आज का पंचांग मंगलवार, 20 दिसम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि ••••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 20 दिसम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शीत ऋतु
🌤️ मास – पौष माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि : द्वादशी – 12:45 ए एम, दिसम्बर 21 तक त्रयोदशी
✏️ तिथि के स्वामी :- द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री विष्णु जी है।हिंदू पंचाग की बाहरवीं तिथि द्वादशी कहलाती है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि, श्री विष्णु जी है ।
💫 नक्षत्र – स्वाति 9.55 AM तक तत्पश्चात विशाखा
🪐 नक्षत्र के देवता, ग्रह स्वामी- स्वाति नक्षत्र के देवता वायु और सरस्वती जी और स्वामी राहु जी है।
🔊 योग : सुकर्मा – 12:41 ए एम, दिसम्बर 21 तक धृति
⚡ प्रथम करण : कौलव – 01:44 पी एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 12:45 ए एम, दिसम्बर 21 तक गर
🔥 गुलिक काल : – मंगलवार दोपहर 12:00 से 01:30 तक है ।
⚜️ दिशाशूल – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो कोई गुड़ खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल : मंगलवार दिन – 3:00 से 4:30 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:47:38
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:13:32
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:20 ए एम से 06:14 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:47 ए एम से 07:09 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:58 ए एम से 12:39 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:43 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:18 पी एम से 05:42 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:50 पी एम
💧 अमृत काल : 12:15 ए एम, दिसम्बर 21 से 01:46 ए एम, दिसम्बर 21
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:52 पी एम से 12:46 ए एम, दिसम्बर 21
🌸 त्रिपुष्कर योग : 09:55 ए एम से 12:45 ए एम, दिसम्बर 21
☄️ सुकर्मा योग – आज रात 12 बजकर 41 मिनट तक
☀️ स्थायीजय योग – आज सुबह 9 बजकर 55 मिनट से रात 12 बजकर 45 मिनट तक
❄️ स्वाती नक्षत्र – आज सुबह 9 बजकर 55 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में मसूर की दाल अर्पण करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : सफला एकादशी व्रत (निम्बार्क), बैंगलोर वेंकट और बी। वी रमन – विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी पुण्य तिथि, राणा भगवानदास – पाकिस्तान के पहले ‘हिंदू’ मुख्य न्यायाधीश जयंती, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जन्म दिवस, भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा जन्म दिवस, मदनलाल वर्मा ‘क्रान्त’ – मूलत: हिन्दी कवि जन्म दिवस, सोहन सिंह भकना – भारतीय (संघर्षरत क्रांतिकारियों) शहीद दिवस, अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस
✍🏽 तिथि विशेष – द्वादशी तिथि को मसूर की दाल एवं मसूर से निर्मित कोई भी व्यंजन नहीं खाना न ही दान देना चाहिये। यह इस द्वादशी तिथि में त्याज्य बताया गया है। द्वादशी तिथि के स्वामी भगवान श्री हरि नारायण हैं। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का श्रद्धा-भाव से पूजन करना चाहिये। साथ ही भगवान नारायण के नाम एवं स्तोत्रों जैसे विष्णुसहस्रनाम आदि के पाठ एवं जप से धन, यश एवं प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है।
🗼 Vastu tips 🗽
पूर्व में लगाएं उगते सूरज की पेंटिंग घर के पूर्व में उगते सूरज की पेंटिंग लगाना, इस दिशा के वास्तु दोष को कम करता है। ये इस दिशा के साथ काफी एनर्जी लाता है और पॉजिटिविटी बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा उगता सूरज मन को प्रेरणा देने के साथ उदय की भावना देता है ताकि आप जिंदगी में और बेहतर रास्ते तलाश करें।
