ज्योतिष

आज का पंचांग सोमवार, 14 नवम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
सोमवार 14 नवम्बर 2022

महा मृत्युंजय मंत्र – ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
☄️ दिन (वार) – सोमवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से पुत्र का अनिष्ट होता है शिवभक्ति को भी हानि पहुँचती है अत: सोमवार को ना तो बाल और ना ही दाढ़ी कटवाएं ।
सोमवार के दिन भगवान शंकर की आराधना, अभिषेक करने से चन्द्रमा मजबूत होता है, काल सर्प दोष दूर होता है।
सोमवार का व्रत रखने से मनचाहा जीवन साथी मिलता है, वैवाहिक जीवन में लम्बा और सुखमय होता है।
जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए हर सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत या मीठा कच्चा दूध एवं काले तिल चढ़ाएं, इससे भगवान महादेव की कृपा बनी रहती है परिवार से रोग दूर रहते है ।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन – दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर हेमन्त ऋतु
🌤️ मास – मार्गशीर्ष माह
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथिः- षष्ठी तिथि 27:25:00 तक तदोपरान्त सप्तमी तिथि।
🖍️ तिथि स्वामीः- षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी हैं तथा सप्तमी तिथि के स्वामी भगवान सूर्य देव हैं।
💫 नक्षत्रः- पुनर्वसु नक्षत्र 23:58:05 तक तदोपरान्त पुष्य नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- पुनर्वसु नक्षत्र के स्वामी गुरु देव हैं। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं।
🔔 योगः- शुभ 01:26:00 तक तदोपरान्त शुक्ल
प्रथम करण : गर – 02:07 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – 03:23 ए एम, नवम्बर 15 तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 01:26:00 से 02:46:00 तक।
⚜️ दिशाशूलः- आज के दिन पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना ज्यादा आवश्यक हो तो घर से दर्पण देखकर या दूध पीकर जायें।
🤖 राहुकालः- राहु काल 08:03:00 से 09:23:00 बजे तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदय – प्रातः 06:09:03
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:03:24
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:57 ए एम से 05:50 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:23 ए एम से 06:43 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:44 ए एम से 12:27 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 01:53 पी एम से 02:36 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:17 पी एम से 05:41 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 05:28 पी एम से 06:48 पी एम
💧 अमृत काल : 10:33 ए एम से 12:21 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:39 पी एम से 12:32 ए एम, नवम्बर 15
💥 सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:15 पी एम से 06:43 ए एम, नवम्बर 15
❄️ रवि योग : 01:15 पी एम से 06:43 ए एम, नवम्बर 15
🕉️ शुभ योग – आज रात 11 बजकर 43 मिनट तक
सर्वार्थसिद्धि योग – आज दोपहर 1 बजकर 15 मिनट से अगले दिन सूर्योदय तक
☄️ पुनर्वसु नक्षत्र – आज दोपहर 1 बजकर 15 मिनट तक
