आज का पंचांग मंगलवार, 22 नवम्बर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
मंगलवार 22 नवम्बर 2022
हनुमान जी का मंत्र : हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट् ।
🌌 दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए । मंगलवार को बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- चतुर्दशी तिथि समस्त ।
✏️ तिथि स्वामीः- चतुर्दशी तिथि के स्वामी भगवान शिव जी हैं ।
💫 नक्षत्रः- स्वाति 23:13:00तक तदोपरान्त विशाखा
🪐 नक्षत्र स्वामीः- स्वाति के स्वामी राहु जी हैं तथा विशाखा नक्षत्र के स्वामी गुरु जी हैं।
🔔 योगः- सौभाग्य 18:36:00 तक तदोपरान्त सौभाग्य
⚡ प्रथम करण : वणिज – 08:49 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : विष्टि – 07:55 पी एम तक शकुनि
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 12:07:00P.M से 10:47:00P.M तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से गुड़ खाकर जायें।
🤖 राहुकालः- राहुकाल 02:45:00 P.M से 04:05:00P.M तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:40:00
🌅 सूर्यास्तः- सायः 05:20:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:02 ए एम से 05:56 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:29 ए एम से 06:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:46 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:35 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:14 पी एम से 05:38 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:25 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 02:47 पी एम से 04:19 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:41 पी एम से 12:34 ए एम, नवम्बर 23
☄️ सौभाग्य योग – आज शाम 6 बजकर 38 मिनट तक
❄️ स्वाती नक्षत्र – आज रात 11 बजकर 12 मिनट तक
🌊 पाताल लोक की भद्रा – आज सुबह 8 बजकर 49 मिनट से शाम 7 बजकर 59 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- दलिया का सेवन कर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ अं अंगारकाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-हनुमान मंदिर में पंचमुखा दीपक प्रज्जवलित करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- खैर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – मास शिवरात्रि, रुक्माबाई जन्म दिवस, मुलायम सिंह यादव – ‘समाजवादी पार्टी’ जन्म दिवस, एल. के. झा – भारतीय रिज़र्व बैंक के आठवें गवर्नर जयंती, झलकारी बाई- झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई की नियमित सेना में, महिला शाखा ‘दुर्गा दल’ की सेनापति जयंती, राष्ट्रीय औषधि दिवस (सप्ताह)
✍🏽 विशेष:- त्रयोदशी तिथि को बैंगन त्याज्य होता है। अर्थात आज त्रयोदशी तिथि में भूलकर भी बैंगन की सब्जी या भर्ता नहीं खाना चाहिए। त्रयोदशी तिथि जयकारी अर्थात विजय दिलवाने वाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि सर्वसिद्धिकारी अर्थात अनेकों क्षेत्रों में सिद्धियों को देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह त्रयोदशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी होती है।
🗣️ श्लोक : १.१.१(1.1.1) सूक्त
ॐ अ॒ग्निमी॑ळे पु॒रोहि॑तं य॒ज्ञस्य॑ दे॒वमृ॒त्विज॑म् । होता॑रं रत्न॒धात॑मम् ॥
मैं अग्नि की स्तुति करता हूं. वे यज्ञ के पुरोहित, दानादि गुणों से युक्त, यज्ञ में देवों को बुलाने वाले एवं यज्ञ के फल रूपी रत्नों को धारण करने वाले हैं.