पश्चिम में लगाएं ऊंट की पेंटिंग पश्चिम में लगाएं ऊंट की पेंटिंग, जो कि इस दिशा के वास्तु दोषों को दूर करता है। ऊंट स्थिरता, एक सुरक्षा रवैया और स्थिरता को बढ़ावा देते हैं। साथ ही ये आंतरिक शक्ति बढ़ाने और दीर्घायु होने का भी संकेत है। इसलिए, पश्चिम में ऊंट की पेंटिंग लगाने से आपकी मनोबल शक्ति बढ़ सकती है।
उत्तर में लगाएं तैरते कछुए की पेंटिंग उत्तर में तैरते कछुए की पेंटिंग लगाना आपको इस दिशा के दोषों से मुक्त कर सकता है। साथ ही ये भाग्य खोलने का भी काम कर सकता है। ये ना सिर्फ धन के लाभों के अवसरों को खोजने के लिए प्रेरित करता है बल्कि मनोबल शक्ति बढ़ाता है। ताकि, आप लगातार मेहनत करें, स्टेबल रहें और लहरों से भरे जीवन में भी बेफ्रिक हो कर जिएं।
दक्षिण में लगाएं पहाड़ों की ग्रीन पेंटिंग दक्षिण की दिशा को वैसे तो यमराज की दिशा कहा जाता है लेकिन आप इस दिशा का इस्तेमाल जीवन के लिए भी कर सकते हैं। जैसे कि आप अगर इस दिशा में पहाड़ों की ग्रीन पेंटिंग लगा दें तो ये इस दिशा के दोषों को कम कर देगा। साथ ही अगर आप इस जगह पर कोई झड़ने की पेंटिंग लगा दें तो भी यह अच्छा होगा क्यों झड़ना, चलता रहता है और यह जीवन की शक्ति बढ़ाता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन का कारण
एंड्रोपॉज पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन के कई कारण हो सकता है। जिसमें से एक है एंड्रोपॉज ये टेस्टोस्टेरोन की कमी के कारण होता है। इसे ‘मेल मेनोपॉज’ भी जाना जाता है।
थकान कोर्टिसोल का लो स्तर, आपका तनाव हार्मोन और थकान का कारण बन सकता है। अक्सर लंबे समय तक तनाव के संपर्क में रहने से ये थकान हो सकता है।
हाइपोथायरायडिज्म अंडरएक्टिव थायराइड ग्रंथि थायराइड हार्मोन के कम उत्पादन के कारण हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है। इसके अलावा टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज, हाइपरग्लेसेमिया, मोटापा, स्टेरॉयड का उपयोग, कोर्टिसोल बढ़ने के कारण भी होता है, जिससे हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
ब्रश किए बिना रात में सोने के नुकसान
माउथ इंफेक्शन ब्रश किए बिना रात में सोने से माउथ इंफेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ता है। दरअसल, रात में जब आप बिना ब्रश किए सो जाते हैं तो मुंह के बैक्टीरिया एक्टिव तरीके से बढ़ने लगते हैं और ये बैक्टीरियल इंफेक्शन का कारण बनते हैं। ये लार की मदद से तेजी से अपना विकास करते हैं और माउथ इंफेक्शन का कारण बनते हैं।
मसूड़ों की बीमारियां जब आप बिना ब्रश की सो जाते हैं तो मसूड़ों की बीमारियां बड़ी तेजी से फैलती हैं। ये प्लाक के रूप में बैक्टीरिया के निर्माण के विकास को प्रोत्साहित करता है और कैविटी बढ़ने का कारण बनता है।
मुंह से दुर्गंध हैलिटोस एक ऐसी बीमारी है जिसमें सांसों की दुर्गंध आने लगती है। ये रात में ब्रश ना करने के कारण हो सकता है। दरअसल, जब आप ब्रश नहीं करते हैं, तो भोजन का मेटाबोलिज्म आपके लार के साथ यहीं शुरू हो जाता है। ये काम कुछ बैक्टीरिया मिल कर करते हैं और इससे कुछ गैस रिलीज होती है जिसकी वजह से मुंह से दुर्गंध आती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
मनुष्य जीवन में धन के अलावा मान-सम्मान और रिश्तों की भी अहमीयत होती है, इसलिए व्यक्ति को उन चीजों से दूर रहना चाहिए जिससे उसके व्यक्तिव पर बुरा असर पड़े. हम कहते हैं कि आदते ही व्यक्ति को कामयाब और नाकाम बनाती हैं. जिस तरह अच्छी आदत, शिक्षा और संस्कार से मनुष्य बुलंदियों को छूता है, समाज में मान सम्मान पाता है उसी प्रकार बुरी चीजों की लत व्यक्ति को बर्बाद कर देती है.हमने उस एक आदत का जिक्र किया है जिसके हावी होने पर व्यक्ति खुद के साथ पूरे घर की छवि को दांव पर लगा देता है.
