क्राइममध्य प्रदेश

खेल सामग्री खरीदी में मिली अनियमितताएं, जांच में दोषी पाए जाने पर डीपीसी और गैरतगंज बीआरसीसी  निलंबित

रिपोर्टर : संजय द्विवेदी
रायसेन। राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले के प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला में खेल सामग्री खरीदने के लिए बजट अनुसार प्रत्येक शाला प्रभारी को सामग्री खरीदी करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन रायसेन डीपीसी द्वारा अपने स्तर से खरीदी कराकर स्वयं ही अपने चेहते को फायदा पहुंचा कर लाभ लिया गया।
जिसका विगत महीनों पूर्व समाचार पत्रों एवं लिखित शिकायतों के माध्यम से लोक शिक्षण संस्थान में शिकायत की गई थी।
वही मामले में रायसेन जिले के डीपीसी की अनियमितताएं जांच दौरान सही पाई गई और जांच में डीपीसी और गैरतगंज बीआरसी को लोक शिक्षण संस्थान द्वारा निलंबित किया गया है। बतादें कि अगर प्रदेश भर के प्राथमिक शाला और माध्यमिक शालाओं में खरीदी सामग्री की जांच की जाए तो अन्य अधिकारी कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। यह मामला पूरे प्रदेश भर का है जिसमें प्राथमिक शाला और माध्यमिक शाला में खेल सामग्री के लिए 5000 और 10000 की राशि सुनिश्चित की गई थी। वही यह राशि शाला प्रभारी द्वारा सामग्री खरीदना थी लेकिन कहीं ना कहीं डीपीसी और बीआरसी की भी मिलीभगत इसमें देखने को मिली है। अगर सरकार प्रदेश स्तर के उच्च अधिकारी हर एक जिले में इसकी जांच करते हैं तो कई अन्य जिलों की भी मामले उजागर होकर सामने आ सकते हैं।
ऐसा ही मामला रायसेन जिले का सामने आया है जिसमें डीपीसी सीबी तिवारी ने अपने ही द्वारा खरीदी करवा कर मामले को चर्चाओं में बना दिया है। वहीं मामले में दोषी पाए जाने पर उन्हें निलंबित भी कर दिया है साथ ही गैरतगंज ब्लॉक के प्रभारी राकेश सोनी पर भी गाज गिरी है उन्हें भी लोक शिक्षण संस्थान ने निलंबित किया है।
क्या है पूरा मामला:-
खेल सामग्री क्रय किये जाने हेतु प्राथमिक विद्यालय को रूपये 5000 तथा माध्यमिक विद्यालयों को रूपये 10,000 सीधे बैंक खातों में जारी कर निर्देशित किया गया था। कि उक्त खेल सामग्री क्रय करते समय वरिष्ठ कार्यालय से प्रदता निर्देश तथा भण्डार कय नियम एवं वित्तीय धारण सुनिश्चित किए जाए। लेकिन डीपीसी सीबी तिवारी रायसेन द्वारा भण्डार कम नियम एवं वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुये अधीनस्थ जन शिक्षकों के माध्यम से खेल सामग्री की क प्रक्रिया अपनाई गई। संबंधित विद्यालय स्तर पर खेल सामग्री एवं एकल फर्म/ संस्था के देवक प्रस्तुत कराने जैसी कई अनियमितता की गई हैं। वहीं उक्त कृत्य से स्वैच्छाचारिता एवं वित्तीय अनियमितता परिलक्षित होती है। उक्त कृत्य प्रसिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत होकर गंभीर कदाहरण की श्रेणी में आता है। इन्हीं कारणों से सीबी. तिवारी, जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र रायसेन को म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत सत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसीबीच निलंबन अवधि में सीबी तिवारी, का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण भोपाल संभाग भोपाल नियत किया जाता है।
बीआरसीसी राकेश सोनी भी हुए निलंबित
गैरतगंज के शिक्षा विभाग में बीआरसी राकेश सोनी शिकायतों के मामले में चर्चाओं में रहे हैं। ऐसा नहीं है कि सिर्फ खेल सामग्री खरीदी का मामला चर्चा में रहा हो उनके और भी शिकायत के मामले अखबार की सुर्खियों में दर्ज हैं। कहीं शिक्षक को यहां से वहां अटैच करना, शालाओं की कमियों पर पर्दा डालना, वही अपने चहेते शाला प्रभारियों को लाभ पहुंचाना। लेकिन इस बार खेल सामग्री की शिकायत में बीआरसी भी डीपीसी के साथ लपेटे में आ गए। इसी बीच लोक शिक्षण संस्थान भोपाल द्वारा आदेश जारी कर निलंबित कर दिया है। मामले के अनुसार
संचालनालय के पत्र दिनांक 10 मार्च 2021 द्वारा खेल सामग्री क्रय किये जाने हेतु प्राथमिक विद्यालय को रूपये 5000 तथा माध्यमिक विद्यालयों को रुपये 10,000 सीधे बैंक खातों में जारी कर निर्देशित किया गया था। कि उक्त खेल सामग्री कय करते समय वरिष्ठ कार्यालय से प्रदत्तु निर्देश तथा भण्डार कय नियम एवं वित्तीय संधारण सुनिश्चित किये जावे। परन्तु राकेश सोनी, बीआरसी जिला रायसेन द्वारा भण्डार कय नियम एवं वित्तीय नियमो पालन नहीं किया गया तथा अधीनस्थ जन शिक्षकों के माध्यम से खेल सामग्री क्रय की गई। संबंधित विद्यालय स्तर पर खेल सामग्री एवं एकल फर्म/संस्था के देयक प्रस्तुत किये गए। राकेश सोनी के उक्त कृत्य से स्वेच्छाचारिता एवं वित्तीय अनियमितता परिलक्षित होती है। उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होकर गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। इन्ही उक्त कारणों से राकेश सोनी को सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में राकेश सोनी का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण भोपाल संभाग,भोपाल नियत किया जाता है।

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