ज्योतिष

आज का पंचांग आज का पंचांग सोमवार, 04 मार्च 2024

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला मुख्यालय हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 04 मार्च 2024

04 मार्च 2024 दिन सोमवार को फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज समर्थगुरु स्वामी रामदास जी की जन्म जयन्ती है। आज अन्वष्टका श्राद्ध भी किया जाएगा। आज भगवान सूर्य शतभिषा नक्षत्र को छोडकर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में (दिन में 02:54 PM पर) प्रवेश करेंगे। आप सभी सनातनियों को “समर्थगुरु स्वामी रामदास जी के जन्म जयन्ती” की हार्दिक शुभकामनायें।।
महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है।
सोमवार के दिन शिव पुराण के अचूक मन्त्र “श्री शिवाये नमस्तुभ्यम’ का अधिक से अधिक जाप करने से समस्त कष्ट दूर होते है. निश्चित ही मनवाँछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर बसन्त ऋतु
🌤️ मास – फाल्गुन मास
🌗 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : सोमवार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 08:49 AM तक उपरांत नवमी
✏️ तिथि स्वामी – अष्टमी तिथि के देवता हैं रुद्र। इस तिथि को भगवान सदाशिव या रुद्रदेव की पूजा करने से प्रचुर ज्ञान तथा अत्यधिक कांति की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र ज्येष्ठा 04:21 PM तक उपरांत मूल
🪐 नक्षत्र स्वामी : ज्येष्ठा नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है। तथा ज्येष्ठा नक्षत्र के देवता देवराज इंद्र हैं।
📣 योग : वज्र योग 04:05 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग
प्रथम करण : कौलव – 08:49 ए एम तक
द्वितीय करण : तैतिल – 08:32 पी एम तक गर
🔥 सोमवार का शुभ गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 01:42:00 P.M से 02:59:00 P.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 08:31:00 A.M से 09:49:00 A.M बजे तक
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:14:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:46:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:04 ए एम से 05:53 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:29 ए एम से 06:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:10 पी एम से 12:56 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:16 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:21 पी एम से 06:45 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:23 पी एम से 07:37 पी एम
💧 अमृत काल : 07:24 ए एम से 09:02 ए एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:08 ए एम, मार्च 05 से 12:57 ए एम, मार्च 05
🚓 यात्रा शकुन-मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सौमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-बहते जल में 250 ग्राम बताशे प्रवाहित करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – वधू प्रवेश/सीताष्टमी, जानकी जयन्ती, “समर्थगुरु स्वामी रामदास जन्म जयन्ती”, अभिनेत्री दीना पाठक जन्म दिवस, लोकप्रिय साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु जन्म दिवस, भारतीय अधिवक्ता सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा पुण्य तिथि, ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित भारतीय सैनिक दीवान सिंह दानू जन्म दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस, श्रीकाशीविश्वनाथ शृंगार दिवस, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस (औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा), राष्ट्रीय पोषण माह (1 से 31 मार्च)
✍🏼 विशेष:- अष्टमी तिथि को नारियल त्याज्य बताया गया है। अष्टमी तिथि बलवती अर्थात स्ट्रांग तिथि मानी जाती है। इसका मतलब कोई भी विकट कार्य आज आप कर-करवा सकते हैं। इतना ही नहीं अपितु अष्टमी तिथि व्याधि नाशक तिथि भी मानी जाती है। इसका मतलब आज आप कोई भी भयंकर रोगों के इलाज का प्रयत्न भगवान के नाम के साथ करेंगे-करवाएंगे तो निश्चित लाभ होगा। यह अष्टमी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह अष्टमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है।
🗽 Vastu tips 🗼
कौन सी हो दिशा? सुकून के घर के लिए सबसे पहले दिशा का चयन करना चाहिए. हमारे अनुसार सबसे उत्तम दिशा- पूर्व, ईशान और उत्तर है. वायव्य और पश्‍चिम सम है. आग्नेय, दक्षिण और नैऋत्य दिशा सबसे खराब होती है.