सत्यपूतं वदेद्वाचं मनः पूतं समाचरेत्।।
कहते हैं ना व्यक्ति का एक अवगुण उसके सौ अच्छे गुणों पर भारी पड़ता है. आचार्य श्री गोपी राम ने इस कथन में बताया है कि जब मनुष्य एक झूठ बोलता है तो उसे छुपाने के लिए सौ झूठों का सहारा लेना पड़ता है, इसी तरह उसे झूठ बोलने की लत लग जाती है
झूठ बोलने की आदत हावी हो जाए तो वह व्यक्ति, घर, मित्र यहां तक की अपने कार्यस्थल पर भी झूठ बोलने लगता है. फिर जिस दिन सच्चाई सामने आती है तो उसके साथ परिवार को भी लज्जित होना पड़ता है
झूठ और बेईमानी का रास्त सरल है लेकिन इसकी उम्र बहुत छोटी होती है. झूठ बोलकर पलभर की खुशियां पा सकते है लेकिन जब पर्दाफाश होता है तो बाद में पछताना ही पड़ता है. ऐसे व्यक्ति की असलियत सामने आती है तो हर कोई दूरी बना लेता है. ऐसे लोगों की छवि पर बुरा असर पड़ता है. लाख सफाई देने पर भी लोग इनकी बातों पर भरोसा नहीं करते. झूठ बोलने वाले व्यक्ति की तरक्की रुक जाती है.
सत्य उस दौलत के समान होता है, जिसे पहले खर्च करो और बाद में उसका जीवन भर आनंद प्राप्त करो, जबकि झूठ वह कर्ज है, जिससे क्षणिक सुख तो मिलता है, लेकिन उसका कर्ज जिंदगी भर चुकाना पड़ता है।
झूठ बोलने की आदत मन में डर या लालच का भाव पैदा होने पर लगती है. व्यक्ति अपनी सहूलियत के हिसाब से सच को तोड़ मरोड़ लेते हैं और ऐसे में सच कहीं नीचे दब जाता है. अगर हंसी-खुशी भरी जिंदगी जीना हैं, तो सच की राह पर चलना होगा।
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✍🏽 द्वादशी तिथि के दिन तुलसी नहीं तोड़ना चाहिये। आज द्वादशी तिथि के दिन भगवान नारायण का पूजन और जप आदि करने से मनुष्य का कोई भी बिगड़ा काम भी बन जाता है। यह द्वादशी तिथि यशोबली अर्थात यश एवं प्रतिष्ठा प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों प्रकार के सिद्धियों को देनेवाली तिथि भी मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि भद्रा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वादशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ तथा कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है।
द्वादशी तिथि में जन्म लेनेवाले व्यक्ति का स्वभाव अस्थिर होता है। इनका मन किसी भी विषय में केन्द्रित नहीं हो पाता है। इस व्यक्ति का मन हर पल चंचल बना रहता है। इस तिथि के जातक का शरीर पतला व कमज़ोर होता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इनकी स्थिति अच्छी नहीं होती है। ये यात्रा के शौकीन होते हैं और सैर सपाटे का आनन्द लेते रहते हैं।

