आज का पंचाग शुक्रवार 14 अक्टूबर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 14 अक्टूबर 2022
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – कार्तिक मास
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- पंचमी तिथि 04:20:00 बजे तक तदोपरान्त षष्ठी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- पंचमी तिथि के स्वामी नागदेवता हैं तथा षष्ठी तिथि के स्वामी कार्तिकेय जी हैं।
💫 नक्षत्रः- रोहिणी नक्षत्र 09:22:00 बजे तक तदोपरान्त मृगशिरा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव जी हैं तथा मृगशिरा नक्षत्र के स्वामी मृगशिरा देव जी हैं।
🔔 योगः- व्यतिपात 13:56:00 बजे तक तदोपरान्त वरियन
⚡ प्रथम करण : कौलव – 03:56 पी एम तक
✨ द्वितीय करण: तैतिल – 04:52 ए एम, अक्टूबर 15 तक गर
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 07:43:00 से 09:13:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए तथा ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दही खा कर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 10:40:00 से 12:07:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:50:51
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:24:51
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:41 ए एम से 05:31 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:06 ए एम से 06:21 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:30 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:48 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:41 पी एम से 06:05 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:53 पी एम से 07:08 पी एम
💧 अमृत काल : 05:18 पी एम से 07:03 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:42 पी एम से 12:32 ए एम, अक्टूबर 15
☄️ रोहिणी नक्षत्र – आज रात 8 बजकर 47 मिनट तक
💥 व्यतिपात योग – आज दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में श्रृंगार सामग्री भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – विश्व मानक दिवस, विश्व डाक दिवस, राष्ट्रीय विधिक सहायता दिवस, रजिया सुल्तान जयंती, पंजाब विश्वविद्यालय स्थापना दिवस
✍🏽 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🗺️ Vastu tips 🗽
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए घर या ऑफिस में घोड़े की तस्वीर लगाने के बारे में। जीवन में सफलता और तरक्की पाने के लिए यदि वास्तु शास्त्र में दिए कुछ उपाय अपना लिए जाए तो आपकी मेहनत को चार चांद लग जायेंगे और आप अपने जीवन में हमेशा आगे बढ़ते रहेंगे। ऐसे में आज जानिए घर या ऑफिस में दौड़ते घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति लगाने के बारे में। अगर आप अपने करियर को लेकर परेशान रहते हैं, अगर आपको लगता है कि सब कुछ करते हुए भी आप एक ही जगह स्थिर हैं।
अगर आपको जीवन में आगे बढ़ने के लिए मोटिवेशन की जरूरत है, तो घर में दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर जरूर लगाएं। घोड़ा शक्ति व ऊर्जा का प्रतीक होता हैं। घोड़े की तस्वीर देखते ही आलस्य दूर हो जाता है और अंदर एक ऊर्जा समाहित हो जाती है, लेकिन ध्यान रखे कि तस्वीर में घोड़ा दौड़ते हुए होना चाहिए और वो भी सामने की तरफ।
वहीं मूर्ति रखते समय ध्यान दें कि घोड़ा बिना लगाम के होना चाहिए। घोड़े की गति कभी भी बाधित नहीं होनी चाहिए। आप घोड़ों की तस्वीर को दिवार पर लगाने के अलावा अपने ऑफिस डेस्कटॉप की स्क्रीन पर भी लगा सकते हैं।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
बदलते मौसम में मौसम में बदलाव के कारण हमारे शरीर में भी कुछ बदलाव देखने को मिलते हैं। इन दिनों हमें अधिक नींद आती है और ठंड के मौसम में रात काफी काफी लंबी होती है और दिन के समय भी धूप कम मिलती है। यही वजह है कि हमें अधिक नींद लेने की आदत पड़ जाती है।