🌷 Vastu tips 🌸
इन में से लगाएं कोई एक चित्र : शयन कक्ष में राधा-कृष्ण का एक सुंदर-सा चित्र, हंसों के जोड़े का सुंदर-सा चित्र, हिमालय का सुंदर सा चित्र, शंख का एक बड़ा सा चित्र या बांसुरी का चित्र लगाएं। शयन कक्ष में धार्मिक चित्र नहीं होना चाहिए।
कर्पूर मिला घी का दीपक जलाएं : घर में रोज कपूर मिला घी का दीपक जलाना चाहिए। दीये की लौ दक्षिण दिशा में रखकर जलाएं। दीपक जलाते समय ध्यान रखें कि लौ पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर हो। दिशा का ध्यान अगर न रख पाएं तो दीपक के मध्य में बाती लगाना शुभ फल देने वाला है।
दिशा का करें चयन : मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता हें, घर के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) की ओर होना चाहिए। अगर घर में एक मकान की ऊपरी मंजिल है तो मास्टर ऊपरी मंजिल के दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए।
किस दिशा में पैर करके सोएं: शयन कक्ष में सोते समय हमेशा सिर दीवार से सटाकर सोना चाहिए। पैर दक्षिण और पूर्व दिशा में करके नहीं सोना चाहिए। उत्तर दिशा की ओर पैर करके सोने से स्वास्थ्य लाभ तथा आर्थिक लाभ की संभावना रहती है। पश्चिम दिशा की ओर पैर करके सोने से शरीर की थकान निकलती है, नींद अच्छी आती है।
खिड़की के पास न सोएं: खिड़की के पास बिस्तर न लगाएं। बिस्तर कभी भी खिड़की से सटाकर न लगाएं। ऐसा करने से रिश्तों में तनाव होता है। अगर फिर भी ऐसा संभव न हो पाए तो अपने सिरहाने और खिड़की के बीच पर्दा जरूर डालें। नकारात्मक ऊर्जा रिश्तों पर असर नहीं कर पाएगी।
डबलबेड और आईना: डबलबेड के गद्दे दो हिस्सों में न हो। यानी गद्दा एक ही होना चाहिए, वह बीच में विभाजित नहीं होना चाहिए। खराब बिस्तर, तकिया, परदे, चादर, रजाई आदि नहीं रखें। बिस्तर के सामने आईना कतई न लगाएं।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
आंखों को हेल्दी रखते हैं आंवले में विटामिन सी है जो कि आंखों को स्वस्थ रखने में मददगार है। दरअसल, डायबिटीज के मरीजों को रेटिनोपैथी की समस्या परेशान करने लगती है। ऐसे मे आंवले का विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट इस समस्या से बचाते हैं और आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
डायबिटीज में आप आंवले को कई प्रकार से खा सकते हैं। आप आंवले का उबाल कर इसका चोखा बना कर खा सकते हैं। आंवले को कच्चा खा सकते हैं। आंवले का अचार खा सकते हैं या फिर आंवले को सलाद में शामिल करके भी खा सकते हैं। आप आंवला किसी भी तरह से खा सकते हैं ये आपके लिए हेल्दी ही होगा।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
क्यों होता है पेट का कैंसर ज्यादातर विशेषज्ञों की मानें तो पेट के कैंसर की मुख्य वजह तनाव को माना गया है यानी जो लोग तनाव में अधिक होते हैं उनमे पेट के कैंसर की आशंका बढ़ जाती है। इस कैंसर के होने का कोई स्पष्ट कारण नहीं है, यदि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में छोटे छोटे बदलाव करें तो पेट में होने वाले कैंसर के जोखिम को काम किया जा सकता है।
आपका दिन चाहें कितना भी काम के बोझ से भरा हो। अगर आप नियमित व्यायाम करने की आदत डाल लें तो आप बहुत हद तक अपने आप को तंदरुस्त महसूस करेंगे।। अपने लाइफस्टाइल में अल्कोहल और धूम्रपान को नियंत्रण में रखें।। अगर आपको लम्बे समय से पेट की परेशानी हो रही है तो उसे गंभीरता से लें और डॉक्टर से संपर्क करके उचित इलाज तुरंत शुरू कर दें।
पेट के कैंसर का इलाज इस कैंसर का इलाज सर्जरी या रेडिएशन थेरेपी के जरिए आसानी से हो जाता है, कुछ हद तक ये मरीज़ की हालत पर भी निर्भर करता है।। यदि आप पेट के कैंसर से ग्रसित हैं तो अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन की मात्रा रखे। समय समय पर अपने डॉक्टर से अपनी बीमारी के बारे में टेस्ट के जरिये नजर रखें। अच्छी सेहत हमें ईश्वर द्वारा दिया हुआ एक नायब तोहफा है इसे कभी भी नजर अंदाज न करें। अगर कोई आपका साथ हमेशा निभाता है, तो वो आपकी अच्छी सेहत ही है।इसे हमेशा स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करें, मैडिटेशन करें और समय समय पर अपना हेल्थ चेक उप जरूर करवाते रहें।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम कहते हैं कि जीवन में अच्छा वक्त लाना है तो पहले बुरे वक्त से लड़ना होगा. बुरा वक्त मनुष्य की परीक्षा लेता है. इस परीक्षा में पास होने वाले को परिणाम के तौर पर भविष्य में खुशियों भरा समय मिलता है. आचार्य श्री गोपी राम ने बुरे वक्त से लड़ने की कई तरकीबें बताई हैं. इस नीति का सही तरीके से पालन कर लिया तो संकट के समय कोई बाल भी बांका नहीं कर पाएगा और सफलता जरूर मिलेगी. आइए जानते हैं बुरे समय में क्या करें.
