ऋषि सुनक ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे, यह पहली बार होगा कि ब्रिटेन को कोई भारतीय मूल का प्रधानमंत्री मिल रहा है
सुनक ने कहा कि यह उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है
रिपोर्टर : तारकेश्वर शर्मा
ब्रिटेन में चल रही सियासी अस्थिरता सोमवार को समाप्त हो गई. यूके में पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद से ही प्रधानमंत्री की रेस जारी थी. इस दौड़ में तीन लोगों का नाम प्रमुखता के साथ सामने रहा। भारतवंशी ऋषि सुनक, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन और कंजर्वेटिव पार्टी की पैनी मोरडॉन्ट प्रधानमंत्री की रेस में थे लेकिन, जॉनसन ने अपना नाम वापस ले लिया, पैनी मोरडॉन्ट ने खुद ऋषि शुनक को पूरा समर्थन दिया और अब ब्रिटेन के इतिहास में ऐसा पहले बार होगा जब कोई भारतीय वहां की प्रधानमंत्री की कुर्सी को सुशोभित कर रहा होगा।
साल 1922 की कंजर्वेटिव सांसदों की समिति के प्रमुख ने सोमवार को ऋषि सुनक को ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी का अगला नेता घोषित किया। हालांकि ये समिति पार्टी के नेता को चुनने और बदलने के लिए नियम निर्धारित करती है लेकिन सर्वसहमति से ऋषि सुनक को ब्रिटेन की कंजरवेटिव पार्टी का अगला नेता चुन लिया गया है जो ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होंगे।
12 मई 1980 को साउथेम्प्टन जनरल अस्पताल में जन्में ऋषि सुनक के पिता यशवीर सुनक का जन्म केन्या में हुआ था, जबकि उनकी मां ऊषा का जन्म तांगानिका में हुआ था। ऋषि सुनक के दादा-दादी भारत के पंजाब क्षेत्र में पैदा हुए थे और 1960 के दशक में पूर्वी अफ्रीका से ब्रिटेन चले गए थे। उनकी मां ऊषा उस समय साउथेम्प्टन में वेस्टन फार्मेसी की मैनेजर थीं।
बहरहाल, दिवाली के दिन ब्रिटेन को पहला भारतीय, हिन्दू और अश्वेत प्रधानमंत्री मिला है। वर्तमान में ब्रिटेन कई आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा है. लिज ट्रस के इस्तीफे का यही मुख्य कारण भी माना जा रहा है। क्योंकि उन्होंने वायदा किया था कि वो देश में मुद्रास्फीति को काम करेंगी और खाद्य समस्याओं के निदान के लिए दिन रात काम करेंगी।
हालांकि जब उन्होंने अपना ये वायदा पूरा होता नहीं देखा तो नैतिकता के आधार पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। वहीं सरकार के स्तर पर पर सुनक ने, ‘‘ईमानदारी रखने, पेशेवर रवैया अपनाने और जवाबदेह रहने का वादा किया.’’ उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए वह दिन-रात काम करेंगे. अब देखना यह है कि अपने वादों को पूरा करने में ऋषि कितना सफल हो पाते हैं।



