Today Panchang आज का पंचांग मंगलवार, 15 अप्रैल 2025

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 15 अप्रैल 2025
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2025 विक्रम संवत : 2082 कालयक्त विक्रम : 1947 नल
🌐 कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082,
✡️ शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर), चैत्र
☮️ गुजराती सम्वत : 2081 नल
☸️ काली सम्वत् 5126
🕉️ संवत्सर (उत्तर) क्रोधी
☣️ आयन – उत्तरायण
☂️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
☀️ मास – बैशाख मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार बैशाख माह के कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि 10:55 AM तक उपरांत तृतीया
✏️ तिथि स्वामी – तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर जी है ।तृतीया: किसी भी पक्ष की तीसरी तारीख को तृतीया तिथि या तीज कहते है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र विशाखा 03:10 AM तक उपरांत अनुराधा
🪐 नक्षत्र स्वामी – विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु हैं। विशाखा नक्षत्र के देवता इंद्र और अग्नि हैं।
⚜️ योग – सिद्धि योग 11:32 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
⚡ प्रथम करण : गर – 10:55 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 12:07 ए एम, अप्रैल 16 तक विष्टि
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:19 बजे से 16:41 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:43:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:17:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:26 ए एम से 05:11 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:49 ए एम से 05:56 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:56 ए एम से 12:47 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:21 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:46 पी एम से 07:08 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 06:47 पी एम से 07:54 पी एम
💧 अमृत काल : 05:17 पी एम से 07:05 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:58 पी एम से 12:43 ए एम, अप्रैल 16
🌸 त्रिपुष्कर योग : 05:56 ए एम से 10:55 ए एम
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को सवाकिलो गुड़ भेंट करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – त्रिपुष्कर योग/भद्रा/ हिमाचल दिवस, विश्व कला दिवस (World Art Day), हास्य अभिनेता सेठ रोजेन जन्म दिवस, राष्ट्रीय कर दिवस, सिख पंथ की नींव रखने वाले और प्रथम गुरू बाबा नानक (Gurunanak Jayanti) का जन्म दिवस, रेल सप्ताह, फ़ायर सर्विस सप्ताह, भारतीय स्वतंत्रता सेनानी दरोगा प्रसाद राय स्मृति दिवस, गुरु अर्जन देव – सिक्खों के पाँचवें गुरु जयन्ती, भारतीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर जन्म दिवस, सवंत्रता सेनानी तात्या टोपे स्मृति दिवस, विश्व सांस्कृतिक दिवस, विश्व आवाज दिवस
✍🏼 तिथि विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
🏜️ Vastu tips_ 🏚️
शाम के समय वास्तु उपायों का कमाल वास्तु शास्त्र की मानें तो अगर आप अपने व्यापार को बेहतर करना चाहते हैं और उसमें ग्रोथ देखना चाहते हैं, तो शाम के वक्त अपने घर और दुकान के सामने एक दीया जरूर जलाएं। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है।ये छोटा सा उपाय न सिर्फ सकारात्मक ऊर्जा लाता है, बल्कि आर्थिक तंगी को भी दूर करने में मदद कर सकता है। जब आप रोजाना शाम को दीया जलाते हैं, तो वातावरण में एक सकारात्मक बदलाव आता है, जो आपके बिजनेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
दक्षिण दिशा में करें ये खास इंतजाम
वास्तु शास्त्र में दिशाओं का बहुत महत्व होता है। अगर आप अपने व्यापार में बढ़ोतरी चाहते हैं, तो दक्षिण दिशा में गाय माता की तस्वीर के साथ माँ लक्ष्मी की तस्वीर जरूर लगाएं। ऐसा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है और बिजनेस में स्थिरता आती है।ये उपाय न सिर्फ आसान है, बल्कि बेहद प्रभावी भी माना जाता है। जब आप इस दिशा में ये तस्वीरें लगाते हैं, तो घर और दुकान में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जो आपके लिए शुभ संकेत लेकर आता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अरीठा में एंटीएजिंग, एंटीबैक्टीरीयल, एंटीकैन्सर, ऐंटिफंगल, एंटीइन्फ़्लैमटॉरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीसेप्टिक और एंटीवाइरल जैसे औषधीय गुण पाए जाते हैं।
अरीठा के फलों से प्राप्त फेन से सूती, ऊनी तथा रेशमी सब प्रकार के कपड़े धोए जा सकते हैं।
फलों का फेन बालों के लिए भी प्राकृतिक कंडीशनर और क्लीनर है। यह डैंड्रफ दूर करता है, बालों को झड़ने से रोकता है और उन्हें मजबूत करता है। अरीठा से बाल धोने पर वे दिखने में अधिक चमकदार लगते हैं।
अरीठा के फल त्रिदोष नाशक, गर्भपातक, वमनकारक तथा जहर के प्रभाव को नष्ट करने वाले होते हैं। फलों के चूर्ण को नाक में डालकर मिर्गी का इलाज करते हैं।
वृक्ष से गोंद निकाला जाता है, जिसका औषधीय उपयोग है।
बीजों से तेल निकाला जाता है।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍻
💎 मटके के पानी पीने के 25 जबरदस्त फायदे — हर बहन को जानने चाहिए! 💪🌿
🌡️ गर्मी को मात देता है — शरीर का तापमान नियंत्रित करता है
गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ जाता है, जिससे चक्कर, घबराहट, और लू लगने जैसी समस्याएं होती हैं। लेकिन मटके का पानी शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा करता है ❄️🔥
👉 मटका पानी शरीर की गर्मी को बाहर निकालता है और ठंडी सांसें अंदर भरता है।
🧘♀️पाचन तंत्र का बेस्ट फ्रेंड मटके का पानी आपके पेट के लिए किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से कम नहीं है।
👉 ये पाचन क्रिया को सुधारता है, गैस और एसिडिटी से राहत दिलाता है और भूख भी खुलकर लगती है।
💦 3. इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस को करता है मेंटेन
पसीने से निकलने वाले सोडियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम को बैलेंस करने में मटके का पानी कुदरती काम करता है।
👉 ना ज़रूरत किसी स्पोर्ट्स ड्रिंक की, ना ORS की — बस मटके का पानी ही काफी है! 💧⚡
📚 गुरु भक्ति योग_ 🕯️
एक बौद्ध भिक्षुक भोजन बनाने के लिए जंगल से लकड़ियां चुन रहा था कि तभी उसने बिना पैरों की लोमड़ी को देखते हुए मन ही मन सोचा, आखिर इस हालत में ये जिंदा कैसे है, और ऊपर से ये बिल्कुल स्वस्थ है !