बीमारी में नींद की जरूरत अच्छी नींद लेने से बीमारियों को हराया जा सकता है। जब कोई बीमारी हमें अपने चपेट में ले लेती है, जिससे हमारा शरीर कमजोर होने लगता है और हर समय नींद और थकान महसूस होती है। इस समय हमें आम दिनों की तुलना में अधिक नींद लेने की नीड होती है, जिससे कि हमारा शरीर बीमारियों से आसानी से लड़ सके।
कितने घंटे सोना जरूरी हर एक व्यक्ति का सोने का समय अलग अलग होता है। कुछ लोग 5 घंटे से 6,7,8 या उससे ज्यादा समय तक भी नींद लेते हैं। लेकिन अगर आप 6 घंटे सोने के बाद ताजगी और सक्रियता महसूस करते हैं तो यह आपके हेल्थ के लिए अच्छा इशारा है। वहीं जिन लोगों को 6 घंटे सोने के बाद भी हमेशा थकान, हर समय नींद आना, सुस्ती जैसी परेशानी दिखे। उन्हें 8 या 9 घंटे सोना चाहिए, जिससे कि वह फ्रेश फील कर सके और पूरे दिन एनर्जी के साथ काम कर पाएं।
💊 आरोग्य संजीवनी 🩸
पीरियड्स के दिनों में मासिक धर्म के दिनों में महिलाओं को अधिक थकान और चिड़चिड़ापन, शरीर में ऐंठन जैसी दिक्कतें महसूस होती है। इसलिए पीरियड्स टाइम में ज्यादा नींद लेने की आवश्यकता पड़ती है। वैसे तो कई महिलाओं को इन परेशानियों के चलते नींद कम आती है। लेकिन कोशिश करें कि इन दिनों में अधिक से अधिक नींद लें, जिसकी वजह से आपको दर्द और चिड़चिड़ापन से राहत मिलेगी। आप पर्याप्त और अच्छी नींद लेने के बाद अच्छा फील करेंगी।
नींद लेने के नुकसान कई रिसर्च में पाया गया है कि कम नींद लेने वाले लोगों का इम्यून सिस्टम गड़बड़ रहता है। जो लोग 5 घंटे से भी कम सोते हैं उनका स्वास्थ्य बिगड़ने लगता है और इसका असर उनकी दिल की सेहत पर भी पड़ता है। नींद की कमी से स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा अधिक बढ़ जाता है। कम नींद लेने वालों को एंजाइटी, मेंटल प्रॉब्लम, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन जैसी कई समस्याएं आसानी से अपने चपेट में ले सकती हैं। साथ ही ऐसे लोगों में याददाश्त की कमी देखने को भी मिलती है। ये अन्य लोगों की तुलना में चीजों को जल्दी भूलने लगते हैं। कम सोने से मोटापा काफी तेजी से बढ़ने लगता है और आंखों की रोशनी पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। वहीं जो लोग 9 घंटे से ज्यादा सोते हैं उनमें भी यह परेशानियां देखने को मिलती हैं।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ने अपनी नीतियों में काफी कुछ लिखा है। उनके द्वारा बताई गई हर एक नीति मनुष्य को जीवन में लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित करती हैं। यदि इन बातों पर गौर किया जाए, तो व्यक्ति कई तरह की परेशानियों से बचा रह सकता है। यही वजह है कि आज भी लोग उनके द्वारा कही गई बातें को जरूर अपनाते है।ऐसे लोगों के बारे में बताया जो जीवनभर सुखी रहते हैं लेकिन इन लोगों के बीच रहने से हमेशा दुखी रहने पड़ता है। आइए जानते हैं।
🗣️ श्लोक
मूर्खशिष्योपदेशेन दुष्टास्त्रीभरणेन च।
दुःखितैः सम्प्रयोगेण पण्डितोऽप्यवसीदति॥
👉🏼 भावार्थ
मूर्ख शिष्य को पढ़ाने पर , दुष्ट स्त्री के साथ जीवन बिताने पर तथा दुःखियों- रोगियों के बीच में रहने पर विद्वान व्यक्ति भी दुःखी हो ही जाता है।
आचार्य श्री गोपी राम के इस कथन के अनुसार गुरु और शिष्य का रिश्ता बेहद ही अनमोल होता है, क्योंकि गुरु वह चाबी है जो एक शिष्य को उसकी मंजिल तक पहुंचाने में मदद करता है। एक अच्छा और विद्वान व्यक्ति अपने छात्रों को जीवन में आने वाली हर मुश्किल को पार करने और जीवन में सफलता पाने के लिए तैयार करता है।
लेकिन ठीक इसके विपरीत यदि किसी विद्वान व्यक्ति के जीवन में कोई ऐसा शिष्य आ जाए जिसे कुछ भी समझ न आता हो और न ही उसका ध्यान गुरु द्वारा बताए रास्ते पर चलता हो तो ऐसे मूर्ख शिष्य से विद्वान व्यक्ति एक न एक दिन दुखी जरूर हो जाता है।
इसलिए हम कहते हैं कि अगर कोई विद्वान व्यक्ति की जीवनसंगिनी अच्छी हो तो उसका असर पूरे जीवन पर पड़ता है। इसलिए वह हमेशा परेशानी को आसानी से पार करके सुखी जीवन जीता है। वहीं इसके बदले अगर किसी विद्वान व्यक्ति के जीवन में किसी दुष्ट पत्नी का साथ हो जाता है तो उसका पूरा जीवन ही दुखों से भर जाता है।
. ☞✺═══✺🪔🌹🪔✺═══✺☜
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।


