आज का पंचाग बुधवार 05 अक्टूबर 2022
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 05 अक्टूबर 2022
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
🏹 05 अक्टूबर 2022 दिन शुक्रवार आज अश्विन मास के शुक्ल पक्ष कि दशमी अर्थात विजया दशमी का पावन त्यौहार है। यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार है। आज राज्याभिषेक के उत्तम योग है। आज जगद्गुरु माधवाचार्य जयन्ती भी है। श्रवण नक्षत्र में माता सरस्वती का विसर्जन करना चाहिये। आज साईं बाबा की पूण्यतिथि भी है। हम समस्त सनातनियों के परम आराध्य भगवान श्रीराम के जीत का विजया दशमी का पावन त्यौहार है। आप सभी सनातनियों को विजया दशमी के इस पावन त्यौहार की हार्दिक शुभकामनायें एवं अनन्त-अनन्त बधाइयाँ। मातारानी एवं भगवान श्रीराम जी से हमारी हार्दिक प्रार्थना यही है, कि आप सभी सनातनियों के सभी समस्याओं का समाधान कर उन्हें सुखद एवं आनंददायी जीवन प्रदान करें।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ अयन- दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्र्विन मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथिः- दशमी तिथि 12:01:00 तक तदोपरान्त एकादशी तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- दशमी तिथि की स्वामी यमराज जी हैं तथा एकादशी तिथि के स्वामी विश्वदेव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- श्रवण नक्षत्र 19:28:38 तक तदोपरान्त घनिष्ठा नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः- श्रवण नक्षत्र के स्वामी चन्द्र देव हैं तथा घनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल देव हैं।
🔔 योगः- धृति 07:30:00 तक तदोपरान्त शूल
⚡ प्रथम करण : गर – 12:00 पी एम तक
✨ द्वितीय करण: वणिज – 10:50 पी एम तक विष्टि
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 10:41:00 से 12:09:00 तक
⚜️ दिशाशूलः- बुधवार को उत्तर दिशा में जाना अशुभ होता है यदि आवश्यक हो तो घर से धनियां या तेल खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहु काल 12:09:00 से 01:37:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:08:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:52:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:38 ए एम से 05:27 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:03 ए एम से 06:16 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:07 पी एम से 02:54 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:51 पी एम से 06:15 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:03 पी एम से 07:16 पी एम
💧 अमृत काल : 11:33 ए एम से 01:02 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:45 पी एम से 12:34 ए एम, अक्टूबर 06
❄️ रवि योग : 06:16 ए एम से 09:15 पी एम
☄️ सुकर्मा योग- सुबह 8 बजकर 21 मिनट तक
🌧️ श्रवण नक्षत्र – रात 9 बजकर 14 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन-हरे फ़ल खाकर अथवा दूध पीकर यात्रा पर निकलें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं स: बुधाय नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-शमी वृक्ष का पूजन करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- अपामार्ग के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – श्री विजयदशमी ( दशहरा ) पर्व , विजय मुहुर्त 14:56 से 15:13, श्रवण नक्षत्र में माँ सरस्वती देवी विसर्जन, नवरात्र पारणा, मन्वादि , आयुद्ध पूजा शमी पूजा अपराजिता पूजा नीलकंठ दर्शन, दशमी श्रवण नक्षत्र में राजाओं का पट्टाभिषेक, सीमोल्लंघन, शस्त्रादि पूजा (देशाचारे ), श्री बौद्धावतार दशमी, रानी दुर्गावती जयन्ती, श्री नर बहादुर भण्डारी जयन्ती, विश्व शिक्षक दिवस
✍🏽 विशेष – दशमी तिथि को कलम्बी एवं परवल का सेवन वर्जित है। दशमी तिथि धर्मिणी और धनदायक तिथि मानी जाती है। यह दशमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह दशमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। दशमी को धन देनेवाली अर्थात धनदायक तिथि माना जाता है। इस दिन आप धन प्राप्ति हेतु उद्योग करते हैं तो सफलता कि उम्मीदें बढ़ जाती हैं। यह दशमी तिथि धर्म प्रदान करने वाली तिथि भी माना जाता है। अर्थात इस दिन धर्म से संबन्धित कोई बड़े अनुष्ठान वगैरह करने-करवाने से सिद्धि अवश्य मिलती है। इस दशमी तिथि में वाहन खरीदना उत्तम माना जाता है। इस दशमी तिथि को सरकारी कार्यालयों से सम्बन्धित कार्यों को आरम्भ करने के लिये भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
🗼 Vastu tips 🗽
स्वास्तिक का चिन्ह घर के वास्तु दोष दूर करने के लिए घर के मुख्य द्वार में सिंदूर से स्वास्तिक बना लें। इस बात का याद रखें कि स्वास्तिक नौ अंगुल लंबा और नौ अंगुल चौड़ा हो चाहिए। इसे बनाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा भी खत्म हो जाती है।