🌏 पृथ्वी लोक की भद्रा – आज देर रात 3 बजकर 23 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को मखाने भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – छींट छठ, बाल दिवस, राष्ट्रीय पुस्तक दिवस (सप्ताह), विश्व मधुमेह दिवस, प० जवाहरलाल नेहरू जयन्ती, सी. के. नायडू – भारत की क्रिकेट टीम के प्रथम टेस्ट कप्तान
✍🏽 विशेष – षष्ठी तिथि को तैल कर्म अर्थात शरीर में तेल मालिश करना या करवाना एवं सप्तमी तिथि को आँवला खाना तथा दान करना भी वर्ज्य बताया गया है। षष्ठी तिथि के स्वामी भगवान शिव के पुत्र स्वामी कार्तिकेय हैं तथा नन्दा नाम से विख्यात यह तिथि शुक्ल एवं कृष्ण दोनों पक्षों में मध्यम फलदायीनी मानी जाती है। इस तिथि में स्वामी कार्तिकेय जी के पूजन से सभी कामनाओं की पूर्ति होती है। विशेषकर वीरता, सम्पन्नता, शक्ति, यश और प्रतिष्ठा कि अकल्पनीय वृद्धि होती है।
🛟 Vastu tips 🏚️
टूटे हुए कांच, चिपके हुए क्रॉकरी, और टूटी हुई वस्तुओं को अक्सर दूर रखा जाता है, अनदेखा किया जाता है और भुला दिया जाता है। इन टूटी हुई वस्तुओं को घर के निवासियों में उदासी, उदासी और निराशा और निराशा पैदा करने के लिए जाना जाता है।
यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाना चाहिए कि सहायक उपकरण में कोई दरार न हो और कोई दाग न हो। अगर कुछ टूटता है, तो उसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए या बदला जाना चाहिए।
नकारात्मक कलाकृति जलपोतों, युद्धों, रोते हुए बच्चों, और डूबते सूरज जैसी नकारात्मक छवियों को दर्शाने वाली छवियां, दूसरों के बीच, एक घर में उदासी और दर्द का वातावरण बनाती हैं। इसके अलावा, बेडरूम में झरने, फव्वारे, समुद्र, बारिश या एक्वैरियम की पेंटिंग और तस्वीरें मानसिक और भावनात्मक समस्याओं और वित्तीय मुद्दों का कारण बन सकती हैं।
कृत्रिम/सूखे फूल फूल या पौधे जो सूख गए हैं या मुरझा गए हैं, घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में बाधा डालते हैं। घर के अंदर कार्नेशन्स से बचना चाहिए, क्योंकि वे दुर्भाग्य लाते हैं। कांटों वाले पौधों से भी बचना चाहिए क्योंकि वे सदस्यों के बीच पारस्परिक संघर्ष और मुद्दों का कारण बन सकते हैं।
टैक्सिडर्मिड जानवर / मृत जानवर टैक्सिडर्मिड जानवर, तेंदुआ और बाघ की खाल, हाथी दांत की मूर्तियां, घोंघे या सींग से बचना चाहिए। इन वस्तुओं में स्थिर ऊर्जाएँ होती हैं और उन पर मृत्यु मंडराती रहती है। वास्तु सिद्धांत बताते हैं कि घर में अप्राकृतिक चीजें नहीं रखनी चाहिए। यही कारण है कि बोनसाई पौधों को हतोत्साहित किया जाता है, क्योंकि उन्हें उनकी पूरी क्षमता तक बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाती है।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
अपने घर को बुरी नजर से बचाएं
घर की पवित्रता के लिए नियमित रूप से रोज हनुमान चालीसा का पाठ करें और प्रति मंगलवार-शनिवार को हनुमान मंदिर जाएं तथा सुंदरकांड का पाठ करें।
चारों तरफ की नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव खत्म करने के लिए अपने घर में नियमित रूप से गौ मूत्र का छिड़काव करें। गौ मूत्र को पवित्र पदार्थ माना गया है और इसमें वातावरण में मौजूद सभी नकारात्मक शक्तियों को समाप्त करने की शक्ति होती है।
अगर आपको शक हो कि किसी ने आप पर कोई टोना-टोटका किया है तो भी गो मूत्र सर्वश्रेष्ठ उपचार है। अपने शरीर पर गौ-मूत्र का छिड़काव करें। प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा गौमूत्र पीने से भी लाभ प्राप्त होते हैं।