इस तरह के विचार करता हुआ वह अपने खयालों में खोया हुआ था कि अचानक चारों तरफ अपरातफरी मचने लगी, जंगल का राजा शेर उस तरफ आ रहा था.
खतरे को भाप, भिक्षुक भी तेजी दिखाते हुए एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया और वहीं से सब कुछ देखने लगा.
शेर ने एक हिरन का शिकार किया था और उसे अपने जबड़े में दबाकर लोमड़ी की तरफ बढ़ रहा था. पर उसने लोमड़ी पर हमला नहीं किया, बल्कि उसे भी खाने के लिए मांस के कुछ टुकड़े डाल दिए.
इस घटना को देख भिक्षु तो घोर आश्चर्य मे पड़ गया की , शेर लोमड़ी को मारने की बजाय उसे भोजन दे रहा है.!
भिक्षुक बुदबुदाया, उसे अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था, इसलिए वह अगले दिन फिर वहीं आया और छिपकर शेर का इंतजार करने लगा. आज भी वैसा ही हुआ, शेर ने | अपने शिकार का कुछ हिस्सा लोमड़ी के सामने डाल दिया.
एक बार फिर से ऐसा दृश्य देख बिक्षुक मन ही मन बोला, कदाचित यह भगवान के होने का प्रमाण है!जो वास्तव मे ऐसा घटित हो रहा..
वह जिसे पैदा करता है, उसकी रोटी का भी इंतजाम कर देता है. आज से इस लोमड़ी की तरह मैं भी ऊपर वाले की दया पर जिऊंगा, इश्वर मेरे भी भोजन की व्यवस्था करेगा.
ऐसा सोचते हुए वह एक वीरान जगह पर जाकर एक पेड़ के नीचे बैठ गया. पहला दिन बीता पर कोई वहां नहीं आया. दूसरे दिन भी कुछ लोग उधर से गुजर गए पर भिक्षुक की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया.
इधर बिना कुछ खाए-पिए भिक्षुक हर क्षण कमजोर होता जा रहा था.. इसी तरह कुछ और दिन बीत गए, अब तो उसकी रही-सही ताकत भी खत्म हो गई.
वह चलने-फिरने के लायक भी नहीं रहा. उसकी हालत बिलकुल मृत व्यक्ति की तरह हो चुकी थी कि तभी एक महात्मा उधर से गुजरे और भिक्षुक के पास पहुंचे.
उसने सारी कहानी महात्माजी को सुनाई और बोला, अब आप ही बताइए कि भगवान इतने निर्दयी कैसे हो सकते हैं, क्या किसी व्यक्ति को इस हालत में पहुंचाना पाप नहीं है ?
बिल्कुल है, महात्माजी ने कहा, लेकिन तुम इतने मूर्ख कैसे हो सकते हो ? तुम ये क्यों नहीं समझे कि भगवान तुम्हें उस शेर की तरह बनते देखना चाहते थे, लोमड़ी की तरह नहीं! हमारे जीवन में भी ऐसा कई बार होता है कि हमें चीजें जिस तरह समझनी चाहिए, | उसके विपरीत समझ लेते हैं.जिसका परिणाम बहुत खतरनाक होता है..
ईश्वर ने हम सभी के अंदर कुछ न कुछ ऐसी शक्तियां दी हैं जो हमें महान बना सकती हैं, जरूरत है कि हम उन्हें पहचानें.
इस कहानी में भिक्षुक का सौभाग्य था कि उसे उसकी गलती का अहसास कराने के लिए महात्माजी मिल गए पर खुद भी चौकन्ना रहना चाहिए कि कहीं हम शेर की जगह लोमड़ी तो नहीं बन रहे हैं?
दयावान विचारों व व्यवहार वाले मनुष्य व जीवों की स्वयं ईश्वर रक्षन और पालना करता है वह उसके जीवन सुगम व सूखदाई बना देते है.
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⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।।

