अंगद के पैर की तरह जमे आदर्श ज्योतिषी, 89 दिन के लिए हुए थे पदस्थ

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी जो कि सहकारिता के नियमानुसार 89 दिन के लिए पदस्थ हुए थे पर मानो जैसे ये अंगद के तेरह पैर की तरह जम गए हैं। सारे नियमों को धत्ता दिखाते हुए आदर्श ज्योतिषी द्वारा पद में रहते हुए जमकर अनियमितता की जा रही हैं। जहां सरकार के द्वारा इनको नौ हजार रूपए का भुगतान किया जाता हैं पर वही ये लक्ष्मी का ताज पहन रहे हैं। पहने भी क्यूं नहीं क्यूंकि अनियमितता करके राशन को आहरित कर लेते हैं। लगातार लोगों से कहते हुए नजर आते हैं कि एक बार और खरीदी मिल जाती तो जो कर्जा हैं उसको चुका दिया जाता अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्या खरीदी ये कर्जा चुकाने के लिए कर रहे हैं।
*किसानों का पैसा अपने खाते में डलवा लिया जाता हैं*
कुछ दिन पूर्व एक किसान का पैसा अपने खाते में डलवा लिया गया था जिसको लेकर ये बाजार में जमकर सुर्खियां बटोरे थे। जब इनको खरीदी मिलती हैं तो इनके द्वारा धोखाधड़ी करके साहूकारों और किसानों का पैसा अपने खाते में डलवा लिया जाता हैं। बड़े आश्चर्य कि बात है कि शासन के द्वारा नियमों को लेकर विशेष सावधानी बरती जाती हैं पर सावधानी से क्या होता हैं बिचारे अंजान लोगो से ओटीपी पूछकर पैसों को अपने खाते में डलवाकर अपने निजी कार्यों में लगाया जाता हैं और किसान दर – दर भटकता रहता हैं। किसान भी दबाव में आकर ज्यादा शिकवा शिकायत नहीं कर पाया क्यूंकि सेल्समैन का रूतबा ज़्यादा हैं इस कारण लोग ज्यादा शिकायत करने से परहेज करते हैं। इस विषय में इनके उच्च – अधिकारी का भी ध्यान आकर्षित कराया गया था पर अधिकारी ने नहीं सुनी कहां सुनेंगे ज्यादा कुछ बात आगे बढ़ेगी तो सेल्समैन नेताओं से दबाव बनवा देगा।
*खरीदी मिलते ही भर जाता हैं केंद्र*
इनको जैसे ही खरीदी मिलती हैं तो केंद्र लभालभ भर जाता हैं क्यूंकि साहूकार जितने हैं सब इनके विशेष साथी हैं। जैसे ही साहूकारो को पता चलता है कि खरीदी प्रभारी आदर्श ज्योतिषी हैं तो साहूकार खुश हो जाते हैं हो भी क्यूं ना क्यूंकि खरीदी तो इनके लिए ही होती हैं किसानों के लिए नहीं इनकी खरीदी में साहूकारों की भरमार लगी रहती हैं। इनके द्वारा तो किसानों तक से कमीशन लिया जाता हैं अगर किसान इसका विरोध करते हैं तो अनाज ही नही तौला जाता हैं लंबे अर्से के लिए अनाज केंद्र में पड़ा रहता हैं अब सोचा जा सकता हैं कि केंद्र प्रभारी की मनमानी कितनी चरम पर रहती हैं। सूत्रों के द्वारा बताया गया कि एक केंद्र तो ठीक हैं ज्यादा नोट के चक्कर में एक और केंद्र कचनारी में लेकर जो कि समूह के लिए आदेशित हुआ था पर पूरी देखरेख सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी की निगरानी में की जाती थी और सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी को केंद्र चलाने में महारथ हासिल है। अगर साहूकारों का कचरा माल देखना है तो सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी के केंद्र का निरीक्षण किया जाए।
*89 दिन वालो को नही मिलनी चाहिए खरीदी*
स्मरण रहे कि 89 दिन वालो को खरीदी नहीं मिलनी चाहिए , खासकर सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी को क्यूंकि साजिश के तहत इनको खरीदी मिलती है। ये धान के खरीदी प्रभारी बनना ज्यादा पसंद करते है क्यूंकि इनको धान में ज्यादा मुनाफा होता हैं गेंहू का बाजार तेज होता हैं तो गेंहू बाजार में साहूकार ले जाते हैं। सूत्रों के द्वारा बताया गया कि बाहर तक से इनके द्वारा धान बुलवाया जाता हैं और शासन को खरीदी मूल्य में बेचा जाता हैं। विदित हैं कि जहां शासन को चूना लगाया जाता हैं वही बड़े तबके में खरीदी प्रभारी आदर्श ज्योतिषी फायदे में रहता हैं।
*शिकायतकर्ता का नाम जान जाने में राशन पर्ची काटने की धमकी*
सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी के हौसले इतने बुलंद है कि जो शिकायतकर्ता हैं अगर इनको पता चल जाता हैं तो राशन पर्ची तक बिना किसी को कानो कान खबर के कटवा दिया जाता हैं इसलिए अनेकों शिकायतकर्ता मध्य प्रदेश की सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत करने से परहेज करते हैं। अगर इनके कारनामों की गाथा सीएम हेल्पलाइन में बता दी गई तो शिकायतकर्ता का नाम उसमे आ जाता हैं और उसके बाद शिकायतकर्ता की खैर नहीं, फिर सेल्समैन आदर्श ज्योतिषी रौब झाड़ते हुए नजर आते हैं। जो राशन लेने जाते हैं वो गरीब तबके के हितग्राही हैं गरीब को हमेशा दबाया जाता हैं क्यूंकि उसकी कमजोरी यह हैं कि वह गरीब हैं अगर किसी ने हिम्मत करके सीएम हेल्पलाइन लगा भी दिया तो सेल्समैन के द्वारा दबाव डलवाकर कटवा दिया जाता हैं। अब सोचा जा सकता हैं कि इनके हौसले कितने बुलंद हैं।



