मंडी चुनाव को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह में मांगा जबाब

रिपोर्टर : राजकुमार रघुवंशी
जबलपुर । मध्यप्रदेश में मंडी चुनाव करवाने के लिए दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की डिवीजन बेंच ने मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर छः सप्ताह में जबाब पेश करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने आयुक्त चुनाव आयोग, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन व अन्य से पूछा है कि इतना समय बीतने के बाद भी अब तक प्रदेश में मंडी चुनाव चुनाव क्यों नही कराए गए है। आपको बता दें कि प्राप्त जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश में कुल 269 मंडियां हैं जबकि 298 उप मंडियां हैं। किसानों को उपज का उचित दाम दिलाने व शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए सरकार द्वारा प्रदेश में मंडी समितियों की व्यवस्था बनाई गई है।
लेकिन मंडी की इन समितियों का 5 साल का कार्यकाल समाप्त हुए पांच साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अब तक इनके निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
इस पांच साल में एक साल तो इसका कार्यकाल बढ़ा दिया गया। बाद में 6 साल पूरे होने पर इसका भार प्रशासनिक अधिकारियों के जिम्मे हो गया। जिसे अब 4 साल हो गए है। अब तक निर्वाचन संबंधी कोई हलचल नहीं है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 2012 में मंडी चुनाव हुए थे इस हिसाब से देखा जाए तो पांच साल बाद 2017 में चुनाव होने थे।
मंडी समिति का कार्यकाल 6-6 माह की अवधि के लिए दो बार बढ़ा दिया गया था। कार्यकाल के एक साल बढ़ने के बाद 2018 में मंडी चुनाव होने के कयास लगाए जा रहे थे। वहीं मंडी का कार्यभार जब तक चुनाव नहीं होते है तब तक प्रशासनिक अधिकारियों के पास आ गया। बता दें नागरिक उपभोक्ता मंच ने मंडी चुनाव कराने की मांग को लेकर करीब दो माह पहले महामहिम राज्यपाल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, आयुक्त चुनाव आयोग, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन को ज्ञापन प्रेषित था।
जिसमे प्रदेश में शीघ्र कृषि उपज मंडियों के चुनाव कराने की मांग की गई थी लेकिन सरकार ने दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई अधिसूचना जारी नही की जिसके कारण नागरिक उपभोक्ता मंच के मनीष शर्मा, पवन कौरव, राजेश वर्मा, अभिषेक मेहरा, सज्जाद अली, विजय आहूजा, ने उच्च न्यायालय जबलपुर में जनहित याचिका दायर की थी।



