कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास की 28 में से 27 छात्राएं उत्तीर्ण, सीनियर छात्रावास भवन नहीं बनने से बढ़ी चिंता

शानदार परिणाम, पर भविष्य अधर में
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास की छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। छात्रावास की 28 में से 27 छात्राएं उत्तीर्ण हुईं, जिनमें 20 छात्राएं प्रथम श्रेणी और 7 छात्राएं द्वितीय श्रेणी में पास हुई हैं।
छात्रावास की छात्रा करिश्मा मरावी (पिता सुरेंद्र मरावी) ने 96.2% अंक प्राप्त कर न केवल छात्रावास बल्कि पूरे संकुल में शीर्ष स्थान हासिल किया। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र की इन छात्राओं की इस सफलता ने विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
लेकिन इस शानदार सफलता के बावजूद छात्राओं का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है। शासन की योजना के तहत सिलौंडी में सीनियर कन्या छात्रावास भवन का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया है। अधिकांश छात्राएं 10 से 12 किलोमीटर दूर स्थित गांवों से आती हैं, जिससे नियमित पढ़ाई जारी रखना उनके लिए कठिन हो रहा है।
इसी समस्या को लेकर छात्रावास अधीक्षक एवं छात्राओं ने जिला कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह को पत्र लिखकर अस्थाई भवन में रहने और भोजन की व्यवस्था के साथ 25 अतिरिक्त सीट बढ़ाने की मांग की है। छात्राओं का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरी में पढ़ाई छोड़नी पड़ सकती है ।
*छात्राओं के नाम एवं प्राप्तांक:*
करिश्मा / सुरेंद्र गोंड – 96.2%
किरण / दिलीप गोंड – 87.4%
शिवानी / खुशीम गोंड – 86.4%
पुष्पांजलि / विजय – 79.4%
नम्रता / सूरज सिंह गोंड – 79%
शीतल / वीरेन्द्र गोंड – 77.2%
नीतू / करण सिंह गोंड – 76.8%
लक्ष्मी / गणेश सिंह गोंड – 75.8%
अश्वनी / प्रेम सिंह गोंड – 74.4%
एंजीता / अशोक गोंड – 74.2%
साक्षी / संजय गोंड – 73.8%
गीता / विष्णु सिंह गोंड – 73.8%
भारती / मोतीलाल धीमर – 72.6%
सरस्वती / दया सिंह गोंड – 71.6%
नेमा / कटोरा गोंड – 70.4%
अनुसूया / शिवचरण – 68.8%
मधु / बिश्नलाल गोंड – 68%
संगीता / कमलेश गोंड – 65.8%
रेशमी / खेत सिंह गोंड – 61.4%
कीर्ति / कपिल धीमर – 60.6%
महक / भारत सिंह गोंड – 57.2%
राजनी / सुभाष गोंड – 56.6%
मेरोना / मेका गोंड – 56.4%
अर्चना / शिवकुमार – 56.2%
अर्चना / अजय धीमर – 53.4%
सीमा / राजकुमार 53%
पायल / शशिन्द्र गोंड – 50.2%
छात्राओं की इस उपलब्धि के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि जल्द से जल्द अस्थाई व्यवस्था कर इन बेटियों के उज्जवल भविष्य को सुरक्षित किया जाए।



