ज्योतिष

आज का पंचाग रविवार 11 सितम्बर 2022

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 11 सितम्बर 2022
भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
👣 11 सितम्बर 2022 दिन रविवार को अश्विन मास के प्रतिपदा तिथि से फ़सलीनववर्ष (सन 1429) का आरंभ होता है। आज से महालयारम्भ एवं प्रतिपदा का श्राद्ध आरंभ हो जाता है। आज पहले दिन का तर्पण तथा आज से 15 दिन पर्यन्त महालय में प्रतिदिन पितरों का तर्पण एवं श्राद्ध करने से वर्षभर सुख बना रहता है। अश्विन मास में दूध का परित्याग परंतु छाछ ग्राह्य होता है।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ विक्रम संवत्-2079, शक संवत्-1944, हिजरी सन्-1443, ईस्वी सन्-2022
🌐 संवत्सर नाम-राक्षस
✡️ शक संवत 1944 (शुभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत 5123
☣️ सायन दक्षिणायन
🌦️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
🌤️ मास – आश्विन माह
🌔 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथिः- प्रतिपदा तिथि 13:15:52 तक तदोपरान्त द्वितीया तिथि
✏️ तिथि स्वामीः- प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देव हैं तथा द्वितीया तिथि के स्वामी ब्रह्मा देव जी हैं।
💫 नक्षत्रः- पूर्वा भाद्रपद 09:02:00 तक तदोपरान्त उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र
🪐 नक्षत्र स्वामीः-पूर्वा भाद्रपद तिथि के स्वामी गुरु देव हैं तथा उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी शनि जी हैं।
🔔 योगः- शूल 11:59:09 तक तदोपरान्त गंड
⚡ प्रथम करण : कौलव – 01:14 पी एम तक
✨ द्वितीय करण: तैतिल – 12:20 ए एम, सितम्बर 12 तक गर
🔥 गुलिक कालः- शुभ गुलिक काल 03:24:00 से 04:58:00 बजे तक
⚜️ दिशाशूलः- रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा नहीं करना चाहिए यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो घर से पान या घी खाकर निकलें।
🤖 राहुकालः- आज का राहुकाल 04:58:00 से 06:31:00 तक राहू काल में शुभ कार्य करना वर्जित माना गया हैं
🌞 सूर्योदय – प्रातः 05:37:51
🌅 सूर्यास्त – सायं 17:59:08
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:32 ए एम से 05:18 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 04:55 ए एम से 06:04 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:53 ए एम से 12:42 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:22 पी एम से 03:12 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:19 पी एम से 06:43 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:31 पी एम से 07:41 पी एम
💧 अमृत काल : 02:24 ए एम, सितम्बर 12 से 03:55 ए एम, सितम्बर 12
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:55 पी एम से 12:41 ए एम, सितम्बर 12
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : 08:02 ए एम से 06:04 ए एम, सितम्बर 12
🔱 शूल योग – आज दोपहर 12 बजे तक
☄️ पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र – आज सुबह 8 बजकर 2 मिनट तक
🚓 यात्रा शकुन- इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏼 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-सूर्यास्त से पूर्व बिना नमक वाला भोजन करें।
🌴 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – आश्विन मास कृष्ण पक्ष प्रारम्भ, द्वितीया का श्राद्ध, आश्विन मासीय स्नान – व्रत – यम – नियमादि शुरु, आश्विन मास में दुग्ध त्याग करना चाहिए, षोडषकारण व्रत पूर्ण (जैन), क्षमावाणी मेघमाला व्रत पूर्ण (जैन), श्री बिनोवा भावे जयन्ती, श्रीमती महादेवी वर्मा स्मृति दिवस, श्री नरेशचंद्र सिंह स्मृति दिवस, राष्ट्रीय वन शहीद दिवस, पंचक जारी
✍🏽 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🗺️ Vastu Tips 🛕
वास्तु शास्त्र में हर दिशा, वस्तु, रंग और हर छोटी चीज़ का महत्व माना जाता है। घर में रखी या फिर उपयोग में आने वाली हर चीज़ के लिए वास्तु शास्त्र में एक दिशा चुनी गई है। ऐसे ही हमसे जुड़े रंगों का भी हमारे जीवन पर काफी प्रभाव पड़ता है। सही रंगो का चुनाव करना बेहद ज़रूरी होता है। आज आचार्य श्री गोपी राम से जानते है कि किस रंग की वस्तु किस दिशा में रखी जानी चाहिए और ऐसा करने से क्या लाभ मिलता है।
