अब नहीं होगी राशन की कालाबाजारी : राशन दुकानों पर पीओएस मशीन से हो रहे ई-केवायसी

जिला खाद्य विभाग का मैदानी इस मामले में अलर्ट
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए एनएफएसए के अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी एवं डाटाबेस में मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए 30 नवंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत सम्मिलित पात्र परिवारों के समस्त सदस्यों के ई-केवायसी एवं मोबाइल नंबर की प्रविष्टि उनके डाटाबेस में निशुल्क कराई जा रही है।
जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी आरएम सिंह, तहसील रायसेन के खाद्य निरीक्षक संदीप भार्गव ने बताया कि रायसेन जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों पीडीएस राशन दुकानों पर पीओएस मशीन के माध्यम से पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी पात्र परिवार शासकीय उचित मूल्य दुकानों पर उपलब्ध पीओएस मशीन के माध्यम से 30 नवंबर के पूर्व कम से कम एक सदस्य के सही मोबाइल नंबर की प्रविष्टि एवं अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य की ई-केवायसी (अंगूठे की छाप से आधार सत्यापन) अपने निकट की उचित मूल्य दुकान पर जाकर पीओएस मशीन के माध्यम से कराएं, जिससे सुलभता से योजना का लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि जो उपभोक्ता अपना ई-केवायसी नहीं कराएंगे, उनकी राशन सुविधा का लाभ हमेशा के लिए माह दिसंबर 2022 में बंद कर दिया जाएगा। ऐसे हितग्राही जिनके आधार कार्ड नहीं बने हैं, वह नजदीकी आधार केन्द्र पर जाकर अपना आधार पंजीयन करवाएं।
पीओएस मशीनों में बदलाव से खड़ी हुई समस्या….
राशन दुकानों की पीओएस मशीनों में तकनीकी बदलाव का असर डीलरों को मुसीबत के रूप में सामने आने लगा है।जिससे उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राशन दुकानदारों का कहना है कि पीओएस मशीनों में पहले उपभोक्ताओं को राशन लेते समय मशीनों में थंब एक बार ही लगाना होता था। यह राशन प्रधानमंत्री अन्नपूर्णा का फ्री राशन और सस्ते अनाज का लग जाया करता था।लेकिन अब दो बार अलग अलग तरीके से हरेक उपभोक्ताओं से लगवाया जा रहा है। जिससे उपभोक्ताओं और राशन दुकानदारों व उनके कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं समय की बर्बादी हो रही है सो अलग बात है।



