देश विदेशमध्य प्रदेश

आमीन आमीन की सदाओं के साथ हुआ 73 वें इज्तिमा का समापन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
भोपाल । 4 रोजा आलमी तब्लीगी इज्तिमा भोपाल का समापन दुआ के साथ किया गया। जिसमें पांच हजार से ज्यादा जमातें और 10 लाख से अधिक लोग जुटे। बेगमगंज से भी करीब ढाई दर्जन जमाते 4 महीने के लिए निकली। नौजवानों के जरिए खाने का जौन और खिदमती खित्ते में चाय का इंतजाम भी किया गया।
सुबह साढ़े नो बजे मौलाना साद हजरत जी ने दुआ की, तो लाखों हाथ उनके साथ उठे। 29 मिनट तक दुआ हुई। इस दौरान इतने बड़े मजमे में सिर्फ मौलाना साद और उनके पीछे आमीन कहने वालों की आवाजें आ रही थीं। दुआ में मौलाना साद ने कहा ऐ अल्लाह, सारी दुनिया को इल्म के नूर से रौशन कर दे। सारी कायनात में अमन, सुकून, भाईचारे की हवाएं चला दें। भोपाल शहर, सूबा मप्र. मुल्क भारत को कामयाबी, तरक्की की बुलंदियां बख्श दे। दुनिया के हर इंसान को सच्चाई, ईमानदारी और हक पर चलने की आसानी फरमा दे। इज्तिमा में शिरकत करने वालों, इसके इंतजाम करने वालों, इसकी तैयारी में मदद करने वालों की तमाम जायज हाजतों को पूरा कर दे। सारे आलम में आ रही तबाहियों से तमाम लोगों की हिफाजत फरमा तो लोगों ने रोते हुए आमीन आमीन की सदाएं लगाई। दुआ पूरी होते ही करीब 10 लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर रवाना हुई। इसके चलते ट्रैफिक व्यवस्था बदली गई।
दुआ से पहले तक मौलाना साद हजरत जी ने तकरीर की। उन्होंने कहा- आज इंसान ने अपनी जरूरत को दुनिया के आसपास महदूद (सीमित) कर लिया है। जबकि, असल जिंदगी आखिरत के लिए तैयारी करने की है, उसे फिक्र नहीं है। Basket में निकलकर तब्लीग के जरिए लोगों को असल जिंदगी की मेहनत के लिए ही बताया जा रहा है।
73वें आलमी तबलीगी इज्तिमा के आखिरी दिन सोमवार को होने वाली दुआ ए खास में शामिल होने के लिए शहर की दौड़ ईंट खेड़ी स्थित इज्तिमागाह की तरफ लग गई। बड़ी तादाद में लोग रविवार रात से ही पहुंच गए थे। जबकि, बाकी सुबह फजर की नमाज के बाद पहुंचे। 18 नवंबर से इज्तिमा शुरू हुआ था। पहले दिन एक हजार जमातें आईं, लेकिन 2 दिन में यह संख्या बढ़कर 5 हजार से भी अधिक पहुंच गई थीं।
दिखी गंगा-जमुनी तहजीब:- दुआ के बाद घरों के लिए रवाना हुए लोगों को रास्ते की परेशानियों से बचाने के लिए इस्लाम नगर, सेमरा सैयद, गोलखेडी, लाम्बाखेडा आदि ग्रामों के लोगों ने व्यवस्थाएं की थीं। पीने का पानी, चाय के अलावा हिन्दू भाई भी ट्रैफिक इंतजाम संभाल रहे हैं। हिंदू समाज के लोगों ने इज्तिमा की पार्किंग के लिए भी अपने खेतों में जगह उपलब्ध कराई है। इसके अलावा इज्तिमागाह पर तैयार किए गए अस्थाई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को तैयार करने के लिए बिछाई गई लाइन के लिए भी कई हिंदू समाज के लोगों ने अपने खेतों से पाइप लाइन गुजारने की जगह दी है।
भोपाल के ईंटखेड़ी के घासीपुरा में इज्तिमा के लिए पिछले 2 महीने से मिनी शहर बसाया जा रहा था। ये 73वां इज्तिमा था। 300 एकड़ से ज्यादा एरिया में बड़े पंडाल बनाए गए थे।
सिर्फ वेज खाना ही मिला:- देश के सबसे साफ शहरों की लिस्ट में भोपाल 6वें पायदान पर है, इसलिए इज्तिमे में सफाई को लेकर सीख दी गई। पिछले 3 दिन तक लोगों को वेज खाना ही दिया गया। 50 रुपए में वेज पुलाव, दाल-चावल, सब्जी-रोटी मिली और 20 रुपए में पाव-भाजी, हलवे का नाश्ता दिया गया। 6 रुपए में पानी की एक लीटर की बोतल और 5 रुपए में चाय (कट) मिली।
बड़ा चार्जिंग पॉइंट बनाया:- इज्तिमा में नगर निगम की फायर टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रही। फायर एक्सपर्ट साजिद खान की मौजूदगी में 40 कर्मचारियों का स्टाफ जुटा रहा। फायर एक्सपर्ट खान ने बताया कि इज्तिमा में बाहर से लोग शामिल हुए। ऐसे में उन्हें मोबाइल चार्ज करने के इंतजाम नहीं मिल पाते, इसलिए बड़ा चार्जिंग पाॅइंट बनाया गया। इसमें एक साथ 100 मोबाइल चार्ज करने की व्यवस्थि रही । वहीं, इमरजेंसी लाइट, 50 अग्निशामक यंत्र, 6 फायर ब्रिगेड, 6 बुलेट फायर, पंप, जनरेटर और गाड़ियों के पंक्चर सुधारने के लिए भी इंतजाम किए गए।
दुनिया के बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक भोपाल का आलमी तब्लीगी इज्तिमा है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में ही इज्तिमा होता है। भोपाल के इज्तिमा में विदेशी जमातें भी शामिल होती रही हैं, लेकिन पहली बार इस साल विदेशी जमातें नहीं आईं। देशभर से ही जमातें आईं।
इज्तिमा में 15 टन चावल बने, पानी की 12 लाख बोतलें बिकीं :- यहां आने वाले लोगों के लंच-डिनर और ब्रेकफास्ट के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए थे। खाने के सारे अरेंजमेंट इस बात को ध्यान में रखकर किए गए हैं कि कोई भूखा न रहे। इस दौरान 2 दिन में 15 टन चावल का पुलाव बना, तो 100 क्विंटल आलू-गोभी, टमाटर, मिर्च, धनिया, बैंगन की सब्जी भी इस्तेमाल हुई शुरुआती दो दिन में ही 12 लाख पानी की बोतलें और 10 लाख कप चाय बिक गई थीं ।

Related Articles

Back to top button