मध्य प्रदेश

अहिंसा परमो धर्म के पुजारी जैन समाज ने केंद्र व झारखण्ड सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

8 साल के बालक से लेकर 90 साल के बुजुर्ग भी सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को बचाने सड़क पर उतरे
सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल ना बनाने राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को दिया ज्ञापन।
पूर्व विधायक देवेंद्र पटेल सहित ज्ञापन देने महिला पुरुष बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय पहुंचे

सिलवानी। जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर को झारखण्ड सरकार के द्वारा पर्यटन स्थल बनाए जाने के निर्णय का विरोध करने बड़ी संख्या में सड़क पर उतरी जैन समाज ने शुक्रवार को राष्ट्रपति के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर पर्यटन स्थल बनाने का निर्णय तत्काल निरस्त करने की मांग की। जैन समाज के द्वारा एसडीएम रवीश श्रीवास्तव को दिए गए ज्ञापन के दौरान पूर्व विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र पटेल सहित अन्य समाज के लोग भी मौजूद रहेे। व आम सभा को भी संबोधित किया।
निर्णय का विरोध करने व केंद्र व झारखण्ड सरकार को जैन समाज की भावनाओं से अवगत कराने को लेकर श्री तारण तरण जैन चैत्यालय से अखण्ड दिगंबर जैन समाज के द्वारा विशाल जुलूस निकाला गया। जो कि एसडीएम कार्यालय पहुंच कर समाप्त हो गया। जुलूस में 8 साल के बालक से लेकर 90 साल तक के बुजुर्ग तक बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाए जाने के विरोध में नारे लगाते हुए,
हाथों में स्लोगन लिखी पट्टिका रखे काले झण्डे लहलहाते हुए शामिल हुए।
आम सभा में वक्ताओं ने सरकार को चेताया
एसडीएम कार्यालय परिसर में आम सभा भी आयोजित की गई। जिसे बाल ब्रम्हचारी सरिता दीदी, प्रहलाद किशोर जैन उदयपुरा, पूर्व विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवेंद्र पटेल, संदीप शर्मा, इमरान खान, संजय मस्ताना, कौशल कुमार जैन, विभोर नायक, संतोष जैन एडवोकेट, सुमित तारण, राजेश पटेल उदयपुरा, जीनेश जैन सोडरपुर, सचिन जैन मेडीकल, पुनीत समैया, आदि ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने जैन समाज के विश्व प्रसिद्व तीर्थ क्षेत्र सम्मेद
शिखर को झारखण्ड सरकार के द्वारा पर्यटन स्थल बनाए जाने के निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए धर्म के साथ खिलवाड़ निरुपित किया। तथा केंद्र व प्रदेश सरकार से आग्रह करते हुए चेतावनी भी दी कि यदि सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाने का निर्णय वापिस नहीं लिया तो देश भर में आंदोलन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वक्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की है कि झारखण्ड सरकार के निर्णय को निरस्त किया जाए। जिससे कि जैन समाज की भावनाओं के साथ कुठाराधात ना हो सके व धर्म की पवित्रता को बनाए रखा जा सके। यह भी कहा कि देश सभी धर्मों का होता है। तीर्थ क्षेत्र पर जाने से मन पवित्र व मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आमसभा का संचालन छिदामी लाल जैन ने किया। जबकि आभार व ज्ञापन का वाचन जयबाबू जैन ने किया।
जैन समाज के विश्व प्रसिद्व तीर्थ स्थल सम्मेद शिखर को झारखण्ड सरकार के द्वारा पर्यटन स्थल बनाए जाने के निर्णय के विरोध में देश भर की समूची जैन समाज में केंद्र व झारखण्ड सरकार के प्रति खासा आक्रोश है। जैन समाज का आक्रोश सड़कों पर हुंकार भरता हुआ दिखाई दे रहा है। जगह जगह जुलूस निकाल कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिए जा रहे है। तथा मांग की जा रही है कि सम्मेद शिखर तीर्थ क्षेत्र की पवित्रता को बनाए रखते हुए वहां पर पर्यटन स्थल ना बनाया जाए।
सभी धर्म व समुदाय के लोग हुए शामिल
जैन समाज के विश्व प्रसिद्व तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर को झारखण्ड सरकार के पर्यटन स्थल बनाने के निर्णय का विरोध करने के लिए जैन समाज के आव्हाण पर नगर की हिंदु मुस्लिम सहित सभी धर्मों के लोग जुलूस में शामिल हुए। तथा पर्यटन स्थल बनाने का निर्णय वापिस लिए जाने की पुरजोर मांग की।
नगर के ज्ञात इतिहास में यह प्रथम अवसर है जब सभी धर्मोे लोग एक मंच पर एक साथ सरकार के निर्णय का विरोध करने के लिए मौजूद रहे।
आम सभा स्थल पर पहुंच कर एसडीएम ने लिया ज्ञापन
सम्मेद शिखर तीर्थक्षेत्र को पर्यटन स्थल बनाए जाने के झारखण्ड सरकार के निर्णय का विरोध करने व निर्णय वापिस लिए जाने की मांग को लेकर निकाले गए जुलूस केे बाद आयोजित आम सभा की समाप्ति पश्चात एसडीएम रवीश श्रीवास्तव सहिष्णुता का परिचय देते हुए आमसभा स्थल पर पहुंचे तथा राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन प्राप्त किया।

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