ज्योतिष

आज का पंचांग शनिवार, 19 नवम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 19 नवम्बर 2022

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
।। श्री हरि आप सभी का कल्याण करें ।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात शनिवार को पीपल वृक्ष में मिश्री मिश्रित दूध से अर्घ्य देने से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पीपल के नीचे सायंकालीन समय में एक चतुर्मुख दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी ग्रह दोषों की निवृति हो जाती है।
पुराणों में वर्णित है कि पिप्पलाद ऋषि ने अपने बचपन में माता पिता के वियोग का कारण शनि देव को जानकर उनपर ब्रह्म दंड से प्रहार कर दिया, जिससे शनि देव घायल हो गए। देवताओं की प्रार्थना पर पिप्पलाद ऋषि ने शनि देव को इस बात पर क्षमा किया कि शनि जन्म से लेकर 16 साल तक की आयु तक एवं उनके भक्तो को किसी को भी कष्ट नहीं देंगे। तभी से पिप्पलाद का स्मरण करने से ही शनि देव के प्रकोप से मुक्ति मिल जाती है।
शिवपुराण के अनुसार शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि की पीड़ा शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- दशमी तिथि 07:06:00 तक तदोपरांत एकादशी तिथि।
✏️ तिथि स्वामीः- दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तदोपरांत एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- उत्तरा फाल्गुनी 24:15:14 तक तदोपरांत हस्त नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्य देव हैं तथा हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं।
🔔 योगः- विषकुंभ 24:24:00 तक तदोपरान्त प्रीति
प्रथम करण : विष्टि – 10:29 ए एम तक
द्वितीय करण : बव – 10:41 पी एम तक बालव
🔥 गुलिक कालः-शुभ गुलिक काल 06:46:00 A.M से 08:06:00A.M बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से अदरक खाकर जायें।
🤖 राहुकालः- राहुकाल 09:26:00A.M से 10:46:00P.M बजे तक राहुकाल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:38:42
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:22:31
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:00 ए एम से 05:53 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:27 ए एम से 06:47 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:45 ए एम से 12:28 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:15 पी एम से 05:39 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:26 पी एम से 06:46 पी एम
💧 अमृत काल : 04:43 पी एम से 06:23 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:40 पी एम से 12:33 ए एम, नवम्बर 20
☄️ विष्कुंभ योग – रात 12 बजकर 26 मिनट तक
💥 यायीजय योग – आज सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक
🚕 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में सात बादाम चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – शुक्रोदय पश्चि में (मतांतर), रानी लक्ष्मीबाई जयन्ती, देवीप्रसाद चट्टोपाध्याय जयन्ती, इन्दिरा गांधी, भारत की चौथी प्रधानमंत्री जन्म दिवस, दारा सिंह, विश्व प्रसिद्ध पहलवान जयन्ती, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस, नवजात शिशु दिवस, राष्ट्रीय औषधि दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस,अंतर्राष्ट्रीय नागरिक दिवस, राष्ट्रीय एकता दिवस, विश्व शौचालय दिवस
✍🏽 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗣️ श्लोक : १.९५.१(1.95.1) सूक्त (९५)
द्वे विरू॑पे चरतः॒ स्वर्थे॑ अ॒न्यान्या॑ व॒त्समुप॑ धापयेते । हरि॑र॒न्यस्यां॒ भव॑ति स्व॒धावा॑ञ्छु॒क्रो अ॒न्यस्यां॑ ददृशे सु॒वर्चाः॑ ॥
हे दिवस और रात्रि! तुम सुंदर प्रयोजन वाले एवं परस्पर विरुद्ध रूप से युक्त होकर चलते हो. रात और दिन दोनों, दोनों के पुत्ररक्षा करते हैं. रात्रि के पास से सूर्य हवि रूप अन्न प्राप्त करता है एवं दूसरा दिन के, पास से शोभन प्रकाश वाला दिखाई देता है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आज आचार्य श्री गोपी राम से जानिए खाली दीवार की ओर बैठने के बारे में। आपने वो कहावत तो सुनी होगी- खाली दिमाग शैतान का घर। जब आप खाली होते हैं, जब आपके पास कोई काम नहीं होता तो ढेर सारे अच्छे-बुरे विचार आपके दिमाग में चलते रहते हैं। आप कुछ न कुछ सोचते रहते हैं।
