Today Panchang आज का पंचांग रविवार, 29 दिसम्बर 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 29 दिसम्बर 2024
आज चतुर्दशी तिथि को मासशिवरात्रि व्रत के अवसर पर ग्रहदोषों की शांति कर्म आदि करवाया जाय, तो सफलता की गारंटी होती है। साथ ही स्वयं भी आज शिवलिंग के ऊपर पहले पञ्चामृत और बाद में शहद का लेपन अवश्य करें। इससे आपके जटिल-से-जटिल रोग सहज ही समाप्त हो जायेंगे। आज कुछ और इसी प्रकार के विशिष्ट उपाय अपने और अपने परिवार के भले के लिए अवश्य ही करना चाहिए। जैसे किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति हेतु आज आँवले के जड़ में घी के दीपक में एक चुटकी हल्दी डालकर जला देवें। इससे बिटिया की शादी में विलम्ब हो रहा हो तो नहीं होगा अर्थात शीघ्र ही विवाह का योग बन जाएगा। आज भगवान श्रीसूर्यनारायण मूल नक्षत्र को छोड़कर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में (प्रातः 08:36 AM) बजे प्रवेश करेंगे। आप सभी को “मासशिवरात्रि व्रत” की हार्दिक शुभकामनायें।।
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🌐 शुभ हिन्दू नववर्ष 2024 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
🌤️ मास – पौष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – रविवार पौष माह के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि 04:01 AM तक उपरांत अमावस्या
📝 तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर। इस तिथि में भगवान शंकर की पूजा करने से मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों को प्राप्त कर बहुत से पुत्रों एवं प्रभूत धन से संपन्न हो जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र ज्येष्ठा 11:22 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी – ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं. यह नक्षत्र वृश्चिक राशि में पड़ता है।
⚜️ योग – गण्ड योग 09:41 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : विष्टि – 03:51 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : शकुनि – 04:01 ए एम, दिसम्बर 30 तक चतुष्पाद
🔥 गुलिक काल : रविवार को शुभ गुलिक काल 02:53 पी एम से 04:17 पी एम
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सायं 16:34 बजे से 17:56 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो पान एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:24 ए एम से 06:18 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:51 ए एम से 07:13 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:03 पी एम से 12:44 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:07 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:31 पी एम से 05:58 पी एम
🎆 सायाह्न सन्ध्या : 05:34 पी एम से 06:56 पी एम
💧 अमृत काल : 02:09 पी एम से 03:49 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:51 ए एम, दिसम्बर 30
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 11:22 पी एम से 07:13 ए एम, दिसम्बर 30
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंदिर घृणि: सूर्याय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को केसर भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ शिवरात्रि/ अमावस्या प्रारम्भ उ. रात्रि 04.01/ धारावाहिक ‘रामायण’ के निर्माता रामानन्द सागर जन्म दिवस, हिन्दू संत और पेजावर मठ स्वामी विश्वेशतीर्थ स्मृति दिवस, भारतीय वैज्ञानिक शिवराज रामशरण पुण्य तिथि, प्रसिद्ध अभिनेता राजेश खन्ना जन्म दिवस, दादासाहेब गायकवाड़ पुण्य तिथि, ठाकुर महाराजा खेतसिंह स्मृति दिवस, व्योमेश चंद्र बनर्जी जन्म दिवस, अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना जन्म दिवस, सुमित्रानंदन पंत स्मृति दिवस, मंगोलिया स्वतंत्रता दिवस
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏘️ Vastu tips_ 🏚️
अगर आप घर के ब्रह्म स्थान में तांबे के कलश में पानी भरकर रख देते हैं तो ऊर्जा का प्रवाह घर में आसानी से होता है। तांबा सकारात्मकता का प्रतीक भी है इसलिए इस अन्य किसी धातु की बजाय तांबे का ही इस्तेमाल घर के मध्य स्थान में रखने के लिए आपको करना चाहिए। यह छोटा सा कार्य आपके घर में सुख-समृद्धि ला सकता है। जीवन की कई परेशानियों का अंत वास्तु का ये उपाय कर सकता है। साथ ही जल का प्रतिनिधित्व चंद्रमा करता है, जिससे मानसिक शांति भी आपको प्राप्त होती है।
