सामाजिक अंकेक्षण अन्तर्गत विलेज सोशल एनीमेटर ( VSA) ने मुख्यमंत्री के नाम सोपा ज्ञापन
नियमित मासिक कार्य एवं नियमित मानदेय तथा लंबित मानदेय का भुगतान कराने संबंधी
मांग को जिला सीईओ अंजू भदौरिया को दिया ज्ञापन
रिपोर्टर : शिवकुमार साहू
रायसेन । शुक्रवार को ग्राम सामाजिक एनिमेटर संघ जिला रायसेन, जिला अध्यक्ष नीरज रजक जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में विभिन्न मांगो को लेकर जिला पंचायत सीईओ अंजू भदौरिया को ज्ञापन सौंपा।
इस अवसर पर अनीता लोधी सिलवानी, चंदन प्रजापति जमुनिया, ववीता शर्मा जैथारी, दीप्ति जमुनिया, धनबाई रानीपुरा,
हरीबाई सियरमऊ, वंदना केवट भानपुर, कौशल्याबाई पहरिया,
दुर्गा देवी बेगमगंज, आरती राजपूत सांची, आशा सूर्यवंशी गैरतगंज, कोमल सूर्यवंशी गैरतगंज, निशा शर्मा ओबेदुलागंज आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि हम विलेज सोशल एनीमेटर (VSA) वर्ष 2019-20 में सामाजिक अंकेक्षण में शासन की निर्धारित पूर्व से कार्यरत् (VSA) एवं नवीन (VSA) के विधिवत प्रदेश में एक साथ सभी जिलों में NIRDPR की परीक्षा प्रक्रिया से चिन्हांकित होकर सामाजिक अंकेक्षण के कार्य में संलग्न नियमित मानदेय आधार पर स्टेट सामाजिक सम्परीक्षा समिति (MPS-4) के द्वारा बनी गई वार्षिक कार्य योजना के तहत काम कर रहें हैं। हमारे द्वारा किये गये कार्यो के परिणाम स्वरूप समाज में प्रत्येक ग्राम पंचायत में निम्नांकित मुख्य परिवर्तन हुये ।
मनरेगा योजना में पारदर्शिता लागू हुई।
राज्य शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन उनके प्रावधानों के अनुसार सुनिश्चित हुआ।
विशेष ग्राम सभाओं के आयोजन एवं उनमें योजना नियमों को प्रदर्शित करने से ग्राम सभाओं के महत्वता प्रकट हुई।
ग्राम सभाओं में स्थानीय गरीब तपका उपस्थित हुआ । उसकी समस्याओं पर तत्काल निराकरण हेतु कार्यवाही प्रचलित हुई ।
योजना की अनियमितता स्थानीय स्तर पर (VSA) द्वारा राज्य शासन के पूरे दिशा निर्देश प्रसारित हुये ।
सामाजिक अंकेक्षण से ग्राम सभाओं द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से दोषियों को दण्ड मिलने से आम जनता का शासन पर विश्वास बड़ा ।
किन्तु इस कार्य को प्रमुखता से करने वाले ( VSA) के पास नवम्बर 2022 के पश्चात् कार्य नहीं हैं, जिसके कारण हम बेरोजगार होकर आर्थिक रूप से बदहाल स्थिति मे पहुंच गये हैं। सामाजिक अंकेक्षण मे कार्य करने के उपरांत हमारी सामाजिक प्रतिष्ठान मे वृद्धि हुई जो आज हास्याष्पद एवं दयनीय स्थिति मे पहुंच गए। । सामाजिक अंकेक्षण कार्य से हम ग्रामीणों (विशेषकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि के फलस्वरूप हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ अच्छा जीवन यापन एवं बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने की संभावना भी बढ़ गई थी। जो काम नहीं होने के कारण धुमिल हो चुकी है। सामाजिक अंकेक्षण के कार्य मे समूह की महिलाएं भी संलग्न थी। आपकी छवि हमारी समूह की महिलाओं के भाई के रूप मे प्रसिद्ध है। किन्तु आपकी यह बहने आपके सुप्रतिष्ठित शासन मे उपेक्षित होकर रोजगार रहित हो गई है।
ग्राम सामजिक एनिमेटरो ने निवेदन किया है कि इन कष्टकारी परिस्थितियों से हमें निकालने की कृपा करें। आपको विदित है, कि भारत सरकार के द्वारा एवं राज्य शासन के सहयोग द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, मध्यान्ह भोजन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, लोक सेवा गारंटी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय सामाजिक पेंशन, योजना (NSAP) सामाजिक न्याय विभाग 14वे और 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य योजनाओं में कुल व्यय / बजट का 0.5 प्रतिशत राशि सामाजिक अंकेक्षण का व्यय करने के लिये अनुमत्य है। इन सभी योजनाओं के लिये सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया प्रचलित कराई जाना अधिनियम के तहत प्रावधानिक है। किन्तु इन योजनाओं को संचालित करने वाले राज्य के विभागों की उदासीनता के कारण सामाजिक अंकेक्षण कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिसमे आम जनता के मन में उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन में निष्पक्षता एवं पारदर्शित के प्रति आशंका है। जिसे सामाजिक अंकेक्षण कराकर दूर किया जा सकता है। कुछ अन्य योजनाएं जैसे- ग्राम पंचायत के माध्यम से संचालित होने वाली सभी योजनाएं राशन वितरण योजना, नल-जल योजना, आंगनवाड़ी संचालन योजना, पांचवी वित्त योजना, 15वें वित्त योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि मे भी समय-समय पर अखबारों के माध्यम से अनियमितता संबंधि खबरे संज्ञान मे आती हैं। जिसके नियमानुसार संचालन एवं दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही मे सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन करने में सक्षम है। इससे इन योजनाओं मे निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बढ़ेगी तथा आपके सुशासन का निर्मल रूप जनता के सामने उभर कर सामने आ पायेगा । कृपया ग्राम सामाजिक एनीमेटर को कार्य उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण कराने का अनुरोध है । जिससे सुशासन के साथ-साथ हमारा जीवन यापन भी सम्मान पूर्वक सुनिश्चित हो सके। महोदय हमने वर्ष 2022 में मनरेगा योजना का सामाजिक अंकेक्षण कार्य किया था। जिसके मानदेय का भुगतान भी लंबित है। राज्य कार्यालय से बताया जाता है, कि केन्द्र से फण्ड न आने के कारण भुगतान रूका हुआ है। इस संबंध में अनुरोध है कि राज्य सरकार की किसी दूसरी योजना अथवा राज्याशं से भुगतान करा दिया जाये, जैसे ही केन्द्र से फण्ड मिलेगा तो समायोजित कर लिया जाये ।



