आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 02 जुलाई 2024
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
🌐 संवत्सर क्रोधी
📖 संवत्सर (उत्तर) कालयुक्त
🧾 विक्रम संवत 2081 विक्रम संवत
🔮 गुजराती संवत 2080 विक्रम संवत
☸️ शक संवत 1946 शक संवत
☪️ कलि संवत 5125 कलि संवत
🕉️ शिवराज शक 351
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
🌤️ मास – आषाढ़ मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – मंगलवार आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि 08:42 AM तक उपरांत द्वादशी
🖍️ तिथि स्वामी – एकादशी तिथि के देवता हैं विश्वेदेवगणों और विष्णु। इस तिथि को विश्वेदेवों पूजा करने से संतान, धन-धान्य और भूमि आदि की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र कृत्तिका 04:40 AM तक उपरांत रोहिणी
🪐 नक्षत्र स्वामी – कृतिका नक्षत्र के स्वामी सूर्य और राशि के स्वामी शुक्र हैं।
⚜️ योग – धृति योग 11:16 AM तक, उसके बाद शूल योग
⚡ प्रथम करण : बालव – 08:42 ए एम तक
✨ द्वितीय करण – कौलव – 07:54 पी एम तक तैतिल
🔥 गुलिक काल : मंगलवार का गुलिक दोपहर 12:06 से 01:26 बजे तक।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – दोपहर 15:13 बजे से 16:35 बजे तक। राहु काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:27:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 07:23:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:07 ए एम से 04:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:27 ए एम से 05:27 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:57 ए एम से 12:53 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:45 पी एम से 03:40 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:22 पी एम से 07:42 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:23 पी एम से 08:24 पी एम
💧 अमृत काल : 02:20 ए एम, जुलाई 03 से 03:53 ए एम, जुलाई 03
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:05 ए एम, जुलाई 03 से 12:46 ए एम, जुलाई 03
🌸 त्रिपुष्कर योग : 08:42 ए एम से 04:40 ए एम, जुलाई 03
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 05:27 ए एम से 04:40 ए एम, जुलाई 03
🚓 यात्रा शकुन-दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
💁🏻 आज का उपाय-किसी विप्र को लाल वस्त्र भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्योहार – योगिनी एकादशी व्रत (सर्वे)/सर्वार्थसिद्धि योग/त्रिपुष्कर योग/ राष्ट्रीय मैं भूल गया दिवस है, राष्ट्रीय सैन्य धोखाधड़ी रिपोर्ट दिवस, राष्ट्रीय एनीसेट दिवस, यूएसए में निर्मित दिवस, विकलांगों के लिए विशेष मनोरंजन दिवस, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग स्थापना दिवस, भारत के महान क्रांतिकारी असित भट्टाचार्य स्मृति दिवस, विश्व खेल पत्रकार दिवस, अभिनेत्री अनुपमा वर्मा जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – एकादशी तिथि को चावल एवं दाल नहीं खाना चाहिये तथा द्वादशी को मसूर नहीं खाना चाहिये। यह इस तिथि में त्याज्य बताया गया है। एकादशी को चावल न खाने अथवा रोटी खाने से व्रत का आधा फल सहज ही प्राप्त हो जाता है। एकादशी तिथि एक आनन्द प्रदायिनी और शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। एकादशी को सूर्योदय से पहले स्नान के जल में आँवला या आँवले का रस डालकर स्नान करना चाहिये। इससे पुण्यों कि वृद्धि, पापों का क्षय एवं भगवान नारायण के कृपा कि प्राप्ति होती है।
🛕 Vastu Tips 💒
मशीनें इलेक्ट्रॉनिक सामान और मशीनों को कभी भी घर की दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। इससे घर-परिवार के बीच रिश्तों में दूरियां आने लगती हैं।
