पौधारोपण कार्यक्रम एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
सिलवानी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा पर्यावरण संवर्धन एवं सरंक्षण के पंच-ज अभियान अंतर्गत 5 सितम्बर शुक्रवार को वन विभाग सिलवानी के सहयोग से जमुनिया घाटी सिलवानी में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम एवं विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
पौधारोपण कार्यक्रम में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिलवानी सुनीता पचौरिया द्वारा पौधारोपण किया गया एवं उपस्थित अधिवक्तागण , न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि पौधारोपण का अर्थ पेड़-पौधे लगाने की प्रक्रिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, भूमि सुधार, वन्यजीवों के आवास में सुधार और वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। यह एक ऐसा अभियान है जिसे सभी नागरिक मिलकर करते हैं ताकि पर्यावरण को हरा-भरा और स्वस्थ बनाया जा सके। जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सतत भविष्य सुनिश्चित हो सके, पेड़ हवा से हानिकारक प्रदूषकों को हटाते हैं जिससे हवा शुद्ध होती है। पौधारोपण से सार्वजनिक स्थानों में सुधार होता है और भूमि का क्षरण रुकता है। पेड़ वाष्पोत्सर्जन द्वारा ठंडक प्रदान करते हैं और छाया से रास्तों के तापमान को कम करते हैं पेड़ वन्य जीवों के लिए बेहतर आवास बनाते हैं, जिससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। पर्यावरण संरक्षण व भूमि संरक्षण के लिए मौजूदा समय में पौधारोपण जरूरी है सभी को पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए।
पौधारोपण कार्यक्रम एवं विधिक साक्षरता शिविर में महेन्द्र कुमार पलेचा, वन परिक्षेत्र अधिकारी, अध्यक्ष अभिभाषक संघ सिलवानी जी.एस. रघुवंशी, अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव, दीपेश समैया, आर के नेमा, सुरेन्द्र तिवारी, दिनेश यादव सहित न्यायालयीन कर्मचारीगण, जन समान्य द्वारा पौधारोपण किया गया।