ब्रह्म स्थान में रखें स्फटिक वास्तु में स्फटिक को शुभ माना गया है। सफेद रंग का ये बहुमूल्य पत्थर ब्रह्म स्थान पर अगर आप रखते हैं तो जीवन में सुख-समृद्धि आपको प्राप्त हो सकती है। इसे घर के मध्य स्थान पर रखने से वास्तु दोष भी दूर होता है। स्फटिक को माता लक्ष्मी का प्रिय रत्न भी कहा जाता है, इसलिए अगर आप ब्रह्म स्थान में स्फटिक को रखते हैं तो माता लक्ष्मी का आशीर्वाद आप पर बरसता है। घर में धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती और साथ ही परिवार के लोगों के बीच सामंजस्य बना रहता है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मुंह की बदबू को कैसे ठीक करें? मुंह की बदबू (हैलिटोसिस) को ठीक करने के लिए नियमित देखभाल और कुछ आसान घरेलू उपाय काफी प्रभावी हो सकते हैं। यहाँ कुछ तरीके दिए गए हैं:
सही तरीके से ब्रश और फ्लॉस करें: दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें और फ्लॉस का उपयोग करें। जीभ पर भी सफाई करें, क्योंकि जीभ पर बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं।
पर्याप्त पानी पिएं: मुंह सूखने से बदबू हो सकती है, इसलिए दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं। यह सलाइवा (लार) के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो मुंह को साफ रखता है।
माउथवॉश का उपयोग करें: एंटीसेप्टिक माउथवॉश या नमक के पानी से कुल्ला करें। यह बैक्टीरिया को मारने और बदबू को कम करने में मदद करता है।
संतुलित आहार लें: प्याज, लहसुन और मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें। ताजे फल और सब्जियाँ खाएं, जो लार के उत्पादन में मदद करती हैं।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
इमली खाने से निम्नलिखित बिमारीयों में सुधार हो सकता है:
पाचन संबंधित समस्याएं: इमली में फाइबर होता है, जो आंतों को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज़ जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।
हाई ब्लड प्रेशर: इमली में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे तत्व होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
खांसी और जुकाम: इमली का सेवन शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और इससे खांसी और जुकाम जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।
त्वचा संबंधित समस्याएं: इमली में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और झुर्रियों को कम करते हैं।
इसके अलावा, इमली शरीर के अंदर के हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने, वजन कम करने और सूजन को कम करने में भी सहायक हो सकती है। इसलिए, इमली को एक संतुलित मात्रा में अपने आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌹
🐺 तीन कुत्ते 🦊
एक बार एक गाँव में पंचायत लगी थी। वहीं थोड़ी दूरी पर एक सन्त ने अपना बसेरा किया हुआ था। जब पंचायत किसी निर्णय पर नहीं पहुच सकी तो किसी ने कहा कि क्यों न हम महात्मा जी के पास अपनी समस्या को लेकर चलें, अतः सभी सन्त के पास पहुँचे।
जब सन्त ने गांव के लोगों को देखा तो पुछा कि कैसे आना हुआ ? तो लोगों ने कहा, “महात्मा जी गाँव भर में एक ही कुआँ हैं और कुँए का पानी हम नहीं पी सकते, बदबू आ रही है।”
सन्त ने पुछा- हुआ क्या ? पानी क्यों नहीं पी सकते हो ?
लोग बोले- तीन कुत्ते लड़ते लड़ते उसमें गिर गये थे। बाहर नहीं निकले, मर गये उसी में। अब जिसमें कुत्ते मर गए हों, उसका पानी कैसे पिये महात्मा जी ?
सन्त ने कहा – ‘एक काम करो, उसमें गंगाजल डलवाओ।
कुएं में गंगाजल भी आठ दस बाल्टी छोड़ दिया गया। फिर भी समस्या जस की तस रही। लोग फिर से सन्त के पास पहुँचे। अब सन्त ने कहा, “भगवान की कथा कराओ।”
लोगों ने कहा, “ठीक है।” कथा हुई, फिर भी समस्या जस की तस। लोग फिर सन्त के पास पहुँचे। अब सन्त ने कहा, उसमें सुगंधित द्रव्य डलवाओ। सुगंधित द्रव्य डाला गया, नतीजा फिर वही। ढाक के तीन पात। लोग फिर सन्त के पास, अब सन्त खुद चलकर आये।
लोगों ने कहा- महाराज ! वही हालत है, हमने सब करके देख लिया। गंगाजल भी डलवाया, कथा भी करवायी, प्रसाद भी बाँटा और उसमें सुगन्धित पुष्प और बहुत चीजें डालीं।
अब सन्त आश्चर्यचकित हुए और पूछा- कि तुमने और सब तो किया, वे तीन कुत्ते जो मरे पड़े थे, उन्हें निकाला कि नहीं ?
लोग बोले – उसके लिए न आपने कहा था न हमने निकाला, बाकी सब किया। वे तो वहीं के वहीं पड़े हैं।
सन्त बोले – “जब तक उन्हें नहीं निकालोगे, इन उपायों का कोई प्रभाव नहीं होगा।”
ऐसी ही कथा हमारे जीवन की भी है। इस शरीर नामक गाँव के अंतःकरण के कुएँ में ये काम, क्रोध और लोभ के तीन कुत्ते लड़ते झगड़ते गिर गये हैं।
हम उपाय पूछते हैं तो लोग बताते हैं, तीर्थयात्रा कर लो, गंगा स्नान कर लो, थोड़ा पूजा करो, थोड़ा पाठ।
सब करते हैं, पर बदबू उन्हीं दुर्गुणों की आती रहती है। तो पहले इन्हें निकाल कर बाहर करें तभी जीवन उपयोगी होगा
जय श्री राम🙏🌹
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।

