धार्मिक

शेषनाग मंदिर में होगी नाग देवता की पूजा अर्चना, हर साल आते हैं दूर दराज से पीड़ित लोग

मंत्रो की शक्ति के साथ साल की विशाल पूजा
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । सिहोरा के पास ग्राम कुँआ में स्थापित कई वर्षों प्राचीन नाग मंदिर में हर साल अपनी इच्छाओं की पूर्ति होने के बाद साल में दो बार शेषनाग मंदिर में माथा टेकने के लिए आते हैं लाखों लोग।
शेषनाग कालसर्प दिव्य मन्दिर –
शेषनाग धाम मंदिर के पुजारी फडीश नायक ने बताया कि शेषनाग मन्दिर धाम कुँआ में सर्प दंश से पीड़ित जो भी व्यक्ति इस स्थान में आ जाता हैं वह ठीक हो कर जाता हैं और साल में दो बार नाग पंचमी व ऋषि पंचमी तिथि पर आकर यहा माथा भी टेकते हैं।
शेषनाग मन्दिर में मन्त्रो के उच्चारण से करते हैं सर्प दंश व्यक्ति का इलाज – देखा जाये तो इस शेषनाग मन्दिर में हर सर्प दंश झेल चुके व्यक्ति को यहाँ पहुंचते ही मंदिर के अंदर मन्त्रों के माध्यम से पीड़ित रोगी को उचित समय में ठीक करने व सुरक्षित होने पर अपनी इच्छाओं अनुसार इस नाग देवता के स्थान में आकर आशीर्वाद प्राप्त व माथा टेकते हुई जीवन सुरक्षित रखने की कामना करते हैं। जो लोग इस सर्प दंश से ठीक हो जाते हैं वह साल में दो बार जरूर दर्शन करने आते हैं। स्थानीय क्षेत्र से लेकर दूर दूर तक के लोग इस स्थान में आशीर्वाद लेने के लिए निरंतर आते जाते हैं ।
पूजा अर्चना करने से मुक्त हो जाते हैं सर्प दोष पीड़ित रोगी – जहरीले सांप से लेकर करिया गरेत तक के सर्प दंश झेल रहे युवाओं एवं महिलाओं को मिला इस शेषनाग मन्दिर से लाभ । ऋषि पंचमी तिथि एवं नाग पंचमी तिथि को साल में दो बार जरूर आना पड़ता हैं माथा टेकने इस नाग देवता मन्दिर स्थान में ।
नाग देवता को श्री फल, फूल, दूध सहित मौसमी हरि सब्जियों का लगाया जाएगा भोग।
महान पूजा के दोपहर बाद की जाती हैं विशाल दंगल, कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन।

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