गेहूं की बोवनी करते समय बीज ढाई से तीन सेंमी गहराई में डालने की किसानों को सलाह
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन । कृषि विज्ञान केंद्र नकतरा केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वप्निल दुबे ने क्षेत्रीय किसानों को गेहूं की बोवनी के बारे में सलाह दी। नकतरा कृषि विज्ञान केंद्र कृषि वैज्ञानिक डॉ दुबे ने किसानों को बताया कि गेहूं की बोवनी सीड ड्रिल से करनी चाहिए। इसमें एक ड्रिल से फर्टिलाइजर और दूसरे से बीज डालना चाहिए। इससे बीज भूमि में ढाई से तीन सेंटीमीटर नीचे तक जाना चाहिए। इसके अलावा गेहूं की फसल में 120 किग्रा नाइट्रोजन और 20 किग्रा. फास्फोरस प्रति हैक्टेयर देना चाहिए। पहली सिंचाई बोवनी के 21 दिन बाद करनी जरूरी है। क्योंकि 21 से 25 दिन की अवधि में गेहूं के पौधे की आधार जड़ बनती है।
समय पर पानी नहीं मिलने की दशा में यह जड़ नहीं बन पाती है। इससे पौधे का फुटान कम होता है और पैदावार 20 से 30 फीसदी तक घट सकता है। जिले की जलवायु के अनुकूल एचआई 1544, एचआई 1531, जीडब्ल्यू 366, जीडब्ल्यू 273, जीडब्ल्यू 322 गेहूं बीज का उपयोग बुवाई में करें। गेहूं बीज उपचार के लिए तीन ग्राम बीटाबैक्स व वाविस्टीन से प्रति किलो बीज के मान से उपचारित करें।



