं विष्णु जब पाताल में बालि के साथ चले गए तो सभी मंगल कार्य बंद हो गए। इसके बाद खुद लक्ष्मी ने बालि को राखी बांधकर भगवान विष्णु को मुक्त करने का वचन लिया। तभी से विष्णु चार महीने बालि के पास निवास करने लगे और उन चार महीनों को चार्तुमास कहा जाने लगा। माना जाता है कि इन चार महीनों में शिव स्वयं सृष्टि की देखभाल करते हैं।
💁🏻‍♀️ भगवान विष्णु योगनिद्रा को दिए वचन का करते हैं पालन
एक दूसरी कथा के अनुसार योग माया जोकि सृष्टि का संचालन करती हैं, उन्होंने श्रीविष्णु से कहा कि आप मुझे भी अपने शरीर में स्थान दें। योग निंद्रा भगवान विष्णु के सृष्टि संचालन में उनकी सहायता करती हैं तो श्रीविष्णु उनसे मना नहीं कर पाए। श्रीविष्णु ने योग निंद्रा को आँखों में स्थान दे दिया और इसी मत के अनुसार इन चार महीनों में श्रीविष्णु रहते तो क्षीर सागर में ही है लेकिन वो योग निंद्रा में चले जाते है जिसके कारण कोई भी मांगलिक कार्य संभव नहीं है।
☦️ चातुर्मास का जैन धर्म में महत्व
इन चार महीनों का जैन और बौद्ध धर्म में भी बड़ा महत्व बताया गया है। अगर आप जैन मुनियों को देखें तो वो सारा वर्ष भ्रमण करते हैं, लेकिन इन चार महीनों में वो एक ही स्थान पर रहकर सभी नियमों का पालन करते हैं। पुराणों के अनुसार आषाढ़ में वामन पूजा, श्रावण में शिव पूजा, भाद्रपद में गणेश और श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। इन चार महीनों में धर्म, जप और तप का बड़ा महत्व कहा गया है। ये चार माह मनुष्य को भगवान की सेवा करने में, उनकी कथा सुनने में और उनकी भक्ति करने में बिताने चाहिए।
◄┉┉┉┉┉┉༺✦🐚✦༻┉┉┉┉┉┉►
⚜️ द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।।

Related Articles

Back to top button