धार्मिकमध्य प्रदेश

देवउठनी एकादशी के आते ही मचखंडा मुहल्ला में प्रारंभ हुई श्रीमद भागवत कथा

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | देवउठनी एकादशी के आते ही शादी, विवाह और शास्त्र से संबंधित कार्य प्रारंभ हों जाते हैं । इसी तारतम्य में नरेश बंसकार के घर में श्री श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कलश यात्रा बैंड बाजों और ढोल नगाड़ों के साथ एवं जय श्रीराम के नारे कलश यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे। इसी बीच जीवंत झांकियां हनुमान जी, राधा- श्रीकृष्ण, भगवान भोले नाथ एवं माता पार्वती की थी । कलश यात्रा दुर्गन शाला, खेरमाता, आजाद चौक, न्यू बस स्टैंड, झंडा चौक के प्रमुख मार्गो से होते हुए बड़ी माई से होते हुए वेद ग्रंथ को सिर में रखकर दुर्गन शाला में तिवारी जी के बाड़ा में वेद ग्रंथो को रखकर कथा को प्रारंभ किया गया । कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीत वस्त्र पहन कर व सिर पर कलश धारण कर शामिल हुई । कथा का शुभारंभ करते हुए कथावाचक महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है । इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है । उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें । श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है । जन्मभूमि से बढ़कर कोई तीर्थ नहीं है, इसलिए भागवत कथा राम कथा का आयोजन लोग अपनी जन्मभूमि पर ही कराते हैं जिससे उन्हें दोहरा पुण्य प्राप्त होता है । एक तो गांव के लोगों को भगवान की कथा का सार मिल जाता है तथा दूसरा उनके पुरखे तर जाते हैं । जिस तरह भगवान सत्य है उसी तरह अगर मनुष्य भी सत्य की राह में चल जाए तो उसके शरीर की काया भी नहीं बदल सकती है । भगवान श्री कृष्ण जब 20 वर्ष के थे तब उनका स्वरूप वैसे ही था अब हजारों वर्ष के हो गए तभी उनका स्वरूप है वैसे ही है । मानव के शरीर में बचपन युवा एवं बुढ़ापा आता है इसलिए गृह कार्य के साथ हमें भगवान की कथा भी सुननी चाहिए । इसी बीच सरपंच अटल ब्यौहार, समाजसेवी राजेश ब्यौहार, जगमोहन चौरसिया, हिमांशु चौरसिया, शैलेंद्र पौराणिक, नवभारत पत्रकार सतीश चौरसिया, लखन वंशकार, यातायात व्यवस्था बनाएं रखने के लिए एएसआई. भरत मार्को, कोदूलाल दाहियां, शैलेष दमोहिया, योगेश पटैल, आशीष झारिया एवं ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।

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