चेहरे की खुबसूरती सफेद रंग का संबंध धातु से है,और धातु का संबंध पश्चिम दिशा के अलावा वायव्य कोण, यानी उत्तर-पश्चिम दिशा से है। इसलिए इन दोनों दिशाओं में सफेद या सिल्वर रंग से संबंधित चीज़ें रखना अच्छा होता है। पश्चिम दिशा में सफेद रंग से संबंधित चीज़ें रखने से खुशी मिलती है। चेहरे की खुबसूरती बढ़ती है, साथ ही घर की छोटी बेटी को लाभ होता है।
पिता का अच्छा स्वास्थ्य वायव्य कोण, यानी उत्तर-पश्चिम दिशा में सफेद रंग से संबंधित चीज़ों को रखने से पिता का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। बौद्धिक क्षमता अच्छी होती है और पढ़ने में रूचि बढ़ती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मेथी में कई औषधीय गुण हैं जो बाल झड़ने, पकने, बालो के पतले होने और गंजेपन की समस्याओं में बहुत सहायता प्रदान करते है, बालों को घना मज़बूत, बनाते है।
मेथी में निकोटिनिक एसिड और प्रोटीन पाया जाता है जो बालों को अत्यंत लाभ प्रदान करने वाला होता है। मेथी बालों को मजबूती करती है। अगर सर में रूसी है तो मेथी को पीस कर लगाने से सिर की खुशकी दूर होती है, रुसी समाप्त हो जाती है । मेथी के नियमित प्रयोग से बाल मुलायम बनते है बालों को झड़ना भी दूर होता है।
मेथी को बालो में लगाने के लिए रात में एक कप मेथी के दानो को पानी में भिगो दें। प्रात: उसे पीस कर एक पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को अपनी बालो की जड़ो में बहुत अच्छी तरह से लगा लें और लगाने के बाद लगभग 30-40 मिनट के लिए छोड़ दें।
इतना समय गुजरने के बाद अपने सर को ठन्डे पानी से अच्छी तरह धो लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में 3 बार करें और इसे डेढ़ दो महीने तक करते रहे ।
इस प्रयोग को करने से बाल मजबूत और मुलायम बनेगे , बालों का टूटना , गिरना कम होगा एवं बालो की नयी ग्रोथ भी नज़र आएगी ।
आरोग्य संजीवनी 🫀
दिल की बीमारी से कैसे बचें
खाने में सरसों तेल का नियमित इस्तेमाल स्वास्थ्य को बेहतर बना सकता है इसमें आवश्यक फैटी एसिड अनुपात से दिल की बीमारी के जोखिम को 70 प्रतिशत कम किया जा सकता है ।
दिल की बीमारी,से बचने के लिए नित्य कच्चा लहसुन खाएं | शोध के अनुसार कच्चा लहसुन रोज सुबह खाली पेट छील कर खाने से खून का संचार ठीक रहता है और दिल को मजबूत बनाता है, इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है।
सेब का जूस और आंवले का मुरब्बा खाने से दिल बेहतर ढंग से काम करता है, यह दिल की बीमारी का अचूक उपाय है।
दिल की बीमारी में शहद बहुत ही लाभदायक है | शहद दिल को मजबूत बनाता है। इसलिए एक चम्मच शहद प्रतिदिन अवश्य ही लें।
रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।
दिल की बीमारी के उपाय,में प्रमुख है की नित्य लौकी उबालकर उसमें धनिया, जीरा व हल्दी का चूर्ण तथा हरा धनिया डालकर कुछ देर पकाकर खाएं | अगर इस उपाय को प्रतिदिन ना भी कर पाए तो इसे सप्ताह में कम से कम 2-3 बार खाइए। इससे दिल को शक्ति मिलती है।
🪔 गुरु भक्ति योग 🕯️
साधना का बड़ा दुश्मन रजोगुणी अहंकार है। अभिमान को निर्मूल करने के लिए एवं विषमय अहंकार को पिघलाने के लिए गुरूभक्तियोग उत्तम और सबसे अधिक सचोट साधनमार्ग है। जिस प्रकार किसी रोग के विषाणु निर्मूल करने के लिए कोई विशेष प्रकार की जन्तुनाशक दवाई आवश्यक है उसी प्रकार अविद्या और अहंकार के नाश के लिए गुरूभक्तियोग सबसे अधिक प्रभावशाली, अमूल्य और निश्चित प्रकार का उपचार है। वह सबसे अधिक प्रभावशाली ‘मायानाशक’ और ‘अहंकार नाशक’ है। गुरूभक्तियोग की भावना में जो सदभागी शिष्य निष्ठापूर्वक सराबोर होते हैं उन पर माया और अहंकार के रोग का कोई असर नहीं होता। इस योग का आश्रय लेने वाला व्यक्ति सचमुच भाग्यशाली है। क्योंकि वह योग के अन्य प्रकारों में भी सर्वोच्च सफलता हासिल करेगा। उसको कर्म, भक्ति, ध्यान और ज्ञानयोग के फल पूर्णतः प्राप्त होंगे।
इस योग में संलग्न होने के लिए तीन गुणों की आवश्यकता हैः निष्ठा, श्रद्धा और आज्ञापालन। पूर्णता के ध्येय में सन्निष्ठ रहो। संशयी और ढीले ढाले मत रहना। अपने स्वीकृत गुरू में सम्पूर्ण श्रद्धा रखो। अपने मन में संशय की छाया को भी फटकने मत देना। एक बार गुरू में सम्पूर्ण श्रद्धा दृढ़ कर लेने के बाद आप समझने लगेंगे कि उनका उपदेश आपकी श्रेष्ठ भलाई के लिए ही होता है। अतः उनके शब्द का अन्तःकरणपूर्वक पालन करो। उनके उपदेश का अक्षरशः अनुसरण करो। आप हृदयपूर्वक इस प्रकार करेंगे तो मैं विश्वास दिलाता हूँ कि आप पूर्णता को प्राप्त करेंगे ही। मैं पुनः दृढ़तापूर्वक विश्वास दिलाता हूँ।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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