कैसा हो घर? घर वास्तु अनुसार होना चाहिए जिसमें आगे और पीछे आंगन हो. खुद की भूमि और खुद की ही छत हो. चंद्र और गुरु से युक्त वृक्ष या पौधें हो. घर के अंद भी वास्तु अनुसार ही वस्तुएं एकत्रित की गई हो. कोई भी वस्तु अनावश्यक न हो. द्वार को देहरी सुंदर और सजावटी हो. दरवाजा और खिड़कियां दो पुड़ वाली हो. उचित हवा और प्रकाश के सुगम रास्ते हों.
भूमि का ढाल कैसा हो? उत्तर से दक्षिण की ओर ऊर्जा का खिंचाव होता है. शाम ढलते ही पक्षी उत्तर से दक्षिण की ओर जाते हुए दिखाई देते हैं. अत: पूर्व, उत्तर एवं ईशान की और जमीन का ढाल होना चाहिए. मकान के लिए भूमि का चयन करना सबसे ज्यादा महत्व रखता है. शुरुआत तो वहीं से होती है. भूमि कैसी है और कहां है यह देखना जरूरी है. भूमि भी वास्तु अनुसार है तो आपके मकान का वास्तु और भी अच्छे फल देने लगेगा.
🔰 जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
खांसी और सर्दी से राहत: मुलेठी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो खांसी, गले की खराश, और सर्दी जैसी श्वसन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार होते हैं। यह बलगम को पतला करता है और उसे बाहर निकालने में मदद करता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है: मुलेठी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत: मुलेठी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मददगार होते हैं। यह सूजन को कम करता है और दर्द से राहत देता है।
मुंह के छालों से राहत: मुलेठी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो मुंह के छालों से राहत दिलाने में मददगार होते हैं। यह दर्द और सूजन को कम करता है और छालों को जल्दी ठीक करने में मदद करता है।
☘️ आरोग्य संजीवनी 🍃
बेल पत्र के कुछ दिव्य औषधीय फ़ायदे: पाचन क्रिया में सुधार: बेल पत्र में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। यह अपच, पेट फूलना, और कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाता है।
दस्त से राहत: बेल पत्र में टैनिन नामक यौगिक होता है जो दस्त को रोकने में मदद करता है। यह दस्त के कारण होने वाले पेट दर्द और जलन से भी राहत दिलाता है।
डायबिटीज में फायदेमंद: बेल पत्र में एंटी-हाइपरग्लाइसेमिक गुण होते हैं जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।
बुखार में फायदेमंद: बेल पत्र में एंटी-पायरेटिक गुण होते हैं जो बुखार को कम करने में मदद करते हैं। यह मलेरिया और डेंगू जैसे बुखार में भी फायदेमंद होता है।
खांसी और सर्दी से राहत: बेल पत्र में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो खांसी और सर्दी से राहत दिलाते हैं। यह गले की खराश और श्वसन संबंधी समस्याओं से भी राहत दिलाता है।
कैंसर से बचाव: बेल पत्र में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-कैंसर गुण होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करते हैं। यह कैंसर से बचाव के लिए फायदेमंद होता है।
त्वचा के लिए फायदेमंद: बेल पत्र में एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह मुँहासे, झुर्रियाँ, और त्वचा की अन्य समस्याओं से राहत दिलाता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आज हम आपसे चर्चा करने जा रहे हैं वह परिवार में अत्याधिक आसक्त व्यक्ति की परिस्थिति और लोगों के भौतिक मोह के पीछे भागने के बारे में है। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम का इस पर क्या कहना है।