पूजा घर मंदिर को हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में ही रखना चाहिए। भूलकर भी घर के मंदिर को दक्षिण दिशा में ना रखें। इससे पूजा का फल नहीं मिलेगा और साथ ही आपकी मनोकामनाएं भी पूरी नहीं हो पाएंगी।
बेडरूम में दांपत्य जीवन को सही और खुशहाल बनाना है तो बेडरूम को दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए। इतना ही नहीं वास्तु के अनुसार बेडरूम का बिस्तर भी दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए। इससे पति-पत्नी के बीच रिश्ते खराब होते हैं और अनिद्रा की समस्या हो सकती है।
जूते-चप्पल वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में जूते चप्पल या शू रैक नहीं रखना चाहिए। इससे पितरों का अपमान होता है। साथ ही घर में छोटी-छोटी बातों पर कलह होती है और घर की की सुख-शांति बिगड़ सकती है।
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
रात को पानी पीना हो तो …._
ठंडा पानी रात को नहीं पीना चाहिए | सूर्यास्त के बाद पानी न पियें तो अच्छा है, पियें तो भी गुनगुना | और सूर्योदय के पहले भी पानी गुनगुना ही पीना चाहिए, नहीं तो मंदाग्नि होगी |
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
सफेद मूसली का प्रयोग वजन बढ़ाने में
सफ़ेद मूसली कमजोर शरीर को पोषकता प्रदान करती है और आपका वजन बढ़ाने में मदद करती है।
यदि आप वजन बढाने की कोशिश कर रहे हैं तो मूसली के पाउडर को दूध के साथ लें।
बहुत से लोगों में मूसली को पचाने की समस्या होती है। ऐसे में आप मूसली खाने का तरीका बदल सकते हैं। आप मूसली के पाउडर की जगह मूसली का रस पी सकते हैं।
इसके अलावा मूसली के प्रभाव को कम करने के लिए आप इसके साथ शहद मिलाकर भी ले सकते हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
यदि जन्म कुंडली परीक्षण करने वाला व्यक्ति सामने हो तो उसकी जन्म कुंडली में शनि की स्थिति देखकर उसकी आयु का अनुमान लगाया जा सकता है। जन्मपत्री में शनि जहां बैठा है, वहां से ढाई-ढ़ाई साल आगे के भावों को जोड़ते हुए उस भाव तक जोड़े जहां वर्तमान में कुंडली परीक्षण करते समय गोचर में जिस भाव में शनि बैठा हो। कुल जितने साल बनते हों उतने साल के आस-पास जातक की उम्र होनी चाहिए।
शनि प्रत्येक भाव से होते हुए उसी भाव पर 30 साल बाद आता है। यदि सामने वाले जातक की उम्र इसके आस-पास न निकले तो यह जानना चाहिए कि वह कुंडली शायद उस व्यक्ति की नहीं है। चूंकि शनि को पूरा चक्र चलने में 30 साल लगते हैं, इस तरह हर भाव में उसका करीब ढ़ाई साल रहना माना जाता है। यदि कोई 30 साल से ज्यादा उम्र का परीक्षण कराने वाला व्यक्ति हो तो उपरोक्त जो साल निकले उनमें 30 साल और उम्र जोड़कर बतानी चाहिए।
शनि की स्थिति से बताएं जन्मपत्री दिखाने वाले की वर्तमान आयु
ज्योतिष के क्षेत्र में अक्सर ज्योतिष विद्यार्थियों के सामने लोग उनकी परीक्षा लेने के लिए आते हैं और किसी दूसरे व्यक्ति की जन्मपत्री को अपनी जन्मपत्री कह कर बताते हैं अथवा अपनी जन्मपत्री को किसी दूसरे की जन्मपत्री कहकर ज्योतिषी की परीक्षा लेने की कोशिश करते हैं। परंतु यदि ज्योतिषी, ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों को अच्छी तरह जानता है, तो वह तुरंत सामने वाले का चेहरा देखकर पकड़ लेगा कि यह जन्मपत्री गलत है अथवा उसकी नहीं है।
अगर आप 60 साल से ऊपर वाले वक्ति की कुंडली देख रहे हों तो जो उपरोक्त से साल निकले हों उनमें 30 + 30 (60) साल और जोड़कर उम्र बताएं। सटीक गणना के लिए वर्तमान राशि में गोचर का शनि कितने अंश का है, तथा व्यक्ति की जन्मपत्री में जन्म के समय शनि कितने अंश का था, दोनों के अंतर को वर्षों में निकालना चाहिए। वर्तमान में शनि कितने अंश पर है, तथा जिस व्यक्ति की जन्मपत्री सामने है, उसके जन्म के समय शनि कितने अंशों पर है, दोनों की बारीख गणना करने पर शनि के द्वारा वर्तमान आयु का आकलन किया जा सकता है।