इसलिए अगर आप कहीं बाहर से या ऑफिस से आकर घर पर किसी ऐसी जगह पर बैठते हैं जहां सामने दिवार पर कुछ न हो, वह बिल्कुल खाली हो तो और यह आपके रोज बैठने की निश्चित जगह है तो उस दिवार पर कोई पॉजिटिव तस्वीर लगाएं या अपने ही परिवार के सदस्यों की एक तस्वीर उस दिवार पर लगा दें। इससे आपका मन हमेशा सकारात्मक रहेगा।
वहीं अगर आप अकेले खाली दिवार की तरफ मुंह करके बैठेंगे तो आप निगेटिव विचारों से घिरे रहेंगे जो कि आपके लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यह आपके आत्मविश्वास में कमी लाता है।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
सोने से पहले फोन का इस्तेमाल ना करें सोने के एक घंटे पहले से ही मोबाइल या लैपटॉप इत्यादि का इस्तेमाल ना करें। इससे आपकी नींद पर गहरा प्रभाव पड़ता है और नींद भी खराब होने लगती हैं।
दिन में सोना अवॉइड करें आपने नोटिस किया होगा कि जो बच्चे दिन में सो जाते हैं, उन्हें रात में समय से नींद आना मुश्किल हो जाता है। इसलिए अगर अच्छी नींद लेनी हो, तो दिन में ना सोना आपको इस परेशानी से आराम दिला सकता है।
आरामदायक बिस्तर पर सोएं आरामदायक तकिया और गद्दा होगा तो आपको नींद भी अच्छी आएगी, जिसकी वजह से आपको सुबह ताजगी महसूस होगी। फिर आप अपना काम भी अच्छे से कर पाएंगे।
सोने से पहले गर्म पानी से नहाएं गर्म पानी से नहाने से थकान दूर होती है, जिसकी वजह से आपकी मांसपेशियों में तनाव और सूजन में आराम मिलता है। शरीर में कोई दर्द हो तो गर्म पानी से नहाने पर काफी हद तक आराम मिलता है और नींद भी बेहतर आती है।
💉 आरोग्य संजीवनी 🩸
स्किन के लिए असरदार है घी का इस्तेमाल खाने के अलावा स्किन को हेल्दी रखने के लिए भी किया जाता है। दरअसल, घी में मौजूद फैटी एसिड नमी को सील करते हैं। जिससे फटी एड़ियों से छुटकारा पाया जा सकता है।
घी और हल्दी पाउडर घी का फैटी एसिड स्किन को सॉफ्ट बनाने में मदद करते हैं। इसलिए फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए घी में हल्दी पाउडर मिलाएं। सबसे पहले एक कटोरी में घी को गर्म करें और उसके बाद उसमें एक थोड़ा सा नीम का तेल और हल्दी पाउडर डालें। आप इस पेस्ट को पैर पर लगाकर छोड़ दें। इससे आपको फटी एड़ियों से राहत मिलेगी।
घी और मोम फटी एड़ियों से छुटकारा पाने के लिए घी और मोम का इस्तेमाल बेहद असरदार है. घी और मोम लगाने से त्वाचा फटती नहीं है। बर्तन में हल्दी, मोम और घी डालकर गर्म करें। अब कॉटन की मदद से इस मिक्सचर को पैरों में लगाएं और उसके बाद मोजे पहन लें। इससे आपको राहत मिलेगी।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की नीति ने कई युवाओं को सद्मार्ग पर लाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने का कार्य किया है. सत्य कड़वा होता है, हमने जीवन की सच्चाई को नीतियों में पिरोया है जो कठोर जरूर हैं लेकिन मनुष्य की जिंदगी का आइना हैं. ये नीतियां कदम-कदम पर ज्ञानवर्धन का काम करती हैं, बस इनका सही से पालन करने की जरूरत है. ऐसी ही एक नीति है जिसमें हमने बताया है कि किन लोगों का अस्तित्व जल्द खत्म हो जाता है. ऐसी कौन सी गलती है जिससे व्यक्ति का सुख-चैन छिन जाता है, चाणक्य के अनुसार वक्त रहते नहीं संभल पाए तो जीवन जीना दूभर हो जाएगा
मंत्री के बिना राजा शास्त्रों के अनुसार सत्ता पर काबिज रहने के लिए लीडर के साथ सहायक और कार्यकर्ता का होना बेहद जरूरी है. हमने राजा के संदर्भ में बताया है कि जो राजा अपने लिए मंत्रियों का चयन नहीं करता उसके राजपाठ का जल्द नाश हो जाता है और सत्ता न चला पाने के कारण उस राजा की छवि भी धूमिल हो जाती है. धन, सुख, शांति भंग हो जाती है. उसका वजूद खत्म हो जाता है. आज के संदर्भ में समझें तो एक अकेला लीडर पूरे राष्ट्र का विकास नहीं कर सकता, इसके लिए सहायक की जरुरत होगी. राजनीतिक नजरिए से देखें तो चुनाव में भी उसी पार्टी की जीत होती है जिसके प्रत्याशियों ने ज्यादा से ज्यादा जीत दर्ज की हो. एक अकेल पार्टी लीडर विजय हासिल नहीं कर सकता।
धोखा देने वाला जीवनसाथी आचार्य श्री गोपी राम का मानना है कि जो स्त्री या पुरुष अपने जीवनसाथी के होते हुए पराए पुरुष या महिलाओं पर नजर डालते हैं. जो लोग विवाहेतर संबंध रखते हैं ऐसे लोगों का अस्तित्व बहुत जल्द खत्म हो जाता है. इनके चरित्र पर वो दाग लगता है जो मरते दम तक मिटता नहीं. विवाह एक पवित्र बंधन है. इस बंधन को लांघकर जो गलत कार्य करते है जीवनसाथी को धोखा देते हैं समाज में उनका कोई मान-सम्मान नहीं करता
●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।

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