मध्य प्रदेश

अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा : माफिया मुक्त अभियान में कितनी जमीन मुक्त कराई प्रशासन को नहीं पता, रिकॉड मांगा

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । जिले के सरकारी तालाबों राजस्व विभाग का वह हिस्सा जिस पर अतिक्रमण कर पक्के मकान बना लिए गए। जिसे जिला प्रशासन अब तक नहीं हटा पाया। गौहरगंज तहसील के चिकलोद तालाब हरिया तालाब सहित संग्रामपुर रायसेन तालाब भुजरिया तालाब खजिया तालाब गुलगांव तालाब पर 2447 वर्गमीटर एरिया पर 36 लोगों का 40 साल से अतिक्रमण बरकरार है। रायसेन जिले में चलाए गए माफिया मुक्त अभियान के तहत प्रशासन जोर-शोर से सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का दावा तो कर रहा है। लेकिन पिछले एक साल में कितनी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई इसका इकजाई रिकॉर्ड जिला प्रशासन के पास नहीं है। मृगांचल एक्सप्रेस की टीम को के भू-अभिलेख, एडीएम, एसडीएम कार्यालय और नजूल शाखा से अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की जानकारी मांगी ।लेकिन चारों कार्यालयों में किसी के पास अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की जानकारी नहीं है।
जिला भू-अभिलेख के अधिकारियों को यह भी नहीं पता कि जिले में राजस्व विभाग की कितनी जमीन पर अतिक्रमण है? जिसे मुक्त कराया जाना अभी बाकी है। माफिया मुक्त अभियान में जिला प्रशासन भले ही चाहे अतिक्रमण हटाने के बड़े-बड़े दावे करे लेकिन सरकारी तालाबों से अतिक्रमण प्रशासन एनजीटी के आदेश के बाद भी नहीं हटा सका है। सरकारी तालाबों एरिया में से 2 हजार 447 वर्गमीटर क्षेत्र में 36 लोगों का अतिक्रमण पिछले 40-50 सालों से है। जिसे हटाने के आदेश एनजीटी ने 8 महीने पहले दिए थे।
एसडीएम का तहसीलदार को पत्र, कहा- मुक्त कराई जमीन की जानकारी भेजें…
रायसेन एसडीएम एलके खरे ने रायसेन तहसीलदार अजय प्रताप सिंह पटेल को पत्र लिखकर जमीनों की जानकारी मांगी है। जिसमें कहा गया है कि शहरी क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमि के अतिक्रमण को भू-माफिया से मुक्त कराने के बाद उस भूमि पर आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए निजी भागीदारी के आधार पर शासकीय कोष उपयोग न करते हुए आवास निर्माण किए जाने हैं। भू-माफियाओं से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि की जानकारी खसरा नक्शा सहित उपलब्ध कराएं। मप्र हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री ने भी इस संबंध में कलेक्टर अरविंद दुबे को पत्र लिखा है जिसमें कहा है कि जिले में भू-माफियाओं से मुक्त कराई गई शासकीय भूमि की जानकारी खसरा-नक्शा सहित उपलब्ध कराएं। जिससे स्वराज पॉलिसी के तहत योजना तैयार की जा सकें।

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