मात्र इन दो आसान से उपाय से सभी प्रकार के टोने-टोटकों और बुरी नजर के प्रभाव से बचा जा सकता है। घर को नजर से बचाने के लिए इस मंत्र को लिखकर घर में स्थित भगवान के मंदिर में रखें। साथ में एक नारियल और सुपारी रखें –
।। नमस्‍ते रूद्ररूपाय करिरूपाय ते नम:।।
🍶 आरोग्य संजीवनी 🩸
कालभैरव तेल
(शरीर दर्द, कमर दर्द, पीठ का दर्द, पसली-छाती का दर्द, पैरों का दर्द, जांघो का दर्द, घुटनों का दर्द, कुबडापन, लंगड़ापन, लकवा)
इसे महाकाल ने भैरव जी को बताया था । भैरव जी ने इसे भैरवी को बताया था । यह तेल शरीर को समस्त वातरोगों, लकवा आदि को दूर करता है । यह तेल केवल लगाने के लिए है ।
🤷🏻‍♀️ सावधानी – यह अत्यंत उग्र तेल है । अत्यंत कम मात्र में प्रयुक्त होता है ।
👉🏼 नोट :- किसी भी नजदीकी औषधीय से प्राप्त कर सकते हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम ऐसे महान विद्वान हुए हैं, जिनके बताए रास्ते पर चलने वाला व्यक्ति कभी भी हार का सामना नहीं कर सकता। आप भी उनकी उपयोगी नीतियों को अपनाकर न केवल अपनी सोच को सकारात्मक विस्तार दे सकते हैं बल्कि भ्रष्टाचार से कोसों दूर रह सकते हैं। यदि आप कोई नया काम शुरु करने की इच्छा रखते हैं तो हमारे द्वारा बताए गए सूत्रों को फॉलो करने से आप जीवन में कभी भी हार का सामना नहीं करेंगे।
हमारी नीति में लिखे श्लोक के अनुसार- तद् विद्वद्भिः: परीक्षेत।
🗣️ भावार्थ : जब कोई नया कार्य प्रारंभ करना हो तो उसके विषय में अनुभवी विद्वानों से पूछकर ही करना चाहिए।
इसके अतिरिक्त किसी अन्य पर पूर्ण रुप से भरोसा न करके समय, जगह और काम में भागीदारों की पड़ताल करें। अपनी काबिलियत पर भरोसा रखें तभी आप सफल होंगे। अपने भीतर के आइडिया अपने तक रखें, उसे दूसरों के साथ शेयर करने की भूल न करें। हम कहते हैं, तीखा और कड़वा बोलने वाले का व्यापार कभी भी सफलता के परचम नहीं लहरा सकता लेकिन परिस्थितियों के अनुसार कुछ कड़े और अनिश्चित फैसले लेने में गुरेज न करें। बिजनेस का दूसरा नाम ही जोखिम है।
भ्रष्ट होते हैं संयमहीन व्यक्ति ज्ञात्वापि दोषमेव करोति लोक:।
🗣️ भावार्थ : मनुष्य की यह स्वाभाविक वृत्ति है कि वह जान-बूझकर अपराध की ओर जल्दी प्रवृत्त हो जाता है। कह सकते हैं कि संयमहीन व्यक्ति जल्दी भ्रष्ट हो जाते हैं।
आचार्य श्री गोपी राम के द्वारा खुद के विवेक पर नियंत्रण रखने की सीख दी गई है।
※══❖═══▩ஜ ۩۞۩ ஜ▩═══❖══※
⚜️ आपके उपर यदि मंगल कि दशा चल रही हो और आप किसी प्रकार के मुकदमे में फंस गये हों तो भगवान कार्तिकेय का पूजन करें। मुकदमे में अथवा राजकार्य से सम्बन्धित किसी कार्य में सफलता प्राप्ति के लिये षष्ठी तिथि के सायंकाल में शिवमन्दिर में छः दीप दान करें। कहा जाता है, कि स्वामी कार्तिकेय को एक नीला रेशमी धागा चढ़ाकर उसे अपने भुजा पर बाँधने से शत्रु परास्त हो जाते हैं एवं सर्वत्र विजय कि प्राप्ति होती है।
जिस व्यक्ति का जन्म षष्ठी तिथि को होता है, वह व्यक्ति सैर-सपाटा पसंद करने वाला होता है। इन्हें देश-विदेश घुमने का कुछ ज्यादा ही शौक होता है अत: ये काफी यात्राएं करते रहते हैं। इनकी यात्रायें मनोरंजन और व्यवसाय दोनों से ही प्रेरित होती हैं। इनका स्वभाव कुछ रूखा जैसा होता है और छोटी छोटी बातों पर भी लड़ने को तैयार हो जाता हैं।

Related Articles

Back to top button