मध्य प्रदेश

स्थानांतरित सचिवों पर शासन की चेतावनी का असर नहीं सीईओ ने एकतरफा किया भार मुक्त

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । म.प्र. शासन, सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय, वल्लभ भवन, भोपाल के परिपत्र में वर्णित दिशा निर्देशों द्वारा राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारी कर्मचारियों की स्थानान्तरण नीति के तहत करीब डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायत सचिवों को प्रशासकीय आधार पर स्थानांतरित किया जाकर तीन दिवस में अपना पदभार रोजगार सहायकों को सौंपकर जनपद कार्यालय में इसकी सूचना दी जाना थी। लेकिन 4 अक्टूबर के आदेश का परिपालन जब संबंधित सचिवों द्वारा नहीं किया गया तो जनपद सीईओ आशीष जोशी ने 19 अक्टूबर को पत्र जारी करते हुए संबंधित सचिवों को एकतरफा भार मुक्त करते हुए 3 दिन में संबंधित पंचायत की भार मुक्ति एवं प्रभारी सूची साथ ही नवीन पंचायत में प्रभार प्राप्त करने और डीएससी एक्टिव करने के बारे में पत्र जारी किया था उसके बावजूद भी सचिवों के कान पर जूं नहीं रेंगी और आज तक उन्होंने स्थानांतरित पंचायत में प्रभार नहीं संभाला है। जिससे प्रतीत होता है कि सचिवों पर शासन-प्रशासन की चेतावनी का कोई असर नहीं है जबकि स्थानांतरण सूची में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई थी कि उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। स्थानान्तरित ग्राम पंचायत सचिव अपनी ग्राम पंचायत के सहायक सचिव (ग्राम रोजगार सहायक) को 3 दिवस में ग्राम पंचायत के समस्त अभिलेखों की सूची सहित प्रभार सौंपकर भारमुक्त होवें एवं प्रभार की सूची की एक प्रति जनपद पंचायत को उपलब्ध करावें । अपालन की स्थिति में संबंधित के विरूद्ध म.प्र. पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम संशोधित 2011 में निहित प्रावधानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसी प्रकार की चेतावनी जनपद सीईओ ने भी 19 अक्टूबर को जारी अपने पत्र में देते हुए तीन दिवस में उक्त सामग्री उपलब्ध कराने और प्रभार संभालने की चेतावनी दी थी बावजूद इसके सचिव अभी भी पंचायतों में नहीं पहुंचे हैं जिससे पंचायतों को कार्य प्रभावित हो रहा है। शासन प्रशासन की मंशा है कि अंतिम छोर के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का भरपूर लाभ पहुंचे सेवा पखवाड़े के तहत भी शासन की योजना थी की घर-घर पहुंचकर जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए , लेकिन स्थानांतरण के चक्कर में उलझे सचिवों द्वारा शासन की योजनाओं को कितना क्रियान्वयन किया गया है यह तो जमीनी स्तर पर पहुंच कर ही पता चल सकेगा। फिलहाल देखना यह है कि शासन की चेतावनी का पालन नहीं करने वाले सचिवों पर क्या म.प्र. पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम संशोधित 2011 में निहित प्रावधानुसार कार्रवाई होगी या राजनीतिक संरक्षण के चलते मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा।
इस संबंध में जनपद सीईओ आशीष जोशी का कहना है कि सभी स्थानांतरित सचिवों को भार मुक्त कर दिया गया है वे अब कोई वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएंगे ज्यादातर ने स्थानांतरित पंचायत में प्रभार ले लिया है जो कुछ शेष रह गए हैं यदि वे पालन नहीं करते है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई प्रसतावित की जाएगी।

Related Articles

Back to top button