गृहासक्तस्य नो विद्या न दया मांसभोजिनः।
द्रव्य लुब्धस्य नो सत्यं न स्त्रैणस्य पवित्रता॥
परिवार के मोह में अधिक व्यस्त न रहें हमने अपनी इस नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति घर और परिवार के मोह में उलझा रहता है वह जीवन में अपने हाथ से सफलता के अवसर पग-पग पर खोता है। व्यक्ति को चाहिए कि वह घर के लगाव और अपने कर्म में संतुलन बनाए। जो लोग परिवार का अधिक मोह रखते हैं वो जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। उन्होंने खास तौर पर यह बात छात्रों के लिए कही है कि यदि परिवार के चक्कर में रहेंगे और घर का मोह ज्यादा करेंगे तो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे। इसलिए विशेष कर छात्रों को इन सभी मामलों से दूर रहना चाहिए।
एसे लोगों से लगाव नहीं रखना चाहिए वहीं इस श्लोक के माध्यम से आचार्य श्री गोपी राम आगे कहते हैं कि मांसाहार खाने वाले व्यक्ति के अंदर दया की भावना बिल्कुल नहीं होती है अतः ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति अपने स्वाद के लिए निर्जीव पशु की हत्या तक करने पर आ जाता है भला वो अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर सकता है। तामसिक प्रकार का भोजन खाने से ऐसे लोगों में तमोगुण अधिक मात्रा में बढ़ जाता है। इन लोगों से जुड़ाव रखने में आपका कोई लाभ नहीं होगा इसलिए इनसे ज्यादा उम्मीद लगा कर न रखें।
धन का लोभी भी होता है स्वार्थी आगे आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि धन के लोभी व्यक्ति पर भी कभी विश्वास नहीं करना चाहिए क्योंकि यह लोग हमेशा अपना ही फायदा सोचते हैं और अपने फायदे के लिए यह किसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे लोभी व्यक्ति का मुख्य उपदेश पैसा अर्जित करना होता है। उसके लिए वो किसी भी हद तक जा सकते हैं इसलिए इन लोगों से बच कर रहने में ही भलाई है। यदि आप इनकी संगत में आकर इनसे मित्रता रखते हैं तो यह सिर्फ अपना स्वार्थ सिद्ध करेंगे इसलिए इन लगों से ज्यादा जुड़ाव न रखें।
इनकी संगत से रहना चाहिए दूर गलत आचरण रखने वाले लोगों की मन से शुद्धता क्षीण हो जाती है और यह हमेशा उसी प्रकार से अनावश्यक कार्य करते हुए अपना जीवन यापन करते हैं। यह लोग शरीर ही नहीं बल्कि मन से भी अशुद्ध होते हैं इसलिए ऐसे लोगों पर बिल्कुल भरोसा न करें। जितना हो सके इनसे दूरी बनाकर रहने में ही भलाई है।
※❖ॐ∥▩∥श्री∥ஜ ۩۞۩ ஜ∥श्री∥▩∥ॐ❖※
⚜️ अष्टमी तिथि के देवता भगवान शिव भोलेनाथ जी माने जाते हैं। इसलिये इस अष्टमी तिथि को भगवान शिव का दर्शन एवं पूजन अवश्य करना चाहिए। आज अष्टमी तिथि में कच्चा दूध, शहद, काला तिल, बिल्वपत्र एवं पञ्चामृत शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा सदैव बनी रहती है। घर में कोई रोगी नहीं होता एवं सभी मनोकामनाओं की सिद्धि तत्काल होती है।
मंगलवार को छोड़कर बाकि अन्य किसी भी दिन की अष्टमी तिथि शुभ मानी गयी है। परन्तु मंगलवार की अष्टमी शुभ नहीं होती। इसलिये इस अष्टमी तिथि में भगवान शिव के पूजन से हर प्रकार की सिद्धियाँ प्राप्त होती है। इस अष्टमी तिथि को अधिकांशतः विष्णु और वैष्णवों का प्राकट्य हुआ है। इसलिये आज अष्टमी तिथि में भगवान शिव और भगवान नारायण दोनों का पूजन एक साथ करके आप अपनी सम्पूर्ण मनोकामनायें पूर्ण कर सकते हैं।

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