अधिकारियों कर्मचारियो सरपंचों की मिलीभगत से पोर्टल पर चढ़ाए जा रहे धुंधले बिल पारदर्शिता पर डाल रहे धूल

जनपद पंचायत पटेरा की पंचायत की ग्राम पंचायतों का मामला
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । जनपद पंचायत पटेरा में सरकार की मंशा अनुसार राइट टू इनफार्मेशन व पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से शासन ने राइट टू इनफार्मेशन और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत में पंचायत दर्पण ऐप बनाया गया है जिसमें ग्राम पंचायत के सभी कार्यों की जानकारी इस पोर्टल पर फीड की जाती है जिसमें पंचायत में मनरेगा पर काम करने वाले मजदूर की मजदूरी करते हुए फोटो फीड की जाती है इसमें भी गोलमाल करते पंचायत के अधिकारियों की मिली भगत से ऐसी फोटो अपलोड की जाती है जिसे देखकर ही भ्रष्टाचार उजागर हो जाए लेकिन इन भ्रष्ट अधिकारियों और सरपंचों के हौसले की तारीफ करनी होगी की नाली निर्माण में भी यह खेत की फोटो डाल देते हैं क्योंकि इन्हें पता है कि इन्हें देखने वाला कोई नहीं है और कई बार फोटो भी इस प्रकार से ली जाती है कि कोई भी फोटो में कार्य पहचान में ना आए ना ही मजदूर पहचान में आए इस तरह की धुंधली फोटो लगाई जाती है जिससे भ्रष्टाचार साफ उजागर होता है। पटेरा जनपद पंचायत में जितने भी वेंडर ग्राम पंचायत में मटेरियल सप्लाई कर रहे हैं उन सभी बिलों की फोटो मिरर करके पोर्टल पर डाली जा रही है ताकि पोर्टल पर नजर रखने वाले समाजसेवी बुद्धिजीवी और ईमानदार अधिकारी को इन बिलों के बारे में कोई जानकारी ही ना लग पाए। ऐसे बिल ज्यादा कर पटेल फेब्रिकेशन, जय मां शारदा, अंशिका ट्रेडर्स, राय सप्लायर जैसे वेंडर द्वारा लगाए जा रहे हैं। जिसकी शिकायत जनपद पंचायत पटेरा के CEO को कई बार की गई है इसके बावजूद भी ऐसी गड़बड़ियो पर ध्यान ना देने का मतलब यही है कि अधिकारियों की मिलीभगत से ही यह सारे गोलमाल किया जा रहे हैं। अब देखना होगा समाचार में यह सभी बातें आने के बाद दमोह कलेक्टर इस पर कब तक कार्यवाही करते हैं ?