घोड़े की नाल वास्तु शास्त्र में घोड़े की नाल का काफी महत्व है। इसे घर में लगाने से वास्तु दोष से छुटकारा मिल जाता है। इसके साथ ही सौभाग्य की प्राप्ति होती है। घर के मुख्य द्वार में घोड़े की पूरी नाल लगा दें जो यू आकार की होती है।
पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर अगर आपका प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा की ओर है तो घर के द्वारा में पंचमुखी हनुमान की तस्वीर रख लें। इससे लाभ मिलेगा। इसके अलावा प्रवेश द्वार में पंचधातु से बना हुआ पिरामिड लगा सकते हैं। इससे भी शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
बल्ब लगाएं अगर आपका किचन आग्नेय कोण यानी पूर्व-दक्षिण में नहीं है तो ये वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में वास्तु दोष को दूर करने के लिए आग्नेय कोण में एक छोटा बल्ब लगा लें और रोजाना उसे जलाएं। इससे काफी हद तक किचन का वास्तु दोष कम हो जाएगा।
कपूर घर के वास्तु दोष को दूर करने के लिए कपूर भी लाभकारी साबित हो सकती है। आपके घर में जिस जगह पर वास्तु दोष है वहां पर कपूर रख दें। जैसे ही खत्म हो तो दोबारा रख दें। इससे काफी हद तक वास्तु दोष से छुटकारा मिल जाएगा।
▶️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
थकान मिटाने हेतु
ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ | अनाज पीसने कि हाथ्वाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ |
फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर |इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी |
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
👅 गंदी जीभ से हो सकती हैं ये बीमारियां
पाचन तंत्र खराब: गंदी जीभ के चलते पेट की गड़बड़ी की समस्या हो सकती है। अगर आपकी जीभ काली है और जीभ में सफेद छाले हैं तो यह आपका पाचन तंत्र खराब होने के संकेत देता है, जीभ का सीधा संबंध पेट से होता है और पाचन तंत्र में गड़बड़ी होने के कारण जीभ में लाल व सफेद छाले पड़ जाते हैं।
आयरन की कमी: अगर आपकी जीभ ज्यादा मुलायम है तो यह आयरन की कमी होने का संकेत देता है और आप एनीमिया की शिकार हो सकते हैं। आयरन मनुष्य के आहार का बहुत महत्वपूर्ण घटक है। ऐसे में शरीर में इसकी कमी आपको कई समस्याएं दे सकता है।
अधिक तनाव: जीभ गंदी होने की वजह से कई बार जीभ में छाले पड़ जाते हैं, यह बहुत ज्यादा तनाव बढ़ जाने की वजह से होता है और कई बार पेट खराब होने की वजह से भी होता है। वहीं कई बार विटामिन की कमी के कारण यह लक्षण होते हैं। ऐसे में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व व विटामिन का सेवन करना महत्वपूर्ण होता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम की बतायी गयी नीतियों को अपनाकर कोई भी ऊंचे पद तक पहुंच सकता है।हम कहते हैं कि इन तीन चीज़ों से अपने आप को बचाकर रखें चाहिए वरना ज़िंदगी कही की नहीं रहेगी।
ताकतवर लोगों से दुश्मनी आज के समय में सरकार या शक्तिशाली नेताओं के साथ सीधे लड़ाई करना बिल्कुल भी समझदारी भरा काम नहीं है, क्योंकि इससे आपके जीवन को खतरा हो सकता है। इन लोगों का सामना करने की कोशिश करने से पहले अपनी शक्ति और स्थिति को मजबूत करना चाहिए।
सेहत में लापरवाही आचार्य श्री गोपी राम का मानना है की हमारा स्वस्थ शरीर हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। जो इंसान अपने स्वास्थ्य की और ध्यान नहीं देता वो खुद को अपनी मौत के करीब लेकर जाता है। जीवन जीने के लिए पैसा और धन जितना ज़रूरी है उतना ही ज़रूरी आपका सेहतमंद शरीर है। सेहत के प्रति आपकी लापरवाही आपकी मौत की वजह बन सकती है। इसलिए खुद के शरीर से कभी खिलवाड़ न करें
बलवान से बनाएं दूरी हमारा मानना है की एक शारीरिक रूप से बलवान व्यक्ति अपनी छवि को बनाए रखने के लिए अपने बल का प्रयोग कर दूसरों को हानी पहुंचा सकता है। इसलिए ऐसे लोगों से दूरी बना कर रखें। उनके साथ शत्रुता का अर्थ है मृत्यु को आमंत्रित करना।
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⚜️ दशमी तिथि के देवता यमराज जी बताये जाते हैं। यमराज दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। इस दशमी तिथि में यमराज के पूजन करने से जीव अपने समस्त पापों से छुट जाता है। पूजन के उपरान्त क्षमा याचना (प्रार्थना) से जीव नरक कि यातना एवं जीवन के सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। इस दशमी तिथि को यम के निमित्ति घर के बाहर दीपदान करना चाहिये, इससे अकाल मृत्यु के योग भी टल जाते हैं।
दशमी तिथि को जिस व्यक्ति का जन्म होता है, वो लोग देशभक्ति तथा परोपकार के मामले में बड़े तत्पर एवं श्रेष्ठ होते हैं। देश एवं दूसरों के हितों के लिए ये सर्वस्व न्यौछावर करने को भी तत्पर रहते हैं। इस तिथि में जन्म लेनेवाले जातक धर्म-अधर्म के बीच के अन्तर को अच्छी तरह समझते हैं और हमेशा धर्म पर चलने वाले होते हैं।