धैर्य है शक्ति डर इंसान को कमजोर बनाता है और धीरे-धीरे ये हमारे जीवन पर हावी हो जाता है. इसलिए हम कहते हैं कि जीवन में जब बुरा समय आ जाए तो इससे घबराना नहीं चाहिए. डरा हुआ मनुष्य सफल नहीं हो सकता. वह न तो खुद को बचा सकता है न ही परिस्थिति पर काबू पाने की क्षमता रखता है. बुरा समय भी व्यक्ति के जीवन में उसी तरह से होता है जैसे दिन के बाद रात. रात गुजरते ही फिर से सबेरा होता है. कुछ समय के लिए बुरे समय का अंधेरा छाता है इस समय जो धैर्य और संयम रखता है वह कभी मात नहीं खाता,
आत्मविश्वास न खोएं मन के जीते जीत, मन के हारे हार. ये कहावत मुश्किल समय के लिए बहुत सटीक है. अगर मन में जीत की ठान ली तो कोई आपको हरा नहीं सकता. मन में जीत का संकल्प हो तो काले घने अंधेरे कमरे में भी खिड़की से झांकती हुई रोशनी सफलता की राह सुझा सकती है. अगर मन से ही हार मान ली तो अच्छे वक्त के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा. बुरे समय में आत्मविश्वास ही सबसे बड़ा हथियार है।
साहस और संयम से मिलेगी सफलता आत्मविश्वास से ही व्यक्ति को साहस मिलता है. इसी के साथ जब खराब समय हो तो गंभीरता से काम लें. बुरे वक्त में एक गलत फैसला मुसीबत को बढ़ा सकता है. इसलिए बहुत सोच समझ कर ही कदम उठाना चाहिए. अच्छे समय का इंतजार करना चाहिए.
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⚜️ त्रयोदशी तिथि के देवता मदन (कामदेव) हैं। शास्त्रानुसार भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र हैं भगवान कामदेव। कामदेव प्रेम और आकर्षण के देवता माने जाते हैं। जिन पुरुषों अथवा स्त्रियों में काम जागृत नहीं होता अथवा अपने जीवन साथी के प्रति आकर्षण कम हो गया है, उन्हें आज के दिन भगवान कामदेव का उनकी पत्नी रति के साथ पूजन करके उनके मन्त्र का जप करना चाहिये। कामदेव का मन्त्र – ॐ रतिप्रियायै नम:। अथवा – ॐ कामदेवाय विद्महे रतिप्रियायै धीमहि। तन्नो अनंग: प्रचोदयात्।।
आज की त्रयोदशी तिथि में सपत्निक कामदेव की मिट्टी कि प्रतिमा बनाकर सायंकाल में पूजा करने के बाद उपरोक्त मन्त्र का जप आपका वर्षों का खोया हुआ प्रेम वापस दिला सकता है। आपके चेहरे की खोयी हुई कान्ति अथवा आपका आकर्षण आपको पुनः प्राप्त हो सकता है इस उपाय से। जो युवक-युवती अपने प्रेम विवाह को सफल बनाना चाहते हैं उन्हें इस उपाय को करना चाहिये। जिन दम्पत्तियों में सदैव झगडा होते रहता है उन्हें अवश्य आज इस उपाय को करना चाहिये।
त्रयोदशी तिथि ज्योतिषशास्त्र में अत्यंत श्रेष्ठ माना गया है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति महापुरूष होता है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति बुद्धिमान होता है और अनेक विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाला होता है। यह व्यक्ति काफी विद्वान होता है तथा अन्यों के प्रति दया भाव रखने वाला एवं किसी की भी भलाई करने हेतु सदैव तत्पर रहने वाला होता है । इस तिथि के जातक समाज में काफी प्रसिद्धि हासिल करते ही हैं।

