मध्य प्रदेश

आधा सत्र बीता, पर सरकारी स्कूल के बच्चों को न यूनिफार्म मिली न साइकिल

जिले के एक लाख 18 हजार 5 वीं, 8 वीं के छात्र छात्राओं की अटकी गणवेश
रिपोर्टर : शिवलाल यादव

रायसेन । सरकार भले ही छात्र-छात्राओं के लिए सभी सुविधाएं व संसाधन जुटाने का दावा कर रही हो। लेकिन हकीकत यह है कि इस साल जिले के सरकारी स्कूलों में आधा सत्र बीतने के बाद भी बच्चों को न गणवेश दी गई है न साइकिल।
भले ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए सभी सुविधाएं व संसाधन जुटाने का दावा कर रही हो। लेकिन हकीकत यह है कि इस साल जिले के सरकारी स्कूलों में आधा सत्र बीत गया। लेकिन अभी तक बच्चों को न गणवेश दी गई है न साइकिल। इससे जहां दूर-दराज के बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी आ रही है, तो वहीं अब स्कूलों में बच्चे रंगबिरंगे कपड़ों में नजर आ रहे हैं।
एक लाख 18 हजार से अधिक बच्चों को गणवेश का इंतजार…
प्राथमिक से माध्यमिक शालाओं में अध्यनरत एक लाख 18 हजार से अधिक बच्चों को गणवेश का इंतजार है। शासन द्वारा गणवेश वितरण के नियमों में संशोधन और नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के बाद नवंबर माह भी बीत गया, लेकिन बच्चों की गणवेश का कोई ठिकाना नहीं है। गणवेश नहीं होने के कारण प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों के बच्चे रंग बिरंगे कपड़ों में ही नजर आ रहे हैं। अब तक उन्हें यूनिफार्म मुहैया नहीं कराई गई। वहीं राज्य शासन प्रशासन ने शिक्षकों के लिए भी ड्रेस कोड निर्धारित किया गया था। लेकिन अब तक शिक्षा विभाग इस इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिले हैं। वहीं 2020 के बाद से अब तक साइकिल का वितरण नहीं हुआ है। जबकि संभावित 3307 बच्चों की इस बार सूची तो बनी है, लेकिन साइकिल कब मिलेगी इसका कोई ठिकाना नहीं है।
नवीन सत्र प्रवेश के बीते 6 माह
नवीन शिक्षण सत्र में कक्षा एक से आठवीं तक जिले में एक लाख 18 हजार 423 बच्चों का प्रवेश हुआ है। जिसमें कक्षा एक के दस हजार 479, कक्षा दो में 22 हजार 882, तीसरी में 19 हजार 182, चौथी में 21 हजार 290, कक्षा पांचवीं में 22 हजार 146, कक्षा छटवीं में 20 हजार 997, कक्षा सातवीं में 22 हजार 867, कक्षा आठवीं में 22 हजार 580 शामिल हैं। इनमें से इस बार 3307 साइकिल के लिए संभावित विद्यार्थी हैं। जबकि एक लाख 13 हजार 94 गणवेश के लिए संभावित की सूची तैयार हुई है, लेकिन साइकिल और गणवेश का अभी तक कोई अता-पता नहीं है।
इस संबंध में एसके उपाध्याय डीपीसी जिला शिक्षा केन्द्र रायसेन का कहना है कि 5वीं, 8 वीं के लगभग 1 लाख 18 हजार से ज्यादा स्कूलों बच्चों को यूनिफार्म बांटी जानी है।कोरोना काल में गणवेश नहीं बंट सकी थी।इसीलिए रायसेन जिले के बच्चों को 2 गणवेश जल्द ही वितरित की जाएगी।
पांचवीं आठवीं तक के छात्रों को मिलता है गणवेश
शासकीय स्कूलों में गणवेश, साइकिल व पुस्तकें सहित मध्यान्ह भोजन की सुविधा नि:शुल्क दी जाती है, लेकिन हजारों छात्रों को गणवेश और साइकिल का वितरण नहीं किया गया। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्रों को गणवेश दी जाती है। छठवीं में पढ़ाने वाले ऐसे छात्र जिनके गांव में मिडिल स्कूल नहीं है, उनको साइकल दी जाती है। वहीं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा मिशन द्वारा कक्षा 9वीं के छात्रों को पात्रता अनुसार साइकल दी जाती है।
इस संबंध में एमएल राठौरिया, डीईओ रायसेन का कहना है कि साइकिल के लिए संभावित विद्यार्थी की सूची तैयारी की गई है। हालांकि अभी तक शासन ने साइकिल वितरण को लेकर कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं।

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