अधिकारी बने मूकदर्शक, हितग्राहियों को उचित मूल्य दुकान के सेल्समैंन कर रहे परेशान
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान l गरीब किसान मजदूर को भी ना छोड़े भ्रष्टाचारी, बचा कुचा भी लूट कर बना रहे भिखारी, यह महज एक संवाद नहीं हैं यह कहानी हैं विक्रेता के पद में पदस्थ नवीन चौरसिया की। इनके द्वारा उचित मूल्य दुकान उमरियापान में जमकर अनियमितता की जा रही हैं। न ही समय से राशन वितरित किया जाता हैं और तो और गरीबों से अभद्रता पूर्वक बरताव किया जाता हैं। तहसील क्षेत्र ढीमरखेड़ा के उमरियापान सहकारिता की सबसे बड़ी उचित मूल्य दुकान उमरियापान में विक्रेता नवीन चौरसिया के द्वारा राशन का गमन कर अपनी जेब गर्म करने से बाज नहीं आते। इनके विषय में ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि 22 तारीक से राशन बाटा जाता हैं और ग्रामीण जब पूछते हैं, कि अब राशन कब मिलेगा तो विक्रेता नवीन चौरसिया के द्वारा कह दिया जाता हैं, कि अभी 8 दिन पहले तो राशन बाटा हूँ। ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि अभी तक हमको राशन नहीं मिला पता नहीं हमकों कब राशन मिलेगा। इनके सगे संबंधी भी उचित मूल्य दुकान में भ्रष्टाचार करने के लिए लगे हुए हैं। अपने सगे- संबंधियों को इसलिए लगाया गया हैं, कि लक्ष्मी कहीं बाहर न जाए घर की घर में ही रहे। इनके सगे- संबंधियों के द्वारा हितग्राहियों को अपशब्दों का उपयोग किया जाता हैं।
ईओडब्ल्यू की जांच होना चाहिए
ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि विक्रेता नवीन चौरसिया की पहले आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी पर जबसे ये विक्रेता बने हैं तो घर तो इनका देखते बनता हैं और इनकी जगह- जगह जमीन हैं अगर कही उमरियापान में जमीन बिचती हैं तो सबसे पहले नवीन चौरसिया बोली लगाते हैं अब सोचा जा सकता हैं कि इनके पास कितनी लक्ष्मी हैं। अगर इनकी संपत्ति का खुलासा हुआ तो लाखों के मालिक निकलेगें।आखिर जब इनका वेतन नौ- हजार रुपया हैं तो इनके पास इतनी संपत्ति आई कहां से आखिर कहीं न कहीं संदेह के घेरे में हैं।
असली खेल खरीदी
इनके द्वारा असली खेल खरीदी में किया जाता हैं। किसानो का कम और साहूकारों का गल्ला ज्यादा लिया जाता हैं, क्यूँकि साहूकार ज्यादा कमीशन देते हैं, कमीशन के लिए इनके अलग से दलाल लगे हुए होते हैं जो कि साहूकारों को अपनी मायाजाल में फसाकर लम्बी रकम वसूल करते हैं। इनके उच्चाधिकारियों को भी लक्ष्मी बहुत पसंद हैं अनेको जांचे हुई पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई कहीं न कहीं कलेक्टर साहब को अपना ध्यान आकर्षित करना होगा नहीं तो गरीब किसान और उमरियापान के हितग्राही हमेंशा परेशान होते रहेगें क्यूँकि कुछ हितग्राहियों का कहना हैं कि हमको 6 माह से राशन नहीं मिला अब सोचा जा सकता हैं, कि- उचित मूल्य दुकान उमरियापान के क्या हाल हैं।



